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मई 12, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

आईआईटी मंडी ने पाँच वर्षीय इंटीग्रेटेड एमबीए कार्यक्रम के लिए आवेदन आमंत्रित किए

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० संवाददाता द्वारा ०   मंडी : आईआईटी मंडी ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए अपने पाँच वर्षीय इंटीग्रेटेड एमबीए कार्यक्रम के तीसरे बैच में प्रवेश हेतु आवेदन आमंत्रित किए हैं। आईआईटी मंडी का यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को कक्षा 12 के तुरंत बाद प्रबंधन में मास्टर डिग्री प्राप्त करने का एक अवसर प्रदान करता है। यह कार्यक्रम स्नातक एवं स्नातकोत्तर शिक्षा को एकीकृत करते हुए विद्यार्थियों को आधुनिक और प्रौद्योगिकी-आधारित कारोबारी परिवेश में सफल करियर के लिए मजबूत आधार प्रदान करता है। यह कार्यक्रम बीबीए इन एनालिटिक्स (ऑनर्स) और एमबीए इन डेटा साइंस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को एकीकृत करता है, जिससे विद्यार्थियों को व्यवसाय प्रबंधन, उन्नत एनालिटिक्स तथा एआई-आधारित शिक्षा का व्यापक अनुभव प्राप्त होता है। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को मजबूत व्यावसायिक समझ के साथ डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की विशेषज्ञता प्रदान करता है, ताकि वे डेटा-आधारित दुनिया में नेतृत्वकारी भूमिकाओं के लिए तैयार हो सकें। इस कार्यक्रम की विशेषता इसकी लचीली संरचना और बहु-स्तरीय निकास विकल्प हैं, जिनके माध्यम से वि...

बोगोटा विश्व पुस्तक मेले में“ब्लैक बोर्ड” बनी पाठकों की पसंद

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० इरफ़ान राही ०  नई दिल्ली,कोलंबिया में आयोजित बोगोटा विश्व पुस्तक मेला 2026 के अवसर पर नेशनल बुक ट्रस्ट इंडिया द्वारा इंडिया पवेलियन में राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद (NCPUL) की भागीदारी देखने को मिली। इस अवसर पर हजारों पुस्तक प्रेमियों ने एनसीपीयूएल के स्टॉल का दौरा किया और उर्दू भाषा सीखने में गहरी रुचि व्यक्त की। मेले में बाल साहित्यकार डॉ. हबीब सैफी की पुस्तक “ब्लैक बोर्ड” आकर्षण का केंद्र बनी, जबकि उनकी एक अन्य चर्चित पुस्तक “मोबाइल खिलौना नहीं” भी परिषद के स्टॉल पर प्रदर्शित की गई। “ब्लैक बोर्ड” अपने विषय, सरल भाषा और शैक्षिक दृष्टिकोण के कारण पाठकों द्वारा काफी सराही गई। लेखक एवं साहित्यकार इरफ़ान राही के अनुसार “ब्लैक बोर्ड” एक उपयोगी और प्रेरणादायक पुस्तक है, जिसमें विद्यालयों में प्रयुक्त ब्लैक बोर्ड का सरल एवं सहज भाषा में परिचय कराया गया है। उन्होंने कहा कि डॉ. हबीब सैफी ने इस पुस्तक के माध्यम से बच्चों में सकारात्मक शैक्षिक सोच विकसित करने का सफल प्रयास किया है। पुस्तक का अध्ययन यह महसूस कराता है कि ब्लैक बोर्ड केवल पढ़ाई का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों की बौद्धिक और र...

दिल्ली नालंदा डायलॉग 2026” में हुआ ज्ञान, संस्कृति और भविष्य की शिक्षा पर मंथन

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० योगेश भट्ट ०  नई दिल्ली- इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित “दिल्ली नालंदा डायलॉग 2026” नालंदा लिट फेस्ट 2026-27 के अंतर्गत आयोजित इस दो दिवसीय संवाद में देश-विदेश से आए वरिष्ठ सरकारी प्रतिनिधियों, नीति-निर्माताओं, विद्वानों, लेखकों, राजनयिकों तथा युवा सिविल सेवकों ने भाग लिया। उपस्थित श्रोताओं को शासन, संस्कृति, शिक्षा, कूटनीति और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े विविध विषयों पर प्रमुख वक्ताओं के विचार सुनने और संवाद का अवसर प्राप्त हुआ। धनु बिहार द्वारा आयोजित तथा कला, संस्कृति एवं भाषा विभाग, दिल्ली सरकार एवं इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के सहयोग से आयोजित इस गोष्ठी में अनेक विषयों पर चर्चा हुई। “नॉलेज, यूथ एंड कल्चरल एक्सचेंज डायलॉग” सत्र में भाषा, शिक्षा और सांस्कृतिक निरंतरता के विभिन्न आयामों पर विचार साझा किए गए। इसके बाद “पब्लिक एंगेजमेंट, अकादमिक एक्सचेंज एंड कल्चरल डायलॉग” में संस्थानों और समाज के बीच संवाद को सशक्त बनाने पर चर्चा हुई। “द लैंग्वेज ऑफ विज़डम: डिकोडिंग नालंदा थ्रू ज्ञान भारतम” सत्र ने नालंदा की बौद्धिक विरासत को समझने का अवसर प्रदान किया, जबकि “एआई, नॉलेज सिस्टम्स ...

