टेक सेक्टर में बढ़ता 'वेतन का अंतर': AI के हुनर ने बदली तरक्की की परिभाषा
० योगेश भट्ट ० नई दिल्ली: भारतीय टेक जॉब मार्केट की एक तस्वीर ऐसी है जो देखने में बिल्कुल सामान्य लगती है । हायरिंग हो रही है, वेतन बढ़ रहे हैं और कंपनियां अपनी टीम का विस्तार कर रही हैं । लेकिन असली कहानी तब उभरती है जब आप इस बात पर गौर करते हैं कि आखिर नौकरी मिल किसे रही है, और यह नज़रिया एक बिल्कुल अलग ही कहानी बयां करता है । प्रमुख IIM और शीर्ष तकनीकी संस्थानों के प्लेसमेंट का ऑडिट करने वाली स्वतंत्र संस्था बी2के एनालिटिक्स (B2K Analytics) द्वारा किए गए एक विश्लेषण में 12,851 प्रोफ़ेशनल्स के करियर को परखा गया । 2023 से 2025 के बीच स्केलर के 'मॉडर्न सॉफ्टवेयर एंड AI इंजीनियरिंग' और 'डेटा साइंस एंड ML (AI स्पेशलाइजेशन)' प्रोग्राम पूरे करने वाले इन छात्रों के डेटा से एक बात साफ हो गई है: जिन्होंने AI-केंद्रित बाजार के हिसाब से अपनी तकनीकी बुनियाद को फिर से मजबूत किया, उनकी मिडियन सैलरी सीधे दोगुनी से ज्यादा हो गई, वहीं दूसरी ओर,मार्केट ने तकनीकी टैलेंट से अपनी अपेक्षाओं को पूरी तरह बदल दिया है । प्रोग्राम के बाद मिडियन CTC ₹8.7 लाख से बढ़कर ₹20 लाख हो गया, यानी पूरे 104...