रोज़गार ऐप "श्रमिक बंधु" प्रवासी एवं दिहाड़ी मजदूरों को काम ढूंढने में मदद करेगा

श्रमिक बंधु कर्मचारियों और नियोक्ताओं के लिए निःशुल्क मार्केटप्लेस होगा, जहां वे ज़रूरत, लोकेशन और अनुभव के अनुसार नौकरी ढूंढ सकेंगे या ज़रूरतमंदों को नौकरी दे सकेंगे। श्रमिकों को इस ऐप पर अपना प्रोफाइल-नाम, फोन नंबर, जन्म दिनांक, आधार नंबर और वैरिफिकेशन विवरण (राशन कार्ड/ वोटर आईडी/ लाइसेंस नंबर) देना होगा। इसके बाद वे टेक्स्ट या वीडियो के रूप में अपना रेज़्यूमे अपलोड कर सकते हैं और नियोक्ता अपनी ज़रूरत के अनुसार उनका चयन कर सकता है। यह ऐप अंग्रेज़ी और हिंदी भाषा में उपलब्ध है। इसे गूगल ऐप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। 



नई दिल्ली : कोविड-19 महामारी ने भारतीय रोज़गार की स्थिति को पूरी तरह बदल दिया है। देश में तकरीबन 40 मिलियन लोगों को लॉकडाउन के चलते अपनी नौकरी खोनी पड़ी, बड़ी संख्या में भारतीय आबादी की आजीविका पर इसका बुरा असर पड़ा है। लॉकडाउन के प्रतिबंधों के हटने के साथ, धीरे धीरे सभी कार्यस्थलों ने अपना संचालन फिर से शुरू कर दिया, किंतु बहुत से प्रवासी और दिहाड़ी मजदूर अपने लिए सही नौकरी की तलाश में जूझ रहे हैं, ताकि वे अपनी आजीविका चला सकें। 


इन मजदूरों की मदद के लिए दिल्ली केे एक उद्यमी एवं प्रकृति ई-मोबिलिटी के सह-संस्थापक विकास बंसल ने पृषिटेक के डायरेक्टर शैलेश डंगवाल के साथ मिलकर सीएसआर गतिविधि के तहत देश के कुशल एवं अकुशल श्रमिकों के लिए एक ऐप ‘श्रमिक बंधु’ का लॉन्च किया है। यह ऐप मैनुफैक्चरिंग, निर्माण, अस्पताल, परिधान, चमड़ा, विद्युत, स्टील और ऑटोमोबाइल सेक्टरों में कई श्रेणियां पेश करता है। श्रमिक कौशल में कारपेंटर, मैसन, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, डोमेस्टिक हेल्प, गार्डनर, ड्राइवर आदि शामिल हैं। यह ऐप देश भर में उपलब्ध होगा और महामारी के इस दौर में लोगों को अपने लिए अनुकूल रोज़गार पाने में मदद करेगा। विकास बंसल पहले से तकरीबन 1000 लोगों को अपने मौजूदा वेंचर्स में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां दे चुके हैं।


‘एक ऐसा प्लेटफॉर्म पेश करते हुए हमें बेहद खुशी का अनुभव हो रहा है जो उन लोगों के लिए मददगार होगा जो दिन रात हमारे लिए काम करते हैं। इस महामारी ने सब कुछ बदल दिया है, हर किसी के जीवन पर असर पड़ा है। ऐसे में ज़रूरी है कि इस मुश्किल समय में हम एक जुट होकर समाज और लोगों के कल्याण के लिए काम करें। मजदूरों को विभिन्न श्रेत्रों जैसे निर्माण, परिवहन, कृषि, होटल आदि में कंपनियों के साथ जोड़ना इसका मुख्य उद्देश्य है। यह ऐप श्रमिकों को उनके कौशल और लोकेशन के अनुसार रोज़गार पाने में मदद करेगा, इससे कंपनियों में भी मैनपावर की कमी को दूर किया जा सकेगा। मैं अपने टेक्नोलॉजी पार्टनर, पृषिटेक के डायरेक्टर शैलेश डंगवाल के प्रति आभारी हूं, जिनकी मदद से ही यह संभव हो पाया है।’ विकास बंसल, दिल्ली के उद्यमी एवं प्रकृति ई-मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड के सह-संस्थापक ने कहा।


 


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

स्पेशल ओलंपिक्स यूनिफाइड बास्केटबॉल 3x3 वर्ल्ड कप भारत ने जीता ब्रॉन्ज मेडल

महामना मालवीय मिशन,जयपुर द्वारा मालवीय जयंती मनाई

कृष्ण चंद्र सहाय स्मृति समारोह : सवाई सिंह को सहाय स्मृति सम्मान

वरिष्ठ पत्रकार कानाराम कड़वा और कमलेश गोयल को पत्रकारों ने दी श्रद्धांजलि

डॉ. नरेन्द्र शर्मा ‘कुसुम’ कृत ‘खूब लड़ी मर्दानी’ अंग्रेजी रूपान्तरण का लोकार्पण

पुणे ग्रैंड टूर 2026 भारत की पहली अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग रोड रेस की शुरुआत

एमएनआईटी जयपुर एल्युमिनी एसोसिएशन ने किया गोल्डन जुबली व सिल्वर जुबली बैच के पूर्व छात्रों का सम्मान