फेक न्यूज का वाहक न बने मीडिया : हरिनारायणचारी

० योगेश भट्ट ० 
भोपाल। भोपाल के पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्रा का कहना है कि घटनाएं कई बार जैसी दिखती हैं वैसी नहीं होतीं। अक्सर उनकी पड़ताल करने कुछ अलग ही सच उजागर होता है। वस्तुनिष्ठता के बजाए भावनाओं के आधार पर लिखने से चीजें बिगड़ सकती हैं। मिश्रा यहां माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में जनसंचार विभाग द्वारा आयोजित ‘मीडिया और पुलिस’ विषय आयोजित पर संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी, कुलसचिव प्रो. पी. शशिकला, विभागाध्यक्ष प्रो.संजय द्विवेदी मौजूद रहे।
हरिनारायणचारी ने कहा कि तकनीक के कारण अपराध का तरीका बदला है, भौगोलिक सीमाएं भी टूट गयी हैं। ऐसे में सूचना के प्रवाह के विनियमित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि तर्कसंगत ढंग से घटना को न देखें तो जांच की दिशा बदल जाती है। ऐसे में लोगों के जागरूक करने में मीडिया की भूमिका बहुत महत्व की है। उन्होंने बताया की कई बार अपराध को ग्लैमराइज्ड करके दिखाया जाता है। इससे समाज में गलत चलन का खतरा पैदा होता है। 
देखा गया है कि आत्महत्या की खबरों को बढ़ा- चढ़ा कर पेश करने से आत्महत्याओं की संख्या बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टिंग की कसौटी है जनहित और राष्ट्रहित। उनका कहना था कि मीडिया की सक्रियता के चलते कई कानून बदले और कई कानूनों को और कड़ा बनाया गया। इसके साथ ही अनेक मामले मीडिया के दबाव में खुले और सामने आए।
कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने कहा कि लगातार गांवों से शहरों की तरफ पलायन से पुलिस पर दबाव बढ़ा है। पत्रकारिता के विद्यार्थियों पर दुहरा दवाब है कि वे अच्छे नागरिक भी बनें और अच्छे पत्रकार भी। राष्ट्रीय सुरक्षा के सवालों को रिपोर्ट करते समय हमें ध्यान रखना है कि क्या देना और क्या नहीं देना।

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