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नीट पेपर लीक : सिर्फ परीक्षा नहीं, करोड़ों सपनों के साथ विश्वासघात

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० इरफ़ान राही ०  देश में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाएं केवल प्रश्नपत्रों और अंकों का खेल नहीं होतीं, बल्कि यह करोड़ों सपनों, उम्मीदों और संघर्षों की कहानी होती हैं। खासतौर पर NEET जैसी परीक्षा, जिसे देश के सबसे कठिन और प्रतिष्ठित एग्जामों में गिना जाता है। इस परीक्षा के पीछे केवल एक छात्र की मेहनत नहीं होती, बल्कि उसके पूरे परिवार की कुर्बानियां जुड़ी होती हैं।  एक बच्चा डॉक्टर बनने का सपना देखता है, तो उसके साथ मां-बाप अपने अधूरे सपनों को भी उस बच्चे की आंखों में सजाते हैं। भाई-बहन उसका हौसला बनते हैं, रिश्तेदार उम्मीदें बांधते हैं और पूरा परिवार सालों तक एक ही लक्ष्य के लिए जीता है। ऐसे में जब पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आती हैं तो यह केवल एक परीक्षा में गड़बड़ी नहीं होती, बल्कि यह उन लाखों मेहनती और ईमानदार छात्रों के साथ खुला अन्याय होता है, जिन्होंने दिन-रात एक करके अपनी तैयारी की होती है। जिन बच्चों ने मोबाइल, खेल, घूमना-फिरना और अपनी छोटी-छोटी खुशियों तक को छोड़कर केवल पढ़ाई को अपना लक्ष्य बनाया, उनके लिए पेपर लीक की खबर किसी सदमे से कम नहीं होती। आज देश का युवा यह सवाल ...

29 मई को रिलीज होगी फिल्म ‘द इंडियन लेनिन : बाबू जगदेव’

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०  संत कुमार गोस्वामी  ०  पटना : अमर शहीद जगदेव प्रसाद के जीवन संघर्ष पर आधारित बायोपिक फिल्म ‘द इंडियन लेनिन : बाबू जगदेव’ 29 मई को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। फिल्म के निर्माता सुभाष कुमार एवं सिद्धार्थ कुमार ने इसकी घोषणा करते हुए बताया कि यह फिल्म सामाजिक न्याय और संघर्ष की कहानी को बड़े पर्दे पर जीवंत करेगी।  बाबू जगदेव प्रसाद बिहार के ऐसे जननेता थे, जिन्होंने दलित, पिछड़े, अतिपिछड़े, आदिवासी और अल्पसंख्यक समाज समेत 90 प्रतिशत शोषित एवं वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष किया। अपने आंदोलन और विचारों के कारण वे जनता के बीच “इंडियन लेनिन” के नाम से प्रसिद्ध हुए। संघर्ष के दौरान जहानाबाद के कुर्था में वे शहीद हो गए थे। फिल्म के निर्देशक प्रेम कुमार विद्यार्थी के अनुसार फिल्म की शूटिंग बिहार और झारखंड के कई इलाकों में की गई। जहानाबाद के कुरहारी, गया जिले के डुमरिया, इमामगंज, बांकेबाजार सहित झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में फिल्मांकन हुआ। फिल्म में 1932 से 1974 तक के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक परिवेश को विस्तार से दिखाया गया है। फिल्म में...

