हस्तकला बिज़नेस ग्रोथ वर्कशॉप' कारीगरों,महिला उद्यमियों एवं -लघु उद्यमों के लिए तैयार हुआ रोडमैप

By Asha Patel,Correspondent
जयपुर। राजस्थान चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री,एम.आई. रोड के सभागार में आयोजित "MSME-हस्तकला बिज़नेस ग्रोथ वर्कशॉप" में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. के.एल. जैन (अध्यक्ष, RCCI) ने कारीगरों, महिला उद्यमियों एवं MSME संचालकों को सम्बोधित करते हुए स्थानीय हुनर को वैश्विक मंच तक पहुँचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में वाई.एन. माथुर (कार्यकारी निदेशक, RCCI), त्रिलोक चंद (सेवानिवृत्त उप-आयुक्त, उद्योग ), गिरीश शर्मा (उप-निदेशक, MSME), हिमांशु जोशी (AC, DIC), रजत वर्मा (सहायक निदेशक, DCH सीतापुरा),
बृजेश मीणा (LDM, SBI) एवं ज्योत्स्ना चौहान (शाखा प्रबंधक, नारी शक्ति शाखा, यूनियन बैंक) की उपस्थिति रही। चेम्बर की चेयरपर्सन चांदनी जग्गा एवं सोनिका मेहरवाल ने भी कार्यक्रम में भागीदारी दर्ज कराई। आयोजक संस्थाओं की ओर से हिमानी जॉली (मैत्रेय ऑर्गनाइज़ेशन) एवं संपति कुमावत (एकता आर्ट एंड क्राफ्ट संस्थान) ने अतिथियों का स्वागत किया।

 इस अवसर पर रोनक गुप्ता, धीरज गुप्ता, मनोज मुरारका, मनोज कुमार, तथा विशाल तिवारी एवं अक्षय तिवारी सहित अनेक उद्यमी उपस्थित रहे। इस कार्यशाला में 150 से अधिक महिला उद्यमी एवं हस्तकला कारीगर सहित विभिन्न MSME इकाइयों के प्रतिनिधियों ने भागीदारी दर्ज कराई, जो आयोजन को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में स्थापित करता है।

अध्यक्षीय उद्बोधन में मुख्य अतिथि डॉ. के.एल. जैन ने कहा "राजस्थान का कारीगर हुनर में किसी से कम नहीं, परंतु सरकारी योजनाओं और निर्यात प्रक्रिया की जानकारी के अभाव में वह वैश्विक बाजार से वंचित रह जाता है। RCCI ऐसी कार्यशालाओं के माध्यम से इसी सूचना-अंतराल को पाटने का प्रयास करता रहेगा।" उन्होंने प्रतिभागियों को आश्वस्त किया कि RCCI की समस्त सेवाएँ हस्तकला उद्यमियों के लिए सुलभ रहेंगी।

 इस कार्यशाला को पाँच खंडों में विभाजित किया गया। प्रथम सत्र में 13 अनिवार्य MSME रजिस्ट्रेशन — उद्यम, GST, IEC, GeM, ट्रेडमार्क, FSSAI एवं GI टैग सहित की सम्पूर्ण प्रक्रिया दस्तावेज़ों के साथ समझाई गई। द्वितीय सत्र में 25 राष्ट्रीय एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल्स का परिचय कराया गया।

 रजत वर्मा ने सीतापुरा रीको औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित EPCH हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्टिविटी सेंटर की 4,000 वर्गमीटर परीक्षण-प्रशिक्षण सुविधा का विस्तृत परिचय दिया। साथ ही उद्योग भवन, सी-स्कीम स्थित राजस्थान एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (REPC) के "निर्यातक बनो" कार्यक्रम पर भी प्रतिभागियों का ध्यान आकर्षित किया गया।

 गिरीश शर्मा एवं हिमांशु जोशी ने राजस्थान सरकार की आठ प्रमुख नीतियों राजस्थान निर्यात संवर्धन नीति, टेक्सटाइल पॉलिसी एवं ODOP पर प्रकाश डाला। बृजेश मीणा ने एसबीआई की MSME ऋण-योजनाओं तथा ज्योत्स्ना चौहान ने यूनियन बैंक की महिला-उद्यमियों हेतु नारी शक्ति योजना की जानकारी प्रदान की। केंद्र की पाँच प्रमुख योजनाएँ डॉ. भीमराव अंबेडकर हस्तशिल्प विकास योजना, पीएम विश्वकर्मा, मुख्यमंत्री युवा संबल योजना, PMEGP एवं नारी शक्ति योजना पर भी पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया का व्यावहारिक विवरण दिया गया।

 आयोजक संस्थाओं की ओर से हिमानी जॉली एवं संपति कुमावत ने स्पष्ट किया कि कार्यशाला केवल एक-दिवसीय सूचना-कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगी। REPC, EPCH सीतापुरा एवं स्थानीय मार्केटिंग टीम के माध्यम से प्रतिभागियों को आगामी सप्ताहों तक हैंडहोल्डिंग सहायता प्रदान की जाएगी। प्रतिभागियों को "कल से क्या करना है" का स्पष्ट पाँच-चरणीय रोडमैप भी सौंपा गया। 

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