लेखन के लिए अपनी भाषा विकसित करनी होगी - विनोद भारद्वाज

० अशोक चतुर्वेदी ० 
जयपुर l वरिष्ठ पत्रकार, चित्रकार और लेखक विनोद भारद्वाज ने लेखकों का आह्वान किया है कि उन्हें अपनी भाषा को विकसित करना होगा तभी अच्छे लेखक और साहित्यकार बनेंगे l लेखन में बिना पढ़े कुछ हासिल नहीं होता l भारद्वाज राजस्थान मीडिया एक्शन फोरम के कार्यक्रम "लेखक की बात" में फोरम के अध्यक्ष अनिल सक्सेना के सवालों का जवाब दे रहे थे l उन्होंने कहा कि साहित्य की तरफ मेरा झुकाव बचपन से था, उसी का फल है कि आज कुछ लिख रहा हूं।
 एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि तुलसीदास को भारतीय जनमानस से अलग नहीं कर सकते l तुलसीदास के बाद अगर कोई अन्य जनमानस पर छाया है तो वह है मशहूर शायर और लेखक मिर्जा गालिब l इस पर पुस्तक लिखने में मुझे 8 वर्ष लगे । तब यह पुस्तक प्रकाशित हुई l उन्होंने बताया कि राजस्थान के बारे में मैं एक उपन्यास लिख रहा हूं । जिस पर 250 पेज लिख चुका हूं। उपन्यास इस तरह से लिखना चाहता हूं, कि उसे पढ़ने में पाठक की रुचि बढ़े। एक अन्य सवाल के जवाब में भारद्वाज ने कहा कि गांधी पर लिखने का मुझे खूब अवसर मिला और मैंने गांधी को खूब पढ़ा।

 उन्होंने बताया कि गांधी पर खान अब्दुल गफ्फार खान, अमेरिकन राइटर हॉमर ने भी लिखा लेकिन गांधी पर चार्ली चैपलिन ने जो लिखा वह पढ़ा जाना चाहिए । उन्होंने गांधी से सवाल किया था कि आप मशीनों के विरोधी क्यों हैं, तब गांधी ने कहा कि मैं ब्रिटिश एंपायर का विरोधी हूं। जिन्होंने मशीनों के जरिए हमें गुलाम बनाया ।

फोरम के अध्यक्ष अनिल सक्सेना के प्रश्न पर कि लेखन के बाद आर्ट के लिए आप समय कैसे निकालते हैं? उन्होंने कहा कि लेखन से जब ऊब जाता हूं, तो मैं स्केच, मेडिटेशन पर पेंटिंग बनाता हूँ। पेंटिंग बनाते समय अमीर खान साहब, पंडित भीमसेन जोशी और जसराज जैसे गायकों को सुनते हुए अपनी पेंटिंग्स बनाता हूं । कब पेंटिंग्स में सुरों की महक और मिठास घुल जाती है और मुझे पता नहीं चलता पेंटिंग कब पूरी हो जाती है ।उन्होंने पत्रकारिता के बारे में कहा लेखक पत्रकार को साहित्य से तो ताल्लुक रखना ही होगा, तभी उनकी लेखनी में निखार आएगा और अच्छे शब्दों का चयन कर सकेंगे । उनके मतानुसार आज की पत्रकारिता में तकनीक बहुत आई है लेकिन वैल्यू सिस्टम कमजोर हुआ है। अभी तो पत्रकारिता में काफी बदलाव आना बाकी है ।

कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण छाबड़ा, मुख्यमंत्री के सलाहकार फारुख आफरीदी, मशहूर शायर लोकेश कुमार सिंह "साहिल", वरिष्ठ जनसंपर्क कर्मी लक्ष्मण बोलिया, पत्रकार दीपक गोस्वामी ने विनोद भारद्वाज के बारे में अपने विचार रखे । उन्होंने कहा कि लेखन अनूठा कार्य है, लेखन में पकड़ जरूरी है। युवा लेखक पत्रकार को इनसे प्रेरणा मिलेगी और उनकी लेखनी में सुधार होगा ।प्रारंभ में डॉक्टर ममता जोशी ने वरिष्ठ पत्रकार लेखक विनोद भारद्वाज का परिचय दिया ।इस अवसर पर साहित्यकार, लेखक पत्रकार, कवि एवं प्रबुद्धजन उपस्थित थे । कार्यक्रम का संचालन कवि किशोर पारीक ने किया तथा फोरम के वरिष्ट उपाध्यक्ष एवं प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष राधारमण शर्मा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया ।

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