पत्रकार रामगोपाल जाट ने लगाए पुलिस पर अपहरण एवं अवैध हिरासत में रखने का आरोप

० आशा पटेल ० 
जयपुर : पिंकसिटी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में वरिष्ठ पत्रकार रामगोपाल जाट ने पुलिस पर बदसलूकी, अपहरण और गैर कानूनी कार्यवाही करने का आरोप लगाया है । पत्रकार रामगोपाल जाट के अनुसार 19 फरवरी को एक दर्जन से अधिक लोगों ने जबरन उनके घर में घुसकर गाली-गलौच की, मोबाइल छीन लिया, परिजनों के साथ बदसलूकी की और उनका अपहरण कर लिया। सादा वर्दी में आए लोगों ने खुद को पुलिस वाले बताया, जबकि अलग-अलग थानों के होने की बात कही, कोई आई कार्ड नहीं दिखाया। 
उनका मोबाइल छीन लिया, चप्पल तक नहीं पहनने दीं। घर से उठाने के बाद एक किलोमीटर तक पैदल ले जाकर गाड़ी में बैठाया और दूसरे रास्ते से सांगानेर सदर थाने ले गये, जहां एक रजिस्टर में नाम की एंट्री करने के बाद सादा वर्दी वाले चार जनों के साथ भेज दिया गया। वो लोग निजी वाहन से कमिश्नरेट ले गये, जिसे संजय कुमार नामक व्यक्ति चला रहे थे। साइबर थाने में खुद को एसीपी चंद्रप्रकाश चौधरी बताने वाले से परिचय करवाया, जो शॉर्ट और टी शर्ट में बैठे थे। इस दौरान एक नोटिस जैसे कागज पर जबरन साइन करवाए गये, उसे पढ़ने नहीं दिया। सीएमओ के अधिकारियों और सीएम भजनलाल शर्मा के करीबी लोगों का नाम लेने का दबाव बनाया। 

 खबरें लिखने से रोकने का दबाव बनाया। मोबाइल के पासवर्ड बदल दिये। उसके बाद से आज दिन तक हर दिन मोबाइल से अवैध गतिविधियां की जा रही हैं, जबकि लीगल रूप से 20 तारीख को ही मोबाइल को सीज किया जा चुका है। रामगोपाल ने कहा है कि सीएम शर्मा को ऐसे अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्यवाही करनी चाहिए और मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए। पत्रकारों के साथ आए दिन होने वाले इस तरह के घटनाक्रम पर रोक लगनी चाहिये। सरकार को चाहिए कि पत्रकार सुरक्षा कानून बनाए और ऐसा करने वाले पुलिस वालों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की जाए। 

चंद्रप्रकाश चौधरी द्वारा धमकी दिए जाने को लेकर रामगोपाल ने कहा है कि उनको व उनके परिवार को सुरक्षा दी जाए। सरकार सुरक्षा मुहैया करवाए। इन पुलिस वालों, उनसे संबंधित गुंडा तत्वों से उनको व परिजनों को जान का खतरा है। उन्होंने चंद्रप्रकाश चौधरी और उनके साथियों पर कानूनी कार्यवाही करने का दावा किया है। रामगोपाल जाट के अलावा उनके छोटे भाई पत्रकार महेश चौधरी ने भी प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उल्लेखनीय है पत्रकार रामगोपाल जाट सियासी भारत नाम से एक यू—ट्यूब चैनल भी चलाते हैं ।

सतपक्ष पत्रकार मंच की ओर से अध्यक्ष अनिल यादव ने पत्रकारों के साथ लगातार हो रही दुर्भावनापूर्ण कार्यवाहीयों की तीव्र निंदा की है, यादव ने कहा है कि रामगोपाल जाट दुर्भावना का पहला मामला नहीं है इससे पूर्व पत्रकार हरीश गुप्ता एवं रोहित जायसवाल के साथ भी इस तरह का प्रयास किया जा चुका है । अनिल यादव ने इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा के मध्यनजर सरकार को अविलम्ब पत्रकार सुरक्षा के संबंध में कानून निर्माण करना चाहिए ।

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