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टेक सेक्टर में बढ़ता 'वेतन का अंतर': AI के हुनर ने बदली तरक्की की परिभाषा

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० योगेश भट्ट ०  नई दिल्ली: भारतीय टेक जॉब मार्केट की एक तस्वीर ऐसी है जो देखने में बिल्कुल सामान्य लगती है । हायरिंग हो रही है, वेतन बढ़ रहे हैं और कंपनियां अपनी टीम का विस्तार कर रही हैं । लेकिन असली कहानी तब उभरती है जब आप इस बात पर गौर करते हैं कि आखिर नौकरी मिल किसे रही है, और यह नज़रिया एक बिल्कुल अलग ही कहानी बयां करता है । प्रमुख IIM और शीर्ष तकनीकी संस्थानों के प्लेसमेंट का ऑडिट करने वाली स्वतंत्र संस्था बी2के एनालिटिक्स (B2K Analytics) द्वारा किए गए एक विश्लेषण में 12,851 प्रोफ़ेशनल्स के करियर को परखा गया । 2023 से 2025 के बीच स्केलर के 'मॉडर्न सॉफ्टवेयर एंड AI इंजीनियरिंग' और 'डेटा साइंस एंड ML (AI स्पेशलाइजेशन)' प्रोग्राम पूरे करने वाले इन छात्रों के डेटा से एक बात साफ हो गई है: जिन्होंने AI-केंद्रित बाजार के हिसाब से अपनी तकनीकी बुनियाद को फिर से मजबूत किया, उनकी मिडियन सैलरी सीधे दोगुनी से ज्यादा हो गई, वहीं दूसरी ओर,मार्केट ने तकनीकी टैलेंट से अपनी अपेक्षाओं को पूरी तरह बदल दिया है । प्रोग्राम के बाद मिडियन CTC ₹8.7 लाख से बढ़कर ₹20 लाख हो गया, यानी पूरे 104...

मानसिक स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम : एक प्रणाली और संरचना-आधारित ढांचे की ओर’’ व्हाइट पेपर जारी

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० आशा पटेल ०  जयपुर। राजस्थान हॉस्पिटल, जयपुर में "मानसिक स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम : एक प्रणाली और संरचना- आधारित ढांचे की ओर" शीर्षक पर व्हाइट पेपर जारी किया गया। यह श्वेत पत्र फोरम फॉर लर्निंग एंड एक्शन विथ इनोवेशन एंड रिगर अर्थात FLAIR द्वारा लिखा गया है। दिल्ली स्थित यह संगठन भारत में मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम कर रहा है। इस अवसर पर फ्लेर के मार्गदर्शक डॉ. राज कुमार भंडारी ने बताया कि डिजिटल युग में मानसिक स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रमों में अनेक चुनौतियां हैं यह श्वेत पत्र न केवल उनमें मौजूद खामियों का विश्लेषण है, बल्कि उनके समाधान में प्रक्रियात्मक और मूल, दोनों ही तरह के वैज्ञानिक और नैदानिक साक्ष्यों का प्रस्तुतीकरण है। इस अवसर पर साइकिएट्री विशेषज्ञ डॉ राघव शाह, डॉ संजय जैन तथा शिक्षाविद डॉ नीरा माथुर पूर्व प्रिंसिपल एस एम एस मेडिकल कॉलेज, डॉ कान्ता आहूजा पूर्व कुलपति राजस्थान यूनिवर्सिटी, राजस्थान अस्पताल के वाईस प्रेजिडेंट डॉ सर्वेश अग्रवाल एवं अनेक गणमान्य विशेषज्ञ उपस्थित थे। डॉ नीरा माथुर ने इस कदम को एक प्रशंसनीय पहल बताते हुए कहा कि इस पर कार्य करने प...

