सड़क सुरक्षा पर रोज़मर्टा ने लॉन्च की कॉमिक बुक
नई दिल्ली, लम्बे समय से सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने वाली कंपनी रोज़मर्टा टेक्नोलॉजीज़ लि ने बच्चों के लिए एक कॉमिक बुक ‘द क्युरियस बंच’ का लॉन्च किया। पुस्तक का अनावरण नई दिल्ली के इंडिया हेबिटेट सेंटर में सड़क सुरक्षा पर आयोजित तीसरे सीआईआई नेशन कॉन्क्लेव के दौरान किया गया। यह लॉन्च रोज़मर्टा की इस अवधारणा को दर्शाता है कि स्थायी सड़क सुरक्षा इस बात पर निर्भर करती है कि हम कम उम्र से ही बच्चों में किस तरह ज़िम्मेदाराना व्यवहार को प्रोत्साहित करते हैं।भारत में सड़क सुरक्षा की चुनौती बेहद गंभीर है। हाल ही के वर्षों में कई प्रयासों के बावजूद सड़क पर होने वाली दुर्घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। इसी के मद्देनज़र, भारत सरकार ने सड़क सुरक्षा के 4 ईः इंजीनियरिंग, एजुकेशन, एनफोर्समेन्ट एवं एमरजेन्सी केयर-पर आधारित व्यापक रणनीति को प्राथमिकता दी है। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि 2030 के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए व्यवस्थित सुधारों, टेक्नोलॉजी के अडॉप्शन को बढ़ावा देने और आम जनता को जागरुक बनाने की ज़रूरत है।
बुनियादी सुविधाएं और कानूनी सुधार लगातार विकसित हो रहे हैं, इसके साथ-साथ सड़क सुरक्षा के दीर्घकालिक परिणामों को सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा बहुत अधिक मायने रखती है। कम उम्र से ही बच्चों को सड़क पर ज़िम्मेदाराना व्यवहार सिखाने से वे अपने परिवारों और समुदायों को प्रभावित करते हैं और सड़क सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
भारत सरकार के आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ 2022 में ही देश में सड़क दुर्घटनाओं में 1.68 लाख मौतें हुईं। सड़क सुरक्षा सिर्फ अनुपालन के बारे में नहीं है; यह सहानुभूति और सामुहिक ज़िम्मेदारी से जुड़ी है। जब एक बच्चा इस बात को समझता है कि रैड लाईड के क्या मायने हैं, या किस तरह हेलमेट उनकी ज़िंदगी बचा सकता है, तब वे न सिर्फ नियमों का पालन करना सीख जाते हैं बल्कि अपने परिवार और समुदाय के लिए सुरक्षा के दूत भी बन जाते हैं।
बुनियादी सुविधाएं और कानूनी सुधार लगातार विकसित हो रहे हैं, इसके साथ-साथ सड़क सुरक्षा के दीर्घकालिक परिणामों को सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा बहुत अधिक मायने रखती है। कम उम्र से ही बच्चों को सड़क पर ज़िम्मेदाराना व्यवहार सिखाने से वे अपने परिवारों और समुदायों को प्रभावित करते हैं और सड़क सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
भारत सरकार के आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ 2022 में ही देश में सड़क दुर्घटनाओं में 1.68 लाख मौतें हुईं। सड़क सुरक्षा सिर्फ अनुपालन के बारे में नहीं है; यह सहानुभूति और सामुहिक ज़िम्मेदारी से जुड़ी है। जब एक बच्चा इस बात को समझता है कि रैड लाईड के क्या मायने हैं, या किस तरह हेलमेट उनकी ज़िंदगी बचा सकता है, तब वे न सिर्फ नियमों का पालन करना सीख जाते हैं बल्कि अपने परिवार और समुदाय के लिए सुरक्षा के दूत भी बन जाते हैं।
