भारत में सभी बीमा कार्यालयों में अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (CMD) के केबिन के समक्ष अर्धदिवसीय धरना

० योगेश भट्ट ० 

नयी दिल्ली - PSGI Cos में कार्यरत 50 हज़ार से अधिक कर्मचारियों और अधिकारियों ने देश भर के सभी पांच PSGI कंपनियों के CMDs तथा सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के प्रभारियों के समक्ष अर्धदिवसीय धरना दिया। चूंकि (GIPSA) जनरल इंश्योरेंस पब्लिक सेक्टर एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने बेहतर वेतनमान संशोधन की पेशकश नहीं की जोकि 01.08.2017 से देय है। अतः 22.06.2022 को सभी चेक ऑफ यूनियनों/संघों के प्रतिनिधियों के साथ यह वार्ता विफल हो गई थी। कर्मचारी और ट्रेड यूनियनों और संघों के संयुक्त मोर्चा के बैनर तले सभी अधिकारी और कर्मचारी दिनांक 11.07.2022 को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल कर इस आंदोलन कार्यक्रम को आगे और अधिक तेज करेंगे।

अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस की महासचिव कॉमरेड अमरजीत कौर व अन्य नेता आज अर्धदिवसीय धरने पर बैठे। कॉमरेड अमरजीत कौर ने PSGI कंपनियों में अधिकारियों और कर्मचारियों की उनकी जायज मांगों के लिए सभी संघर्षरत कर्मचारियों को बधाई दी और अपनी एकजुटता को बढ़ाया। उन्होंने आगे घोषणा की कि देश के प्रमुख 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियन और विभिन्न अखिल भारतीय संघ सभी PSGI कंपनियों में कर्मचारियों और अधिकारियों की वाजिब मांगों के समर्थन में माननीय वित्त मंत्री को पत्र लिखेंगे और इस संबंध में जल्दी ही एक प्रेस विज्ञप्ति भी जारी करेंगे।

पीड़ित PSGI कंपनी के समस्त कर्मचारी एवं अधिकारी वेतनमान संशोधन के तत्काल समाधान की मांग कर रहे हैं जोकि दिनांक 1 अगस्त 2017 से लंबित है। वे NPS में 14% का योगदान, बिना किसी सीमा के परिवार पेंशन में सुधार @ 30% वृद्धि, वर्ष 1995 की पेंशन योजना सभी के लिए, पेंशन में अद्यतनीकरण, निजीकरण का विरोध एवं सभी PSGI कंपनियों के विलय की भी मांग कर रहे हैं। इससे पहले जिप्सा प्रबंधन ने 22.06.2022 को हुई बैठक में वेतन में मामूली वृद्धि की पेशकश की थी जिसे सभी चेक्ड ऑफ एसोसिएशनों ने एक सिरे से खारिज कर दिया था और बीमा क्षेत्र में समानता बनाए रखते हुए LIC के समतुल्य वेतनमान बढ़ोत्तरी की मांग की।

 PSGI कंपनियों ने भारत सरकार को हजारों करोड़ लाभांश के रूप में दिया है और भारत सरकार द्वारा समय-समय पर लॉन्च की गई सभी सामाजिक योजनाओं को प्रभावी रूप से क्रियान्वित कर रहे हैं। पिछले 5 वर्षों में ऐसी सामाजिक योजनाओं के तहत लगभग 15 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक दावा राशि के रूप में भुगतान किया गया है। इसके अलावा सभी PSGI कंपनियों द्वारा पिछले 5 वर्षों में अर्जित GST और भुगतान की गई राशि लगभग 57 हज़ार करोड़ रुपए है। कोविड-19 महामारी के दौरान कोरोना योद्धा के रूप में समस्त PSGI कार्यबल ने अर्थव्यवस्था और समाज की सेवा की है। कोविड -19 के कारण इस अवधि के दौरान सैकड़ों, 500 से भी अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों तथा उनके परिवार के सदस्यों की जान चली गई।

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