हाई कोर्ट का आदेश निजी व सरकारी स्कूलों में पढ़ानी होगी राजस्थानी

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० आशा पटेल ०  नई दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने राजस्थान सरकार को राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में राजस्थानी भाषा को एक विषय के रूप में शुरू करने का निर्देश देते हुए कहा कि मातृभाषा आधारित शिक्षा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सिद्धांतों के तहत यह एक संवैधानिक आवश्यकता है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने राज्य सरकार को मातृभाषा आधारित शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उपयुक्त और व्यापक नीति तैयार करने का निर्देश दिया है। पीठ ने आदेश दिया कि राज्य सरकार स्कूल शिक्षा के प्रारंभिक और तैयारी स्तर पर पहले चरण में तथा बाद में उच्च स्तरों पर क्रमिक रूप से राजस्थानी भाषा को शिक्षण माध्यम के रूप में अपनाने की दिशा में कदम उठाए। निर्णय में कहा गया, “संवैधानिक व्यवस्था, विधायी ढांचे और नीतिगत निर्देशों को देखते हुए हम राजस्थान राज्य को निर्देशित करना उचित समझते हैं कि वह मातृभाषा आधारित शिक्षा से संबंधित संवैधानिक दायित्वों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उपयुक्त और व्यापक नीति बनाए, विशेषकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की पृष्ठभूमि में।  उच्चतम न्यायालय ने कहा...

हाउस ऑफ शहरवाली मुर्शिदाबाद मैंगो फेस्टिवल 2026 बंगाल के शाही स्वादों का उत्सव

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० संवाददाता द्वारा ०  अजीमगंज, मुर्शिदाबाद : मुर्शिदाबाद की सदियों पुरानी आम परंपरा एक बार फिर जीवंत होने जा रही हैं। मुर्शिदाबाद हेरिटेज डेवलपमेंट सोसाइटी और हाउस ऑफ शहरवाली मिलकर ‘मुर्शिदाबाद मैंगो फेस्टिवल 2026’ प्रस्तुत कर रहे हैं एक महीने तक चलने वाला उत्सव, मुर्शिदाबाद के प्रसिद्ध नवाबी आमों, खान-पान की विरासत और बागों की संस्कृति को समर्पित है। अजीमगंज में आयोजित यह उत्सव यात्रियों, भोजन प्रेमियों और विरासत में रुचि रखने वाले लोगों को भारत की पारंपरिक आम की किस्मों का अनुभव करने का अवसर देगा। इनमें से कई किस्में केवल मुर्शिदाबाद के सदियों पुराने बाग़ों में ही पाई जाती हैं। कभी बंगाल के नवाबों की राजधानी रहा मुर्शिदाबाद 150 से अधिक प्रकार के आमों का घर है।  यहाँ का हर आम अपने भीतर राजशाही, व्यापार और परंपरा की अनोखी कहानियाँ समेटे हुए है। बाजार में बिकने वाले आमों से अलग, इन किस्मों का असली स्वाद पेड़ों से ताजा तोड़कर खाने में ही मिलता है। स्थानीय लोग आज भी कहते हैं, “आमेर अशोल स्वाद बागानेई पावा जाए” यानी आम का असली स्वाद तो बाग़ में ही मिलता है। इस उत्सव में आने व...

एचडीएफसी बैंक व्हाट्सएप चैट बैंकिंग ने 1 करोड़ यूनिक मंथली एक्टिव यूज़र्स पार किया

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० योगेश भट्ट ०  मुंबई : एचडीएफसी बैंक के व्हाट्सएप चैट बैंकिंग प्लेटफ़ॉर्म ने इस्तेमाल के मामले में कई अहम मील के पत्थर पार कर लिए हैं। इस प्लेटफ़ॉर्म पर 31 मार्च, 2026 तक 1 करोड़ से ज़्यादा 30-दिन के एक्टिव यूज़र्स और 2 करोड़ से ज़्यादा 90-दिन के एक्टिव यूज़र्स थे। यह प्लेटफ़ॉर्म अब 4 करोड़ से ज़्यादा रजिस्टर्ड ग्राहकों को सेवाएँ दे रहा है, जो बैंक के कुल ग्राहक आधार का लगभग 40 प्रतिशत है। यूज़र्स की संख्या में बढ़ोतरी के साथ-साथ, लेन-देन में भी 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो ग्राहकों की गहरी भागीदारी को दिखाता है। आज, एचडीएफसी बैंक व्हाट्सएप पर सेवाओं का सबसे व्यापक सेट पेश करता है। यह प्लेटफ़ॉर्म 19 प्रोडक्ट लाइनों में 225 से ज़्यादा सेवाओं के साथ रोज़मर्रा की बैंकिंग ज़रूरतों, लेन-देन से जुड़ी प्रक्रियाओं और पहले से मिलने वाले सर्विस अलर्ट को कवर करता है। यह तेज़ी से इस इंडस्ट्री के सबसे आधुनिक बातचीत-आधारित बैंकिंग इकोसिस्टम में से एक बन गया है। एचडीएफसी बैंक ने शुरू में ही पहचान लिया था कि बातचीत-आधारित इंटरफ़ेस सिर्फ़ आम बातचीत से आगे बढ़कर, कॉमर्स के लिए शक्तिशाली प्लेटफ़...

