अनाथालय से लेकर पौधारोपण तक,आये फाइनेंस का समाजिक कार्यों में योगदान

अपनी स्थापना से लेकर अब तक 6 वर्षों में आये फाइनेंस छोटे उद्यमियों के लिए फाइनेंस की सुविधा को सरल बनाते हुए सभी को समान अवसर प्रदान करने का प्रयास किया है। कंपनी ने इंडस्ट्री-क्लस्टर तरीका अपनाया और कई एल/एमएल मॉडल के माध्यम से 173 शहरों में 2 लाख से ज्यादा उद्यमियों के लिए बदलाव लाया है।



नई दिल्ली : छोटी कंपनियों को फाइनेंस उपलब्ध करवाने वाले आये फाइनेंस के 3000 से ज्यादा कर्मचारियों ने संस्थान के मूल सिद्धांत ‘सामाजिक सरोकार’ का अनुसरण करते हुए 6वां स्थापना दिवस मनाया। यह कैपिटलजी द्वारा समर्थित फिनटेक कंपनी है। आये फाइनेंस की सभी 173 ब्रांच, 3 रीजनल ऑफिस और हेड ऑफिस ने स्थापना दिवस के अवसर पर समाज और पर्यावरण में सुधार के लिए सप्ताह के प्रत्येक दिन  किसी न किसी सामाजिक गतिविधि में भाग लिया।


इस मौके पर ब्रांच के कर्मचारियों ने वृद्धा आश्रम जाकर न सिर्फ समय बिताया बल्कि आसपास की साफ-सफाई भी की ताकि वहां का वातावरण स्वच्छ रहे। दिव्यांग और गरीब तबकों के बच्चों के साथ समय बिताया। इसके अलावा बेघरों को कपड़े बांटने, पौधारोपण, स्कूल में फर्नीचर, स्कूल बैग और स्टेशनरी दान करने, अनाथालयों में भोजन व कपड़े उपलब्ध करवाने और ग्रामीण क्षेत्रों में मुफ्त हेल्थ चेकअप कैंप लगाने जैसे सामाजिक कार्य किए। हेड ऑफिस के कर्मचारियों ने किलकारी अनाथालय की लड़कियों के लिए प्ले ग्राउंड  रेनोवेट करने के प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी ली। रेनोवेशन पूरा होने पर ‘आये’ के कर्मचारियों ने 130 लड़कियों के लिए नए पार्क में स्पोर्ट्स डे का आयोजन भी किया। अब इस पार्क का मेंटेनेंस आये की सेक्शन 8 कंपनी फेम (फाउंडेशन फॉर एडवांसमेंट ऑफ माइक्रोफाइनेंस) द्वारा किया जाएगा।


स्थापना दिवस के अवसर पर बात करते हुए आये फाइनेंस के एमडी और संस्थापक संजय शर्मा ने कहा कि “आये एक साथ दो पहलुओं पर काम कर रही है। जहां एक तरफ यह अच्छे बिज़नेस को बढ़ावा दे रही है, वहीं दूसरी तरफ समाज में बदलाव लाने व आर्थिक असमानता में परिवर्तन लाने का प्रयास कर रही है। और मैं मानता हूं कि हमारे 6वें स्थापना दिवस में सामाजिक सरोकार के काम करने से अच्छा कोई और सेलिब्रेशन नहीं  हो सकता है। मैं ऐसी टीम का लीडर होने पर गर्व महसूस करता हूं, जिन्होंने निस्वार्थ भाव से ऐसे कई काम किए हैं। यह न सिर्फ टीम की क्षमता को दिखाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि इनका दिल कितना बड़ा है।”


आये ने पिछले वर्ष अप्रैल में बृज मोहन, जिन्हें भारत में माइक्रो इंटरप्राइज लेंडिग का पायनियर भी कहा जाता है, के चेयरमैनशिप में ‘फेम’ की स्थापना की थी। इस गैर लाभकारी संस्था ने छोटे उद्यमियों और डेयरी किसानों के साथ मिलकर मेरठ में कुछ प्रोजेक्ट शुरू किए, जिनका फोकस ऐसे जमीन से जुड़े बिज़नेस को बढ़ावा देना था। आने वाले समय में ‘फेम’ उत्तर प्रदेश और हरियाणा में छाटे उद्यमियों और डेयरी किसानों के साथ मिलकर प्रोजेक्ट पर काम करेगा।


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