बोगोटा विश्व पुस्तक मेले में“ब्लैक बोर्ड” बनी पाठकों की पसंद
नई दिल्ली,कोलंबिया में आयोजित बोगोटा विश्व पुस्तक मेला 2026 के अवसर पर नेशनल बुक ट्रस्ट इंडिया द्वारा इंडिया पवेलियन में राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद (NCPUL) की भागीदारी देखने को मिली। इस अवसर पर हजारों पुस्तक प्रेमियों ने एनसीपीयूएल के स्टॉल का दौरा किया और उर्दू भाषा सीखने में गहरी रुचि व्यक्त की।
मेले में बाल साहित्यकार डॉ. हबीब सैफी की पुस्तक “ब्लैक बोर्ड” आकर्षण का केंद्र बनी, जबकि उनकी एक अन्य चर्चित पुस्तक “मोबाइल खिलौना नहीं” भी परिषद के स्टॉल पर प्रदर्शित की गई। “ब्लैक बोर्ड” अपने विषय, सरल भाषा और शैक्षिक दृष्टिकोण के कारण पाठकों द्वारा काफी सराही गई।
लेखक एवं साहित्यकार इरफ़ान राही के अनुसार “ब्लैक बोर्ड” एक उपयोगी और प्रेरणादायक पुस्तक है, जिसमें विद्यालयों में प्रयुक्त ब्लैक बोर्ड का सरल एवं सहज भाषा में परिचय कराया गया है। उन्होंने कहा कि डॉ. हबीब सैफी ने इस पुस्तक के माध्यम से बच्चों में सकारात्मक शैक्षिक सोच विकसित करने का सफल प्रयास किया है। पुस्तक का अध्ययन यह महसूस कराता है कि ब्लैक बोर्ड केवल पढ़ाई का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों की बौद्धिक और रचनात्मक क्षमता को विकसित करने का भी प्रभावी साधन है।
अमेरिका में “ब्लैक बोर्ड” का पाठकों की पसंद बनना उर्दू बाल साहित्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। डॉ. हबीब सैफी कथाकार, शायर और साहित्यकार हैं, जो विशेष रूप से बच्चों के लिए कहानियां और कविताएं लिखते हैं। उनकी साहित्यिक एवं शैक्षिक सेवाओं के लिए उन्हें विभिन्न प्रांतीय उर्दू अकादमियों और संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।
मई 2026 में आयोजित यह विश्व पुस्तक मेला, जिसमें भारत ने “गेस्ट ऑफ ऑनर” के रूप में भागीदारी की। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप समकालीन बाल साहित्य से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण पुस्तकों को भी इस मेले में प्रदर्शित किया गया। यह मेला लैटिन अमेरिका में उर्दू भाषा और साहित्य के प्रचार-प्रसार के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मंच साबित हुआ।
डॉ. हबीब सैफी को बधाई देने वालों में डॉ. शम्स इकबाल, इंतज़ार सैफी, प्रो. शम्स कमाल अंजुम, डॉ. उमैर मंज़र, अब्दुलबारी कासमी, रईस सिद्दीकी, हक़्क़ानी अलक़ासमी, डॉ. फैज़ानुल हक़, इरफ़ान राही, मोहम्मद तक़ी सैफी, अमीरुद्दीन सैफी, मुईन शादाब, डॉ. मुनव्वर ताबिश संभली, मोहसिन बाअशन हसरत, खावर हसन,
मेले में बाल साहित्यकार डॉ. हबीब सैफी की पुस्तक “ब्लैक बोर्ड” आकर्षण का केंद्र बनी, जबकि उनकी एक अन्य चर्चित पुस्तक “मोबाइल खिलौना नहीं” भी परिषद के स्टॉल पर प्रदर्शित की गई। “ब्लैक बोर्ड” अपने विषय, सरल भाषा और शैक्षिक दृष्टिकोण के कारण पाठकों द्वारा काफी सराही गई।
लेखक एवं साहित्यकार इरफ़ान राही के अनुसार “ब्लैक बोर्ड” एक उपयोगी और प्रेरणादायक पुस्तक है, जिसमें विद्यालयों में प्रयुक्त ब्लैक बोर्ड का सरल एवं सहज भाषा में परिचय कराया गया है। उन्होंने कहा कि डॉ. हबीब सैफी ने इस पुस्तक के माध्यम से बच्चों में सकारात्मक शैक्षिक सोच विकसित करने का सफल प्रयास किया है। पुस्तक का अध्ययन यह महसूस कराता है कि ब्लैक बोर्ड केवल पढ़ाई का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों की बौद्धिक और रचनात्मक क्षमता को विकसित करने का भी प्रभावी साधन है।
अमेरिका में “ब्लैक बोर्ड” का पाठकों की पसंद बनना उर्दू बाल साहित्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। डॉ. हबीब सैफी कथाकार, शायर और साहित्यकार हैं, जो विशेष रूप से बच्चों के लिए कहानियां और कविताएं लिखते हैं। उनकी साहित्यिक एवं शैक्षिक सेवाओं के लिए उन्हें विभिन्न प्रांतीय उर्दू अकादमियों और संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।
मई 2026 में आयोजित यह विश्व पुस्तक मेला, जिसमें भारत ने “गेस्ट ऑफ ऑनर” के रूप में भागीदारी की। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप समकालीन बाल साहित्य से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण पुस्तकों को भी इस मेले में प्रदर्शित किया गया। यह मेला लैटिन अमेरिका में उर्दू भाषा और साहित्य के प्रचार-प्रसार के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मंच साबित हुआ।
डॉ. हबीब सैफी को बधाई देने वालों में डॉ. शम्स इकबाल, इंतज़ार सैफी, प्रो. शम्स कमाल अंजुम, डॉ. उमैर मंज़र, अब्दुलबारी कासमी, रईस सिद्दीकी, हक़्क़ानी अलक़ासमी, डॉ. फैज़ानुल हक़, इरफ़ान राही, मोहम्मद तक़ी सैफी, अमीरुद्दीन सैफी, मुईन शादाब, डॉ. मुनव्वर ताबिश संभली, मोहसिन बाअशन हसरत, खावर हसन,
ज़फ़र अनवर शकरपुरी, दानिश अय्यूबी, अरशद नदीम, डॉ. मोहम्मद सिराजुल्लाह, आसिफ कमाल फरीदाबादी, शारिक इंतेजाज अब्बास, नूरुल ऐन क़ैसर कासमी, सरफराज अहमद फ़राज़, डॉ. फ़ुरक़ान शाह, मुनीर अंजुम, हामिद ज़करिया, अरमला माधुमा जबीं, चश्मा फारूकी तथा तरन्नुम जहां शबनम सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार एवं बुद्धिजीवी शामिल हैं।

टिप्पणियाँ