‘ग्राम रथ अभियान‘गांव-गांव पहुंच रही विकास की रौशनी और जागरूकता की लहर

० आशा पटेल ० 
जयपुर। प्रदेश के किसानों को हर क्षेत्र में अग्रणी एवं उन्नत बनाने के लिए राज्य सरकार निरंतर सक्रिय प्रयास कर रही है। कृषि, निवेश, नवाचार और तकनीक के माध्यम से किसान समृद्धि का नया अध्याय लिखने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा 23 से 25 मई तक ग्राम (ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट) 2026 का आयोजन किया जा रहा है।
इस आयोजन में प्रदेशभर से कृषक और पशुपालकों को देश और दुनिया के एग्रीकल्चर सैक्टर के नीति-निर्माता, रिसर्च स्कॉलर, उद्यमी, जन प्रतिनिधि और विषय विशेषज्ञों की मौजूदगी में आधुनिक कृषि की नई संभावनाओं से रूबरू होने के अवसर सुलभ होगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा और पहल पर इसी सिलसिले में ग्राम-2026 में आयोजित होने वाले  कार्यक्रमों की उपयोगी जानकारी किसानों और ग्रामीणों तक पहुंचाने और उनकी भागीदारी के उद्देश्य से राज्य के 183 विधानसभा क्षेत्रों में ‘ग्राम रथ अभियान‘ संचालित किया जा रहा है। इस 15 दिवसीय ग्राम रथ अभियान में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में रोजाना 5 से 6 स्थानों पर एलईडी मोबाइल वैन के माध्यम से योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी गांव-गांव तक किसानों एवं ग्रामीणों के बीच पहुंचाई जा रही है।

 ग्राम रथ अभियान केवल एक प्रचार कार्यक्रम नहीं बल्कि गांवों के समग्र विकास का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। यह अभियान राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें किसान, गांव और विकास- तीनों को केंद्र में रखकर एक सशक्त और आत्मनिर्भर राजस्थान के निर्माण की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।

ग्राम रथ अभियान को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। ग्रामीण महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में इसमें भाग ले रहे हैं और संध्या चौपाल में भी बढ़-चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। इस दौरान आयोजित कला जत्था कार्यक्रम लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गए हैं और इनके माध्यम से संदेशों को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। यह अभियान केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं है बल्कि यह ग्रामीण समाज के साथ संवाद का एक सशक्त मंच बन गया है।

ग्राम रथों के माध्यम से 13 विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध करवाई जा रही है। इनमें कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य, सहकारिता, सिंचाई, उद्योग, ऊर्जा, राजस्व, पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास विभाग शामिल हैं। इन रथों पर संबंधित विभागों की प्रचार सामग्री उपलब्ध करवाई जा रही है, जिससे ग्रामीणों को एक ही स्थान पर सभी योजनाओं की समग्र जानकारी मिल रही है।

“कृषि, किसान और गांव सशक्त होंगे, तभी भारत आत्मनिर्भर बनेगा”, इसी सोच से प्रेरित होकर राज्य सरकार इस अभियान को आगे बढ़ा रही है। ग्राम रथ अभियान एक तरह से सरकार तक ग्रामीणों की समस्याओं और सुझावों के संकलन के लिए सेतु बन गया है। ग्राम रथों में की एक विशेष पहल सुझाव पेटिका है, जिसके माध्यम से ग्रामीण अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे सरकार तक पहुंचा रहे हैं।

 राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 पर प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जा रहा है। इस दौरान प्रशासन द्वारा ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे लोगों का विश्वास और सहभागिता दोनों बढ़े हैं। अभियान में अब तक लाखों लोगों तक प्रचार सामग्री पहुंचाई जा चुकी है।

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