दसनामी गोस्वामी जाति के कालम में ब्राह्मण लिखने की अपील

० संत कुमार गोस्वामी ० 
बिलासपुर--जगद्गुरु आदिरुशंकराचार्य दसनाम गोस्वामी ब्राह्मण समाज भारत के राष्ट्रीयअध्यक्ष आचार्य पंडित केवल भारती गोस्वामी जांजगीर छत्तीसगढ़ ने बताया है कि आदिकाल में गोसव यज्ञ में सफल विद्वान ब्राह्मणों को गोस्वामी की पदवी प्राप्त हुआ था। तथा जिन विद्वान ब्राह्मणों को जगद्गुरु आदिशंकराचार्य ने दसनाम मठ की गुरु गद्दी सौपा था उनके ही वंशज दसनामी गोस्वामी ब्राह्मण होते है।हिन्दू धर्म की सबसे बड़ी गुरु गद्दी शंकराचार्य के पदवी भी ब्राह्मण कुल के विद्वान ब्यक्ति को ही प्राप्त होता है। हमे ब्राह्मण समझकर आदि शंकराचार्य ने मठो की रक्षा का दायित्व सौंपा था। 

राष्ट्र की रक्षा, धर्म रक्षा, मठ मन्दिर की रक्षा। करना हमारा परम् दायित्व है। हम गुरु ही नही जगद्गुरु है। सभी दसनाम गोस्वामी ब्राह्मण जनों से विनम्रता पूर्वक निवेदन है। कि अपने कुल की मर्यादा की रक्षा करते हुए गोस्वामी ब्राह्मण समाज की श्रेष्ठता को बनाये रखने के लिए आदिशंकराचार्य के बताए मार्ग पर चलने की परम् आवश्यक है। और हमे इस बात को भी समझना है। कि गोस्वामी कोई जाति नही है। ब्राह्मणों को मिला एक उपाधि है। इस गोस्वामी उपाधि को दसनामी के अलावा तैलंग ब्राह्मण, वैष्णव ब्राह्मण,सनाढय ब्राह्मण, गोकुल के गोसाई ब्राह्मण,भी लिखते है।

बिहार राज्य में जाति जनगणना प्रारंभ हो गया है। शंकराचार्य के बताए मार्ग में चलते हुए।बिहार के सभी दसनामी गोस्वामी जाति के कालम में जाति ब्राह्मण,उपजाति गोस्वामी, वर्ग सामान्य, धर्म हिन्दू लिखे। हम हिन्दू धर्म के गुरु है।हमारा कुल का वर्ण ब्राह्मण है।हमारा वर्ग सवर्ण सामान्य है। भारत सरकार ने देश के करोड़ों गरीब सवर्णों को लाभ देने के लिए 10 प्रतिशत ई डब्लू एस केंद्रीय आरक्षण लागू किया है। ब्राह्मण शाखा में गोस्वामी को भी शामिल किया है। जो गोस्वामी सवर्ण आरक्षण प्राप्त करना चाहते है। वे सभी गोस्वामी ब्राह्मण लिखकर आरक्षण प्राप्त करे। उन्हों ने हमारे प्रतिनिधि से चर्चा करते हुए बताया है कि जगद्गुरु आदिशंकराचार्य दसनाम गोस्वामी ब्राह्मण समाज संगठन भारत देश ही नही विश्व का पहला गोस्वामी ब्राह्मण संगठन है। 

जो भारत के गोस्वामीयो में ब्राह्मणत्व जगा रहा है। दसनामी गोस्वामी ब्राह्मण ही आदि शंकराचार्य के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी है। उन्हों ने आगे कहा कि देश के सभी राज्यों के कोने कोने के गोस्वामी जनों एकजुट करने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। वर्तमान में बिहार राज्य में जाति जनगणना प्रारंभ हुआ है। संगठन ने बिहार के गोस्वामी ब्राह्मणों को जगाने के लिए संगठन के राष्ट्रीय महासचिव डॉ देवीशंकर गिरि गोस्वामी प्रयागराज उत्तरप्रदेश, राष्ट्रीय संगठन प्रभारी पंडित महेश पुरी गोस्वामी नर्मदापुरम मध्यप्रदेश,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नरेश अरण्य गोस्वामी औरंगाबाद बिहार इन तीनो को गोस्वामी जनों को जगाने के लिए जनगणना प्रभारी बनाया है

 तथा बिहार राज्य के प्रदेशअध्यक्ष पंडित पशुपतिनाथ गिरि गोस्वामी और बिहार प्रदेश संगठन प्रभारी पंडित सकलदेव गिरि गोस्वामी, राष्ट्रीय संगठन सचिव पंडित सन्त गिरि गोस्वामी बिहार को भी गोस्वामी जन जन में प्रचार प्रसार कर जगाने का दायित्व सौंपा गया है तथा संगठन के राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष पंडित ज्योति गोस्वामी महाराष्ट्र,और राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष पंडित भरत गिरि गोस्वामी टीकमगढ़ मध्यप्रदेश, राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश गिरि गोस्वामी गुजरात को जनगणना सलाहकार बनाया गया है।

 अंत मे जगद्गुरु आदिशंकराचार्य दसनाम गोस्वामी ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीयअध्यक्ष आचार्य पंडित केवल भारती गोस्वामी जी ने कहा है। कि परिवर्तन संसार का नियम है। समय के साथ बदलाव जरूरी है। तभी हम अपना अस्तित्व बचा सकते है। अतः आप सभी अपने नाम मे दसनाम गिरि पुरी भारती सहित गोस्वामी को अंकित कर जाति ब्राह्मण उपजाति गोस्वामी वर्ग सामान्य धर्म हिंदू लिखकर हिंदुत्व और ब्राह्मणत्व की रक्षा करे। गोस्वामी श्रेष्ट ब्राह्मण है।और श्रेष्ट ब्राह्मण ही रहेगा। 

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