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मई 13, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

हाउस ऑफ शहरवाली मुर्शिदाबाद मैंगो फेस्टिवल 2026 बंगाल के शाही स्वादों का उत्सव

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० संवाददाता द्वारा ०  अजीमगंज, मुर्शिदाबाद : मुर्शिदाबाद की सदियों पुरानी आम परंपरा एक बार फिर जीवंत होने जा रही हैं। मुर्शिदाबाद हेरिटेज डेवलपमेंट सोसाइटी और हाउस ऑफ शहरवाली मिलकर ‘मुर्शिदाबाद मैंगो फेस्टिवल 2026’ प्रस्तुत कर रहे हैं एक महीने तक चलने वाला उत्सव, मुर्शिदाबाद के प्रसिद्ध नवाबी आमों, खान-पान की विरासत और बागों की संस्कृति को समर्पित है। अजीमगंज में आयोजित यह उत्सव यात्रियों, भोजन प्रेमियों और विरासत में रुचि रखने वाले लोगों को भारत की पारंपरिक आम की किस्मों का अनुभव करने का अवसर देगा। इनमें से कई किस्में केवल मुर्शिदाबाद के सदियों पुराने बाग़ों में ही पाई जाती हैं। कभी बंगाल के नवाबों की राजधानी रहा मुर्शिदाबाद 150 से अधिक प्रकार के आमों का घर है।  यहाँ का हर आम अपने भीतर राजशाही, व्यापार और परंपरा की अनोखी कहानियाँ समेटे हुए है। बाजार में बिकने वाले आमों से अलग, इन किस्मों का असली स्वाद पेड़ों से ताजा तोड़कर खाने में ही मिलता है। स्थानीय लोग आज भी कहते हैं, “आमेर अशोल स्वाद बागानेई पावा जाए” यानी आम का असली स्वाद तो बाग़ में ही मिलता है। इस उत्सव में आने व...

एचडीएफसी बैंक व्हाट्सएप चैट बैंकिंग ने 1 करोड़ यूनिक मंथली एक्टिव यूज़र्स पार किया

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० योगेश भट्ट ०  मुंबई : एचडीएफसी बैंक के व्हाट्सएप चैट बैंकिंग प्लेटफ़ॉर्म ने इस्तेमाल के मामले में कई अहम मील के पत्थर पार कर लिए हैं। इस प्लेटफ़ॉर्म पर 31 मार्च, 2026 तक 1 करोड़ से ज़्यादा 30-दिन के एक्टिव यूज़र्स और 2 करोड़ से ज़्यादा 90-दिन के एक्टिव यूज़र्स थे। यह प्लेटफ़ॉर्म अब 4 करोड़ से ज़्यादा रजिस्टर्ड ग्राहकों को सेवाएँ दे रहा है, जो बैंक के कुल ग्राहक आधार का लगभग 40 प्रतिशत है। यूज़र्स की संख्या में बढ़ोतरी के साथ-साथ, लेन-देन में भी 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो ग्राहकों की गहरी भागीदारी को दिखाता है। आज, एचडीएफसी बैंक व्हाट्सएप पर सेवाओं का सबसे व्यापक सेट पेश करता है। यह प्लेटफ़ॉर्म 19 प्रोडक्ट लाइनों में 225 से ज़्यादा सेवाओं के साथ रोज़मर्रा की बैंकिंग ज़रूरतों, लेन-देन से जुड़ी प्रक्रियाओं और पहले से मिलने वाले सर्विस अलर्ट को कवर करता है। यह तेज़ी से इस इंडस्ट्री के सबसे आधुनिक बातचीत-आधारित बैंकिंग इकोसिस्टम में से एक बन गया है। एचडीएफसी बैंक ने शुरू में ही पहचान लिया था कि बातचीत-आधारित इंटरफ़ेस सिर्फ़ आम बातचीत से आगे बढ़कर, कॉमर्स के लिए शक्तिशाली प्लेटफ़...

