मच्छर भगाने वाले प्रॉडक्ट का सुरक्षित और सही तरीका

० संवाददाता द्वारा ० 
मुंबई : डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी मच्छर जनित बीमारियां आज भी गंभीर स्वास्थ्य जोखिम बनी हुई हैं। खासकर छोटे बच्चों के लिए, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अभी विकसित हो रही होती है। मानसून के आगमन के साथ इन बीमारियों का खतरा और बढ़ जाता है। अधिकतर घरों में मच्छरों से बचाव के लिए रिपेलेंट्स का सहारा लिया जाता है, लेकिन इन्हें लेकर अब भी बहुत भ्रम है। कुछ लोग इनका सही तरीके से इस्तेमाल नहीं करते, तो कुछ पूरी तरह से इनसे बचते हैं। अक्सर गलतफहमियों या सुरक्षा को लेकर चिंता के कारण। आज जब एयरोसोल, लिक्विडवेपोराइज़र और अगरबत्ती जैसे कई विकल्प उपलब्ध हैं, तो यह जानना जरूरी है कि इन्हें सुरक्षित तरीके से कैसे चुनें और उपयोग करें, खासकर बच्चों वाले घरों में।

मच्छर भगाने वाले अलग-अलग उत्पाद अलग परिस्थितियों में काम आते हैं। अगर मच्छरों की संख्या अधिक हो और तुरंत राहत चाहिए, तो एयरोसोलस्प्रे त्वरित असर दिखाते हैं। इन्हें खाली कमरों में, खासकर शाम के समय, छिड़कना बेहतर होता है। रातभर की लगातार सुरक्षा के लिए, जब बच्चे सबसे अधिक संवेदनशील होते हैं। लिक्विडवेपोराइज़र बेहतर विकल्प हैं। प्रत्येक उत्पाद का सही समय पर उपयोग करने से सुरक्षा भी बनी रहती है और जोखिम भी कम होता है।

HIT जैसे एयरोसोलस्प्रे प्रभावी हो सकते हैं, लेकिन इन्हें सही तरीके से उपयोग करना जरूरी है। इन्हें हमेशा खाली कमरे में छिड़कें और तुरंत कमरे से बाहर निकल जाएं। वापस अंदर जाने से पहले कम से कम 15–20 मिनट रुकें। कभी भी इन्हें बिस्तर, खाने के सामान या बच्चों के खेलने के स्थान के पास न छिड़कें। शिशु या छोटे बच्चों के घर में यह सावधानी और भी जरूरी है, क्योंकि वे वायुजनित रसायनों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। 

हमेशा सेंट्रल इंसेक्टिसाइड बोर्ड एंड रजिस्ट्रेशन कमेटी (CIBRC) द्वारा अनुमोदित उत्पादों का ही उपयोग करें। ऐसे उत्पाद सुरक्षा और प्रभावशीलता के कई परीक्षणों से गुजर चुके होते हैं। इनके पैक पर CIBRC नंबर लिखा होता है। बाज़ार में कई विश्वसनीय ब्रांड उपलब्ध हैं, जैसे कि गुडनाइट का लिक्विडवेपोराइज़र, जो बच्चों सहित सभी के लिए सुरक्षित है और CIBRC द्वारा स्वीकृत है।

सर्वश्रेष्ठ परिणाम के लिए वेपोराइज़र को सोने से 30 मिनट पहले अच्छी तरह हवादार कमरे में चालू करें, खिड़की या दरवाज़ा थोड़ा खुला रखें। सुनिश्चित करें कि डिवाइस ऐसे सॉकेट में लगा हो जो बच्चों की पहुंच से दूर हो। नए अणुओं जैसे रेनोफ्लूथ्रिन वाले वेपोराइज़र चुनें, जो भारत में विकसित हुआ है और आज के सबसे प्रभावी विकल्पों में से एक माना जाता है। कोई भी फॉर्मेट चुनें, लेकिन उसका सही तरीके से संग्रहण जरूरी है। रिपेलेंट्स को बच्चों की पहुंच से दूर, किसी ऊँचे स्थान या लॉक में रखें। बच्चों को कभी भी इन उत्पादों को छूने या खेलने न दें। जब उपयोग में न हों, तो उपकरणों को अनप्लग करें और उन्हें सीधा रखें ताकि लीक या दुर्घटनाएँ न हों।

कंफर्ट, रिलैक्स, स्लीपवेल, जस्टरिलैक्स, रिलीफ, या नेचुरलरिलैक्स जैसे नामों से बिकने वाली अनियंत्रित अगरबत्तियों से सावधान रहें। इनमें अक्सर अवैध रूप से आयातित और अस्वीकृत रसायन होते हैं। ये सस्ती लग सकती हैं, लेकिन इनमें गुणवत्ता नियंत्रण का अभाव होता है और ये स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकती हैं। इसके बजाय, ऐसे ब्रांड चुनें जो CIBRC द्वारा स्वीकृत हों ताकि सुरक्षा और प्रभावशीलता दोनों सुनिश्चित की जा सके।

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