13वें इंडिया स्टोनमार्ट का 5 से 8 फरवरी तक होगा आयोजन : पत्थर उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा-कर्नल राठौड़

० आशा पटेल ० 
जयपुर। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि इंडिया स्टोन मार्ट के आयोजन से राजस्थान के पत्थर उद्योग को प्रोत्साहन मिलेगा। प्रदेश के कारीगरों को देश-विदेश में इस क्षेत्र की नवीनतम तकनीक की जानकारी मिल सकेगी। रीको, सीडोस और लघु उद्योग भारती के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम नीति संवाद, तकनीक और वैश्विक सहयोग का अंतरराष्ट्रीय मंच बनेगा।
कर्नल राठौड़ ने इंडिया स्टोन मार्ट 2026 के संबंध में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्थान इस आयोजन में शामिल होने वाले देश-विदेश के प्रतिभागियों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। पत्थर उद्योग क्षेत्र से जुडे सभी हितधारकों को एक अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2000 में शुरू हुए इंडिया स्टोन मार्ट का इस वर्ष 13वां संस्करण है। यह अब तक का सबसे भव्य आयोजन होगा। 

इसमें चीन, तुर्की, ईरान, थाइलैंड, इटली सहित अन्य देशों से प्रदर्शक भी शामिल होंगे। स्टोनमार्ट के संयोजक नटवर अजमेरा , लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय सह महामंत्री नरेश पारीक ,रूडा की मैनेजिंग डायरेक्टर मनीषा अरोड़ा , CDOS के CEO मुकुल रस्तोगी , CDOS के चेयरमैन दीपक अजमेरा , लघु उद्योग भारती की राष्ट्रीय सचिव अंजू सिंह , लघु उद्योग भारती के पूर्व राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष योगेश गौतम मौजूद रहे |

कर्नल राठौड़ ने बताया कि आयोजन में राजस्थान में एक जिला एक उत्पाद के तहत चयनित पत्थर के उत्पादों के प्रदर्शन के लिए एक विशेष पवैलियन बनाया जाएगा। इससे प्रदेश के इन उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। इससे इन उत्पादों के निर्यात में वृद्धि होगी और रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। राजस्थान को स्पष्ट नेतृत्व और नीति से नई दिशा मिली है। राइजिंग राजस्थान के तहत किए गए 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू पर काम शुरू हो गया है।

स्टोनमार्ट के संयोजक नटवर अजमेरा ने बताया कि इस बार इंडिया स्टोनमार्ट 2026 अपने इतिहास का सबसे बड़ा संस्करण होने जा रहा है। आयोजन लगभग 25,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में किया जा रहा है, जिसमें 539 स्टॉल्स लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस संस्करण की सबसे बड़ी विशेषता इसकी अभूतपूर्व अंतरराष्ट्रीय भागीदारी है ।पहली बार चीन, तुर्की, ईरान, थाईलैंड, इटली, स्पेन, यूनाइटेड किंगडम और यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका जैसे 8 देशों से प्रदर्शक इंडिया स्टोनमार्ट में भाग ले रहे हैं।

लघु उद्योग भारती के नरेश पारीक ने कहा कि इंडिया स्टोनमार्ट 2026 एमएसएमई के लिए एक मजबूत और विश्वसनीय वैश्विक मंच बन चुका है। लघु उद्योग भारती के तत्वावधान में यह आयोजन छोटे और मध्यम उद्यमों को अंतरराष्ट्रीय बाजार, नई तकनीक और निवेशकों से सीधे जोड़ने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस मंच के माध्यम से एमएसएमई को न केवल व्यापारिक अवसर मिलते हैं, बल्कि नीति-संवाद और उद्योग से जुड़े मुद्दों को सरकार तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम भी मिलता है।

ग्रामीण गैर कृषि विकास अभिकरण (रूडा) की मैनेजिंग डायरेक्टर मनीषा अरोड़ा ने कहा कि इंडिया स्टोनमार्ट 2026 राज्य के शहरी विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और डिज़ाइन इकोसिस्टम को नई दिशा देगा।
उन्होंने कहा कि स्टोन इंडस्ट्री का उपयोग स्मार्ट सिटी, अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर और सस्टेनेबल आर्किटेक्चर में बढ़ाने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

सीडीओएस के चेयरमैन दीपक अजमेरा ने कहा कि इंडिया स्टोनमार्ट 2026 को विश्व-स्तरीय मानकों के अनुरूप आयोजित किया जा रहा है। इस बार आयोजन में तकनीक, डिज़ाइन, सस्टेनेबिलिटी और नवाचार पर विशेष फोकस रखा गया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल एग्ज़िबिशन ऐप, मल्टी-लैंग्वेज वेबसाइट, अंतरराष्ट्रीय रोडशो, ओडीओपी पवेलियन, स्टूडेंट कॉम्पिटिशन और पॉलिसी डायलॉग जैसे कई नवाचार पहली बार इस संस्करण का हिस्सा हैं, जो आयोजन को एक समग्र औद्योगिक प्लेटफॉर्म बनाते हैं।

लघु उद्योग भारती की राष्ट्रीय सचिव अंजू सिंह ने कहा कि इंडिया स्टोनमार्ट एमएसएमई सेक्टर के लिए एक सशक्त, विश्वसनीय और अवसरों से भरपूर वैश्विक मंच बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन छोटे और मध्यम उद्योगों को न केवल अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ता है, बल्कि उन्हें नई तकनीक, डिज़ाइन इनोवेशन और नीति-संवाद का सीधा लाभ भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि लघु उद्योग भारती का उद्देश्य एमएसएमई को आत्मनिर्भर, प्रतिस्पर्धी और वैश्विक स्तर पर सक्षम बनाना है, और इंडिया स्टोनमार्ट 2026 इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

लघु उद्योग भारती के पूर्व राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष योगेश गौतम ने कहा कि इंडिया स्टोनमार्ट 2026 भारतीय स्टोन उद्योग के लिए नीति, व्यापार और वैश्विक विश्वास का एक मजबूत संगम है। इस तरह के अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों से न केवल उद्योग को नई दिशा मिलती है, बल्कि एमएसएमई को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप खुद को तैयार करने का अवसर भी मिलता है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की स्टोन इंडस्ट्री में संसाधन, कौशल और उद्यमशीलता की अपार संभावनाएं हैं, और इंडिया स्टोनमार्ट 2026 इन संभावनाओं को निवेश, निर्यात और रोजगार में बदलने का एक प्रभावी मंच सिद्ध होगा।

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