संदीप बने विकसित भारत संकल्प संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं ट्रस्टी

० आशा पटेल ० 
जयपुर | जयपुर के आरआईसी के ऑडिटोरियम में पर्यावरण चेतना के प्रणेता और सामाजिक नेतृत्व के प्रतिमान संदीप चौधरी को विकसित भारत संकल्प संस्थान का राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं ट्रस्टी नियुक्त किया गया। यह नियुक्ति केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि उस गहरी राष्ट्रवादी चेतना का प्रतिनिधित्व है, जो भारत को संस्कारित, स्वावलंबी और वैश्विक नेतृत्व में अग्रणी राष्ट्र के रूप में देखना चाहती है।
वर्षों से हरित अभियान, वृक्षारोपण और जलवायु संरक्षण के माध्यम से करोड़ों लोगों को जोड़ने वाले चौधरी अब इस विचार को शिक्षा, संस्कृति और सेवा के माध्यम से और अधिक व्यापक रूप देने जा रहे हैं।
अपने उद्बोधन में चौधरी ने घोषणा की कि वे अब ‘विश्व का सबसे बड़ा आवासीय विश्वविद्यालय’ स्थापित करने का संकल्प लेते हैं , एक ऐसा विश्वविद्यालय जो केवल डिग्रियाँ नहीं देगा, बल्कि राष्ट्रभक्ति, सेवा, विज्ञान, संस्कृति और नवाचार का सजीव संगम होगा। यह विश्वविद्यालय ज्ञान के साथ भारत की आत्मा को भी पोषित करेगा, जहाँ से निकलने वाले विद्यार्थी न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया को दिशा देंगे।
इस अवसर पर संस्थान के संस्थापक डॉ महेश शर्मा ने बताया कि विकसित भारत संकल्प संस्थान, जो "यूथ फॉर नेशन" के 17 वर्षों के राष्ट्रसेवा आधारित अनुभव और प्रेरणा से जन्मा है, आज एक ऐसा मंच बन चुका है जो जनता के द्वारा, जनता के लिए समर्पित है। "सेवा ही संकल्प, संस्कार ही समर्पण" को ध्येयवाक्य बनाकर, यह संस्थान शिक्षा, सुरक्षा, सेवा, संस्कार, स्वास्थ्य और स्वावलंबन जैसे छह महान उद्देश्यों के साथ भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। संदीप चौधरी के नेतृत्व में अब इस संस्थान को नई ऊर्जा, दिशा और वैश्विक दृष्टिकोण प्राप्त हुआ है।

इस अवसर पर संस्थान के संस्थापक एवं वैचारिक पथ प्रदर्शक डॉ. महेश शर्मा, जो स्वयं वरिष्ठ प्रचारक एवं भारत के सांस्कृतिक नवोत्थान के प्रमुख शिल्पकार हैं, ने कहा कि यह विश्वविद्यालय केवल भवनों का समूह नहीं, बल्कि एक “राष्ट्र निर्माण तीर्थ” होगा, जहाँ से निकलने वाला हर विद्यार्थी भारत की आत्मा और विश्व की ज़रूरतों को समझते हुए मानवता की सेवा करेगा।

इस समारोह के दौरान आयोजित ‘कर्मवीर सम्मान समारोह’ में, समाजसेवा, शिक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक चेतना के क्षेत्र में कार्यरत कई व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया। कर्मवीरों को प्रशस्ति पत्र भेंट कर संस्था ने उनकी निःस्वार्थ सेवाओं को सराहा और प्रेरणा के रूप में प्रस्तुत किया। यह क्षण केवल एक पद की घोषणा नहीं, बल्कि भारत के एक नई दिशा में आगे बढ़ने की शपथ थी , जहाँ परंपरा और प्रौद्योगिकी, सेवा और संकल्प, शिक्षा और संस्कार एक साथ मिलकर विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने हेतु एक सशक्त नींव रख रहे हैं।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

IFWJ के पत्रकारों का सिस्टम के विरुद्ध अनिश्चितकालीन धरना

ईद मिलन एवं सैफी सम्मान समारोह में दिखी एकता की मिसाल,संस्थाओं को किया गया सम्मानित

ईद मिलन एवं सैफी सम्मान समारोह 5 अप्रैल को दिल्ली में

स्वर्ण जयंती पर ‘उत्कर्ष’ अनुशासन, शिष्टाचार और उत्कृष्टता का संगम

फोर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट ने सशक्त नारियों में सिलाई मशीन वितरित की

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार के विरोध में IFWJ का ‘हल्ला बोल’ धरना

उत्तराखंडी फिल्म “कंडाली” का पोस्टर विमोचन समारोह दिल्ली में होगा आयोजित

असंगठित श्रमिकों के अधिकारों पर राष्ट्रीय मंथन,सामाजिक सुरक्षा को लेकर उठी आवाज

जयपुर बाल महोत्सव में 15 अप्रैल तक कर सकते है फ्री रजिस्ट्रेशन

आर्च कॉलेज ऑफ डिज़ाइन का 26वाँ स्थापना दिवस : वूमेन शिल्पियों को एक्सीलेंस अवार्ड