संदेश

मई 10, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

‘दिल्ली नालंदा डायलॉग’ दक्षिण अफ्रीका के रंगभेद संघर्ष में भारत बना उम्मीद की आवाज़ : प्रो. अनिल सूकलाल

चित्र
By : YOGESH BHATT,Correspondent,NEW DELHI. नई दिल्ली : नालंदा लिटरेचर फेस्टिवल के अंतर्गत आयोजित “दिल्ली नालंदा डायलॉग 2026” का इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में शुभारंभ हुआ। धनु बिहार द्वारा आयोजित ,कला, संस्कृति एवं भाषा विभाग, दिल्ली सरकार, एवं इंडिया इंटरनेशनल सेंटर द्वारा समर्थित यह संवाद जिसमें देशभर से 100 से अधिक वरिष्ठ सरकारी प्रतिनिधियों, नीति-निर्माताओं, विद्वानों, लेखकों, राजनयिकों, युवा सिविल सेवकों एवं उभरती प्रतिभाओं को एक मंच पर देखा और सुना गया । नालंदा लिटरेचर फेस्टिवल की अध्यक्षा पद्म विभूषण डॉ. सोनल मानसिंह, नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत,प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी , इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के निदेशक के. एन. श्रीवास्तव,प्रोफ़ेसर सिद्धार्थ सिंह , प्रो. सच्चिदानंद जोशी, नालंदा लिटरेचर फेस्टिवल की फेस्टिवल चेयरपर्सन डी. आलिया,डॉ.के महेश. संजय कुमार एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एनएलएफ़ उपस्थित थे। नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने साहित्य को एक ऐसी परिवर्तनकारी शक्ति बताया, जो दुनिया भर के समाजों को प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि भारत की साहित्यिक परंपराएँ उसकी सांस्कृतिक पहचा...

महाराणा प्रताप जयंती और 1857 की क्रांति वर्षगांठ पर शौर्यांजलि कार्यक्रम

चित्र
० आशा पटेल ०  जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि विकसित भारत का हमारा संकल्प विरासत के संरक्षण से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि भौतिक विकास की सार्थकता तभी है जब हम अपनी महान परंपराओं और महापुरुषों के जीवन आलोक से जुड़े रहें। उन्होंने मंगल पांडे, खुदीराम बोस, अनन्त काने और देश के लिए अपना सर्वस्व होम करने वाले स्वाधीनता सेनानियों का स्मरण करते हुए कहा कि आजादी के लिए देशभर से आंदोलन हुए तब देश स्वतंत्र हुआ।  उन्होंने विश्वकवि रविन्द्र नाथ ठाकुर को भी उनकी जयंती पर नमन करते उनके योगदान को याद किया। राज्यपाल बागडे शनिवार को द हिंदू फाउंडेशन, नागपुर द्वारा आयोजित शौर्यांजलि कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम विकसित भारत विरासत के आलोक में महाराणा प्रताप की जयंती और 1857 की क्रांति की वर्षगांठ पर आयोजित किया गया था।  बागडे ने कहा कि महाराणा प्रताप देश के पहले ऐसे स्वाधीनता सेनानी थे जिन्होंने मातृभूमि के लिए संघर्ष ही नहीं किया मुगलों को निरंतर टक्कर भी दी। उन्होंने राणा प्रताप के महान जीवन और उनके चेतक घोड़े से जुड़े प्रेरक अनछुए प्रसंगों को साझा करते हुए कहा ...

हस्तकला बिज़नेस ग्रोथ वर्कशॉप' कारीगरों,महिला उद्यमियों एवं -लघु उद्यमों के लिए तैयार हुआ रोडमैप

चित्र
By Asha Patel, Correspondent जयपुर। राजस्थान चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री,एम.आई. रोड के सभागार में आयोजित "MSME-हस्तकला बिज़नेस ग्रोथ वर्कशॉप" में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. के.एल. जैन (अध्यक्ष, RCCI) ने कारीगरों, महिला उद्यमियों एवं MSME संचालकों को सम्बोधित करते हुए स्थानीय हुनर को वैश्विक मंच तक पहुँचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में वाई.एन. माथुर (कार्यकारी निदेशक, RCCI), त्रिलोक चंद (सेवानिवृत्त उप-आयुक्त, उद्योग ), गिरीश शर्मा (उप-निदेशक, MSME), हिमांशु जोशी (AC, DIC), रजत वर्मा (सहायक निदेशक, DCH सीतापुरा), बृजेश मीणा (LDM, SBI) एवं ज्योत्स्ना चौहान (शाखा प्रबंधक, नारी शक्ति शाखा, यूनियन बैंक) की उपस्थिति रही। चेम्बर की चेयरपर्सन चांदनी जग्गा एवं सोनिका मेहरवाल ने भी कार्यक्रम में भागीदारी दर्ज कराई। आयोजक संस्थाओं की ओर से हिमानी जॉली (मैत्रेय ऑर्गनाइज़ेशन) एवं संपति कुमावत (एकता आर्ट एंड क्राफ्ट संस्थान) ने अतिथियों का स्वागत किया।  इस अवसर पर रोनक गुप्ता, धीरज गुप्ता, मनोज मुरारका, मनोज कुमार, तथा विशाल तिवारी एवं अक्षय तिवारी सहित अनेक उद...

अकेलेपन से बढ़ रही है मानसिक स्वास्थ्य विकार मनोरोग विशेषज्ञों ने बताये उपाय

चित्र
० आशा पटेल ०  जयपुर। इंडियन एसोसिएशन ऑफ सौशियल साईकेट्री की मिड टर्म सीएमई 2026, जयपुर के झालाना स्थित आरआईसी में शुरू हुई। सीएमई का उद्घाटन एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. दीपक माहेश्वरी ने किया। इस अवसर पर राजस्थान हॉस्पिटल एवं स्वास्थ्य कल्याण ग्रुप के चेयरमैन डॉ. एस एस अग्रवाल गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में उपस्थित रहे।  उन्होंने कहा कि शहरीकरण, डिजिटल निर्भरता और सामाजिक अलगाव ने मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डाला है, जिससे आधुनिक समाज में चिंता, अवसाद और अकेलेपन जैसे मानसिक स्वास्थ्य विकारों की बढ़ती व्यापकता में योगदान हुआ है। मानसिक रूप से, मजबूत सामाजिक बंधन तनाव, चिंता और अवसाद के स्तर को कम करने, नींद में सुधार लाने और जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता को बढ़ाना जरुरी हैं । इसके अलावा, खुशी, आत्म-सम्मान, सहानुभूति, स्वस्थ खानपान और शारीरिक गतिविधि सभी संतोषजनक सामाजिक संबंधों में पनपते हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि मानसिक विकार ऐसी स्थितियाँ हैं जो आपके विचारों, भावनाओं और व्यवहार को प्रभावित करती हैं। अवसाद, चिंता और सिज़ोफ्रेनिया जैसे 200 से अधिक प...