दिल्ली में इशारा अंतर्राष्ट्रीय कठपुतली थिएटर फेस्टिवल : कठपुतली कला का अद्भुत होगा आयोजन

० योगेश भट्ट ० 
नई दिल्ली : इशारा अंतर्राष्ट्रीय कठपुतली थिएटर फेस्टिवल का 22वां संस्करण 13 से 22 फरवरी तक इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान दुनिया भर से आई असाधारण कठपुतली प्रस्तुतियों का मंचन होगा। यह फेस्टिवल विभिन्न देशों के कलाकारों को एक साथ लाता है, जिससे बहुसांस्कृतिक संवाद और आदान-प्रदान के साथ-साथ विश्वस्तरीय मनोरंजन का अनुभव मिलता है।
 टीमवर्क आर्ट्स द्वारा निर्मित और इशारा पपेट थिएटर ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित यह फेस्टिवल इंडिया हैबिटेट सेंटर में प्रस्तुत किया जा रहा है, जो कठपुतलियों की इस प्रस्तुति और रंगारंग आयोजन के लिए एक बेहतरीन मंच प्रदान करता है। फेस्टिवल मुख्यता कठपुतली के माध्यम से कहानी कहने का उत्सव है। प्रत्येक प्रस्तुति एक नई दुनिया का द्वार खोलती है, जहां दूर-दराज़ के कोनों से आई कठपुतलियां मंच पर जीवंत होती हैं।
प्राचीन परंपराओं में रची-बसी और समकालीन रचनात्मकता से आकार लेती यह श्रृंखला, इस वर्ष इटली, कोरिया, भूटान, तुर्की और अल्बानिया के साथ-साथ भारत के अपने प्रतिष्ठित कठपुतली उस्तादों की प्रस्तुतियाँ पेश कर रही है, जिन्हें विभिन्न आयु वर्गों को ध्यान में रखकर सावधानीपूर्वक क्यूरेट किया गया है।
इशारा पपेट थिएटर ट्रस्ट के फेस्टिवल डायरेक्टर और संस्थापक दादी डी. पुदुमजी ने कहा “एक ही मंच पर 22 वर्षों से कठपुतलियों, संगीत और जुनून का यह उत्सव है। एक बार फिर संस्कृतियों के बीच एक जादुई यात्रा के लिए, जहां डोरियां, हाथ, परछाइयां और कल्पनाएं मिलकर अविस्मरणीय स्मृतियां रचती हैं, और डाक विभाग भारत की कठपुतलियों पर विशेष स्मारक डाक टिकटों की एक श्रृंखला का अनावरण करेगा,”
टीमवर्क आर्ट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर और फेस्टिवल के प्रोड्यूसर संजॉय के. रॉय ने कहा “22 वर्ष केवल एक पड़ाव नहीं, बल्कि इशारा की दीर्घकालिक दृष्टि का प्रमाण हैं। जो पहल कठपुतली कला के उत्सव के रूप में शुरू हुई थी, वह आज एक सशक्त अंतर्राष्ट्रीय मंच बन चुकी है, जो अपनी परंपराओं में जड़ें जमाए रखते हुए इस कला रूप को निरंतर नए सिरे से गढ़ती है। वर्षों से इशारा ने कलाकारों की कई पीढ़ियों को समर्थन और प्रेरणा दी है, साथ ही संवाद, नवाचार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया है। फेस्टिवल की यह यात्रा कठपुतली को जीवित, प्रासंगिक और आज तथा आने वाले समय के दर्शकों के लिए अर्थपूर्ण बनाए रखने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

डूंग डूंग अलर्ट (कोरिया | 13 फरवरी | उम्र 6 वर्ष से ऊपर) पारंपरिक कोरियाई लोककथाओं, वस्तुओं और छाया कठपुतली के माध्यम से बाल्यावस्था की चिंता जैसे विषयों को संबोधित करने वाली एक इंटरएक्टिव प्रस्तुति।प्रस्तुति: कल्चर आर्ट बेकरी एफएफवांगनिर्देशन: ह्वांग सियोकयोंग वैरिएशंस (इटली | 14 फरवरी | सभी आयु वर्ग) मंच पर जन्मी डोरी कठपुतली ‘प्रोटो’, जिज्ञासा और आनंद के साथ दुनिया को खोजती है। 
प्रस्तुति: दी फिलिपो मेरियोनेट  निर्देशन: रेमो दी फिलिपो और रोडा लोपेज़