ज़ाकिर हुसैन कॉलेज (सांध्य) के वार्षिकोत्सव में गूंजा ‘न्यू इंडिया’ का विज़न

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० योगेश भट्ट ०  नई दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेज ज़ाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज (सांध्य) में वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा कॉर्पोरेट अफेयर्स राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में हर्ष मल्होत्रा ने कॉलेज के छात्र छात्राओं एवं प्राध्यापकों को संबोधित करते हुए अपने छात्र जीवन को याद किया और कहा कि छात्र जीवन से उनका इस कॉलेज से जुड़ाव रहा।  उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति के तहत हो रहे बदलावों की बात की जिसके द्वारा पढ़ने वालों को शिक्षा के साथ समाज जीवन में जाने के लिए भी तैयार किया जाता है। उन्होंने यह ध्यान दिलाया कि पिछले बारह सालों के दौरान प्रधानमंत्री ने हर क्षेत्र में रूपांतरकारी कामों को बढ़ावा दिया है। चाहे कश्मीर में धारा 370 का निरसन हो, या विधायिका में महिलाओं को तैंतीस प्रतिशत आरक्षण देने की बात हो। उन्होंने युवा पीढ़ी को कहा कि उनको वन नेशन वन इलेक्शन के बारे में सोचना चाहिए। इससे देश में चुनाव में फ़िज़ूलख़र्च पर तो रोक लगेगी ही विकास का काम भी अन...

कैसे बचेगा हमारा राष्ट्रीय पशु बाघ, इनकी तादाद में दिनोंदिन कमी आती जा रही है

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0 ज्ञानेन्द्र रावत 0 देश में आज बाघ संकट के दौर से गुजर रहा है। कारण इस साल जनवरी से अब तक देश में 58 बाघों की मौत हो चुकी है। इनमें 26 ने टाईगर रिजर्व क्षेत्र के बाहर अपनी जान गंवाई है। सरकारी आंकड़े तो यही दावा कर रहे हैं।असलियत यह है कि कहीं वह अवैध शिकार तो कहीं वह बीमारी के चलते, कहीं संक्रमण से, कहीं उनके लिए जंगल छोटे पड़ने, कहीं उनका क्षेत्र छोटे पड़ने या अस्तित्व की लड़ाई में,  कहीं शिकार और पानी की कमी के कारण जंगल से बाहर जाने से मानव से हो रहे संघर्ष के चलते अपनी जान गंवा रहे हैं। एक समय विलुप्ति के कगार पर पहुंच चुका राष्ट्रीय पशु बाघ बाघ संरक्षण परियोजना के चलते देश में उसकी तादाद दुनिया में आज 75 फीसदी से ज्यादा पहुंच गयी है। यह गर्व का विषय है जबकि 1950 के दशक में एक अनुमान के मुताबिक देश में बाघों की तादाद 40,000 तक थी लेकिन उसी दौर में इनके लगातार शिकार और आवास के खात्मे के चलते इनकी तादाद में तेजी से गिरावट आनी शुरू हो गयी थी। यदि 1972 की जनगणना की बात करें तो आंकड़ों के मुताबिक इनकी तादाद देश में कुल 1,827 तक गिरकर पहुंच गयी थी। वन्यजीव विशेषज्ञों की मानें तो 19...