‘द क्युरियस बंच’ के ज़रिए हम बच्चों को कम उम्र से ही सड़क सुरक्षा के बारे में जागरुक बनाना चाहते हैं, क्योंकि आज उनके बचपन में बनी आदतें हमारे देश के आने वाले कल की सुरक्षा को सुनिश्चित करेंगी।’’ यह बात रवि कृष्णमूर्थि, ग्रुप प्रेज़ीडेन्ट, रोज़मर्टा टेक्नोलॉजीज़ ने कही ।
रोज़मर्टा ने टेक्नोलॉजी-उन्मुख सिस्टम के ज़रिए भारत के सड़क सुरक्षा मिशन को समर्थन दिया है, जो अनुपालन एवं जवाबदेहिता और ड्राइवर के पारदर्शी मूल्यांकन को सशक्त बनाता है। ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट असेसमेंट और एआई-इनेबल्ड मॉनिटरिंग सॉल्यूशन जैसी पहलें सुरक्षित लाइसेंसिंग और ड्राइविंग के ज़िम्मेदाराना व्यवहार को बढ़ावा देती हैं। द क्यूरियस बंच के लॉन्च के साथ, कंपनी 4 ई फ्रेमवर्क पर अपना फोकस बढ़ा रही है।
रोचक एवं उदाहरण से भरपूर लर्निंग टूल के रूप में डिज़ाइन की गई ‘द क्युरियस बंच’ सरल एवं प्रासंगिक तरीके से सड़क के रोज़मर्रा के उदाहरण प्रस्तुत करती है। इसमें पैदल यात्री की सुरक्षा, स्कूल बस के संचालन, ट्रैफिक सिगनल, हेलमेट एवं सीटबेल्ट का इस्तेमाल जैसी सभी पहलुओं को कवर किया गया है।
-रोड़ सेफ्टी एंड चिल्ड्रन ऐज़ ब्राण्ड अम्बेसडर्स’ के बाद कॉमिक का अनावरण किया गया, जो सुरक्षित समुदायों के निर्माण में बच्चों की भूमिका की पुष्टि करता है।
सीआईआई नेशनल कॉन्क्लेव में नीति निर्माताओं, इन्फ्रास्ट्रक्चर लीडरों, टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों एवं उद्योग जगत के हितधारकों ने हिस्सा लिया तथा 2030 तक सुरक्षित सड़कों के निर्माण के लिए रणनीतियों पर विचार प्रस्तुत किए। ‘द क्युरियस बंच’ का लॉन्च- इंजीनियरिंग, एजुकेशन एवं एनफोर्समेन्ट के संयोजन द्वारा सुरक्षा क स्थायी परिणाम हासिल करने की सम्मेलन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
रोज़मर्टा ने टेक्नोलॉजी-उन्मुख सिस्टम के ज़रिए भारत के सड़क सुरक्षा मिशन को समर्थन दिया है, जो अनुपालन एवं जवाबदेहिता और ड्राइवर के पारदर्शी मूल्यांकन को सशक्त बनाता है। ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट असेसमेंट और एआई-इनेबल्ड मॉनिटरिंग सॉल्यूशन जैसी पहलें सुरक्षित लाइसेंसिंग और ड्राइविंग के ज़िम्मेदाराना व्यवहार को बढ़ावा देती हैं। द क्यूरियस बंच के लॉन्च के साथ, कंपनी 4 ई फ्रेमवर्क पर अपना फोकस बढ़ा रही है।
रोचक एवं उदाहरण से भरपूर लर्निंग टूल के रूप में डिज़ाइन की गई ‘द क्युरियस बंच’ सरल एवं प्रासंगिक तरीके से सड़क के रोज़मर्रा के उदाहरण प्रस्तुत करती है। इसमें पैदल यात्री की सुरक्षा, स्कूल बस के संचालन, ट्रैफिक सिगनल, हेलमेट एवं सीटबेल्ट का इस्तेमाल जैसी सभी पहलुओं को कवर किया गया है।
-रोड़ सेफ्टी एंड चिल्ड्रन ऐज़ ब्राण्ड अम्बेसडर्स’ के बाद कॉमिक का अनावरण किया गया, जो सुरक्षित समुदायों के निर्माण में बच्चों की भूमिका की पुष्टि करता है।
सीआईआई नेशनल कॉन्क्लेव में नीति निर्माताओं, इन्फ्रास्ट्रक्चर लीडरों, टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों एवं उद्योग जगत के हितधारकों ने हिस्सा लिया तथा 2030 तक सुरक्षित सड़कों के निर्माण के लिए रणनीतियों पर विचार प्रस्तुत किए। ‘द क्युरियस बंच’ का लॉन्च- इंजीनियरिंग, एजुकेशन एवं एनफोर्समेन्ट के संयोजन द्वारा सुरक्षा क स्थायी परिणाम हासिल करने की सम्मेलन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


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