अल्बानियन वेडिंग रेड राइडिंग हूड मीट्स प्रिंसेस डोनिका (अल्बानिया | 15 फरवरी | सभी आयु वर्ग)
एक जीवंत संगीतमय प्रस्तुति, जिसमें रेड राइडिंग हूड की कथा को प्रिंसेस डोनिका की ऐतिहासिक शाही शादी की कहानी के साथ पिरोया गया है प्रस्तुति: तिराना पपेट थिएटर निर्देशन: पाओलो कोमेंताले एम आई लॉस्ट? (दिल्ली, भारत | 16 फरवरी | उम्र 10 वर्ष से ऊपर) एक सच्ची घटना से प्रेरित यह संवेदनशील प्रस्तुति ‘सफर’ नामक एक बालक की यात्रा को दर्शाती है, जो शहर में संघर्ष और आशा के बीच अपना रास्ता तलाशता है।

प्रस्तुति: पपेटशाला परफॉर्मिंग आर्ट्स निर्देशन: मोहम्मद शमीम और वी. आरती द रेनबो फिश (चंडीगढ़, भारत | 17 फरवरी | सभी आयु वर्ग) दोस्ती, उदारता और करुणा का उत्सव मनाती एक जादुई जल-जगत की कहानी, जिसे आकर्षक कठपुतली और संगीत के साथ प्रस्तुत किया गया है। प्रस्तुति: पपेट थिएटर चंडीगढ़ (पीएनए) निर्देशन: सुभासिस नियोगी संगय सिद्धार्थ (भूटान | 18 फरवरी | सभी आयु वर्ग
जातक कथाओं का काव्यात्मक पुनर्कथन, जिसमें परंपरा, तकनीक और संवेदनशील कहानी कहने की शैली का सुंदर संगम है। प्रस्तुति: स्नो लेपर्ड थिएटर निर्देशन: चार्मी छेड़ा

ड्रीमलूम (केरल, भारत | 19 फरवरी | उम्र 7 वर्ष से ऊपर) एक सशक्त मटीरियल-थिएटर प्रस्तुति, जिसमें फेंकी गई वस्तुओं को प्रतिरोध और आशा के प्रभावशाली बिंबों में बदला गया है। प्रस्तुति: एमटीए द्वितीय वर्ष, स्कूल ऑफ ड्रामा एंड फाइन आर्ट, त्रिशूर निर्देशन: अनुरूपा रॉय जैक एंड द बीनस्टॉक (दिल्ली, भारत | 20 फरवरी | सभी आयु वर्ग) क्लासिक परीकथा का एक संगीतमय भारतीय रूपांतरण, जो पीढ़ियों के बीच कल्पना और कहानी कहने की परंपरा का उत्सव मनाता है। प्रस्तुति: पपेट स्टूडियो निर्देशन: मनीष राम सचदेवा

द रॉक (तुर्की | 21 फरवरी | सभी आयु वर्ग) दृश्यात्मक रूप से चंचल, संवाद-रहित प्रस्तुति, जो हास्य और कल्पनाशीलता के माध्यम से जीवन का एक महत्वपूर्ण संदेश देती है। प्रस्तुति: उचानेलर कुकलाएवी (फ्लाइंग हैंड्स पपेट थिएटर) निर्देशन: थियोडोरा पोपोवा लाज़ोरोवा अमृता शेर-गिल: अ लाइफ लिव्ड (दिल्ली, भारत | 22 फरवरी | उम्र 15 वर्ष से ऊपर) भारत की सबसे दूरदर्शी कलाकारों में से एक को समर्पित एक मार्मिक श्रद्धांजलि, जिसे कठपुतली, संगीत और कहानी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। प्रस्तुति: इशारा पपेट थिएटरडिज़ाइन और निर्देशन: दादी डी. पुदुमजी

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