ट्राईक्लिप की मदद से वॉल्व लीकेज कम हो सकता है,मरीज के दैनिक जीवन में सुधार आ सकता है

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० योगेश भट्ट ०  नई दिल्ली, ग्लोबल हैल्थकेयर लीडर, एबॉट ने भारत में ट्राईक्लिप ट्रांसकैथेटर एज-टू-एज रिपेयर (टी.ई.ई.आर) सिस्टम पेश किया। यह डिवाईस ट्राईकस्पिड रिगर्गिटेशन (टी.आर) या ट्राईकस्पिड वॉल्व के लीकेज को ठीक करती है।ट्राईक्लिप को पैर की नस के माध्यम से अंदर पहुँचाकर लीफलेट्स या टिश्यू के फ्लैप्स को आपस में क्लिप कर दिया जाता है। इस प्रकार, ट्राईक्लिप की टी.ई.ई.आर टेक्नोलॉजी द्वारा ट्राईकस्पिड वॉल्व रिपेयर हो जाता है और ओपन हार्ट सर्जरी किए बिना ही खून सही दिशा में बहने लगता है। इस विधि में हृदय के बाईं ओर लीक होने वाले माईट्रल वॉल्व को रिपेयर करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली टेक्नोलॉजी और प्रमाणित माईट्राक्लिप डिवाईस की मदद ली जाती है।  ट्राईक्लिप में एक विशेष डिलीवरी सिस्टम का इस्तेमाल होता है, जो हृदय के दाईं ओर पहुँचने के लिए बनाया गया है। टाईक्लिप लगवाने वाले लोगों को हॉस्पिटल में केवल एक ही दिन रुकना पड़ता है, जिसके बाद वो ठीक होकर घर वापस जा सकते हैं। ट्राईकस्पिड वॉल्व हृदय के दाहिने एट्रियम से दाहिने वेंट्रिकल की ओर बहने वाले खून को नियंत्रित करता है। ट्राईकस्पिड...

रिलायंस फाउंडेशन के प्रयासों से 3 हजार गांवों में बदला जीवन

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० संवाददाता द्वारा ०  नई दिल्ली : रिलायंस फाउंडेशन और ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन ने ग्रामीण विकास पर दस वर्षों के कार्य का एक बड़ा अध्ययन जारी किया है। इस अध्ययन में देश के चार राज्यों के 3 हजार गांवों में हुए बदलावों का आकलन किया गया है। अध्ययन में बताया गया है कि मजबूत स्थानीय संस्थाओं, लोगों की भागीदारी और मिलकर किए गए प्रयासों से गांवों में आजीविका और जीवन स्तर में सुधार हुआ है। यह अध्ययन ओडिशा के बलांगीर, मध्य प्रदेश के मंडला, आंध्र प्रदेश के आदोनी और गुजरात के राधनपुर क्षेत्रों में किए गए कार्यों पर आधारित है। इसमें 2,100 से अधिक परिवारों के जीवन में आए बदलावों को समझा गया। नई दिल्ली में आयोजित चर्चा में नीति विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और विकास कार्यों से जुड़े लोगों ने आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण पर विचार-विमर्श किया। ओआरएफ के उपाध्यक्ष डॉ. नीलांजन घोष ने कहा कि ग्रामीण विकास के लिए स्थानीय जरूरतों के अनुसार काम करना जरूरी है। वहीं रिलायंस फाउंडेशन के मुख्य विकास अधिकारी सुदर्शन सुची ने कहा कि गांव तब आत्मनिर्भर बनते हैं जब लोग मिलकर समाधान तैयार करते हैं और स्थानीय संस्थाएं मजबू...

"सीता"एक नई गाथा नारी शक्ति,संघर्ष और नए दौर की कहानी

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०  संत कुमार गोस्वामी  ०  मुम्बई : भारतीय सिनेमा में समय-समय पर ऐसी फिल्में आती रही हैं जो केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि समाज को एक नई सोच और नई दिशा देने का काम करती हैं। इसी कड़ी में जल्द ही दर्शकों के सामने आने जा रही है फिल्म “सीता (एक नई गाथा)”जो नारी शक्ति, आत्मसम्मान, संघर्ष और आधुनिक समाज की सच्चाइयों को प्रभावशाली अंदाज़ में प्रस्तुत करेगी। यह फिल्म रामायण एंटरटेनमेंट्स के बैनर तले बनाई जा रही है। फिल्म के निर्मात्री सुशीलाजीत साहनी हैं जिन्होंने हमेशा अर्थपूर्ण फिल्मों को बढ़ावा दिया है। वहीं फिल्म की सह निर्मात्री बरखा शर्मा हैं जो खुद अभिनय भी कर रहीं हैं। फिल्म का निर्देशन जाने-माने निर्देशक आलोक श्रीवास्तव कर रहे हैं। फिल्म की कहानी जिसमें कई महत्वपूर्ण पहलुओं को भावनात्मक और प्रेरणादायक रूप में दिखाया जाएगा। फिल्म का संगीत अमिताभ रंजन ने तैयार किया है। उम्मीद की जा रही है कि फिल्म के गाने दर्शकों के दिलों को छू जाएंगे और कहानी की भावनाओं को और मजबूत बनाएंगे।  स्टारकास्ट की बात करें तो फिल्म में कई प्रतिभाशाली कलाकार नजर आएंगे, जिनमें प्र...