ज़ाकिर हुसैन कॉलेज (सांध्य) के वार्षिकोत्सव में गूंजा ‘न्यू इंडिया’ का विज़न

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० योगेश भट्ट ०  नई दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेज ज़ाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज (सांध्य) में वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा कॉर्पोरेट अफेयर्स राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में हर्ष मल्होत्रा ने कॉलेज के छात्र छात्राओं एवं प्राध्यापकों को संबोधित करते हुए अपने छात्र जीवन को याद किया और कहा कि छात्र जीवन से उनका इस कॉलेज से जुड़ाव रहा।  उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति के तहत हो रहे बदलावों की बात की जिसके द्वारा पढ़ने वालों को शिक्षा के साथ समाज जीवन में जाने के लिए भी तैयार किया जाता है। उन्होंने यह ध्यान दिलाया कि पिछले बारह सालों के दौरान प्रधानमंत्री ने हर क्षेत्र में रूपांतरकारी कामों को बढ़ावा दिया है। चाहे कश्मीर में धारा 370 का निरसन हो, या विधायिका में महिलाओं को तैंतीस प्रतिशत आरक्षण देने की बात हो। उन्होंने युवा पीढ़ी को कहा कि उनको वन नेशन वन इलेक्शन के बारे में सोचना चाहिए। इससे देश में चुनाव में फ़िज़ूलख़र्च पर तो रोक लगेगी ही विकास का काम भी अन...

कैसे बचेगा हमारा राष्ट्रीय पशु बाघ, इनकी तादाद में दिनोंदिन कमी आती जा रही है

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0 ज्ञानेन्द्र रावत 0 देश में आज बाघ संकट के दौर से गुजर रहा है। कारण इस साल जनवरी से अब तक देश में 58 बाघों की मौत हो चुकी है। इनमें 26 ने टाईगर रिजर्व क्षेत्र के बाहर अपनी जान गंवाई है। सरकारी आंकड़े तो यही दावा कर रहे हैं।असलियत यह है कि कहीं वह अवैध शिकार तो कहीं वह बीमारी के चलते, कहीं संक्रमण से, कहीं उनके लिए जंगल छोटे पड़ने, कहीं उनका क्षेत्र छोटे पड़ने या अस्तित्व की लड़ाई में,  कहीं शिकार और पानी की कमी के कारण जंगल से बाहर जाने से मानव से हो रहे संघर्ष के चलते अपनी जान गंवा रहे हैं। एक समय विलुप्ति के कगार पर पहुंच चुका राष्ट्रीय पशु बाघ बाघ संरक्षण परियोजना के चलते देश में उसकी तादाद दुनिया में आज 75 फीसदी से ज्यादा पहुंच गयी है। यह गर्व का विषय है जबकि 1950 के दशक में एक अनुमान के मुताबिक देश में बाघों की तादाद 40,000 तक थी लेकिन उसी दौर में इनके लगातार शिकार और आवास के खात्मे के चलते इनकी तादाद में तेजी से गिरावट आनी शुरू हो गयी थी। यदि 1972 की जनगणना की बात करें तो आंकड़ों के मुताबिक इनकी तादाद देश में कुल 1,827 तक गिरकर पहुंच गयी थी। वन्यजीव विशेषज्ञों की मानें तो 19...

ब्लू डार्ट ने की शानदार बढ़त ; ई-कॉमर्स और B2B क्षेत्र का रहा योगदान

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० नूरुद्दीन अंसारी ०  मुंबई : कूरियर और ट्रांसपोर्ट कंपनी 'ब्लू डार्ट' ने अपने मुनाफे के आंकड़े पेश किए। मुंबई में हुई कंपनी की मीटिंग के बाद, 31 मार्च 2026 को खत्म हुए साल और उसकी आखिरी तिमाही के नतीजे बताए गए। ग्राहकों की बदलती जरूरतों, ऑनलाइन शॉपिंग में बढ़त और देश में सामान की भारी मांग के बीच, कंपनी ने पिछले साल के मुकाबले अपनी कमाई में अच्छी वृद्धि की है।  यह कामयाबी ऑनलाइन बिजनेस (e-commerce) और कंपनियों के सड़क मार्ग परिवहन (B2B surface) में मिली लगातार बढ़त की वजह से मिली है। 31 मार्च 2026 को खत्म हुए साल के लिए, ब्लू डार्ट की कुल कमाई ₹6,141 करोड़ रही, जो पिछले साल (2024–25) ₹5,720 करोड़ थी। पूरे साल का कुल मुनाफा (टैक्स के बाद) ₹240 करोड़ रहा। अगर सिर्फ आखिरी 3 महीनों (जनवरी से मार्च 2026) की बात करें, तो कंपनी की कमाई ₹1,533 करोड़ रही और मुनाफा ₹43 करोड़ हुआ। कंपनी ने अपने हवाई और ज़मीनी रास्तों के नेटवर्क को और मज़बूत बनाया, काम करने के तरीके में सुधार किया और पूरे भारत में बिज़नेस की ज़रूरतों के हिसाब से नई सेवाएँ शुरू कीं। इस साल नए मज़दूरी नियमों (Wage Code)...