हलमा – अपनी समस्या अपना समाधान ; भील समुदाय की परंपरा

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०  श्याम कुमार कोलारे ०  "जब गांव का कोई व्यक्ति किसी संकट में फंस जाता है और अपनी पूरी कोशिश के बावजूद उससे बाहर नहीं निकल पाता, जैसे किसी की फसल कटाई के लिए तैयार है लेकिन मज़दूरों को मेहनताना देने के लिए पैसे नहीं हैं, किसी को घर या कुआँ बनवाना है, खेत तैयार करना है- तो वह हलमा का आह्वान करता है।" जहाँ चाह, वहाँ राह! इसी कहावत को पूर्णतः चरितार्थ करती हुई गौरवपूर्ण एवं सम्मानजनक परंपरा के बारे में बताने जा रहा हूँ, जिसे जानकर मन सम्मान और उत्साह से भर उठेगा। यह मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल्य क्षेत्र झाबुआ जिला की एक विशेष परंपरा या यू कहें तो झाबुआ के भील समुदाय की पूर्वजों से चली आ रही परंपरा की एक सजीव कहानी है जिससे सुनने के बाद सम्मान देने व अनुकरण करने का मन करने लगेगा। भारत अपनी विविधता और लोक संस्कृति के लिए मशहूर रहा है। हर जनजाति की अपनी खास पहचान होती है, जैसे उनकी भाषा, पोशाक, रहन-सहन, लोक नृत्य, कला और परंपराएं। ये सब उनकी सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा हैं और यही गुण उनको सभी से अलग पहचान दिलाती हैं। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश के भील समुदाय, जो अपनी ‘हलमा’ परंपरा के लि...

टाटा अल्ट्रोज़ आईसीएनजी में अब मिलेगा ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन

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० योगेश भट्ट ०  मुंबई : टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (टीएमपीवी) ने आज अपनी प्रीमियम हैचबैक टाटा अल्ट्रोज़ आईसीएनजी (iCNG) में एएमटी (ऑटोमैटेड मैनुअल ट्रांसमिशन) की शुरुआत की घोषणा की। इसके साथ अल्ट्रोज़ आईसीएनजी अब भारत की पहली और एकमात्र प्रीमियम हैचबैक बन गई है, जो सीएनजी पावरट्रेन के साथ ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन का विकल्प देती है।  नई अल्ट्रोज़ आईसीएनजी एएमटी की शुरुआती कीमत 8.69 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रखी गई है। यह लॉन्च कंपनी के 'फील स्पेशल' ब्रांड प्रपोज़िशन को और मजबूत करता है, जिसमें सीएनजी की बेहतर माइलेज और ऑटोमैटिक ड्राइविंग की सुविधा एक साथ मिलती है, साथ ही इस सेगमेंट में सबसे व्यापक मल्टी-पावरट्रेन लाइन-अप की पेशकश भी जारी रखता है। अल्‍ट्रोज़ आईसीएनजी एएमटी की वैरिएंट के अनुसार कीमतें : सीएनजी में वैरिएंट्स कीमतें रूपये में ( एक्‍स शोरूम दिल्‍ली ) प्‍योर 8,69,990,प्‍योर एस 8,99,990,क्रिएटिव 9,56,990,क्रिएटिव एस 9,81,990, अकम्‍प्‍लीश्‍ड 10,76,990 टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड के चीफ कमर्शियल ऑफिसर विवेक श्रीवत्स ने कहा, "टाटा अल्ट्रोज़ ...

टेक सेक्टर में बढ़ता 'वेतन का अंतर': AI के हुनर ने बदली तरक्की की परिभाषा

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० योगेश भट्ट ०  नई दिल्ली: भारतीय टेक जॉब मार्केट की एक तस्वीर ऐसी है जो देखने में बिल्कुल सामान्य लगती है । हायरिंग हो रही है, वेतन बढ़ रहे हैं और कंपनियां अपनी टीम का विस्तार कर रही हैं । लेकिन असली कहानी तब उभरती है जब आप इस बात पर गौर करते हैं कि आखिर नौकरी मिल किसे रही है, और यह नज़रिया एक बिल्कुल अलग ही कहानी बयां करता है । प्रमुख IIM और शीर्ष तकनीकी संस्थानों के प्लेसमेंट का ऑडिट करने वाली स्वतंत्र संस्था बी2के एनालिटिक्स (B2K Analytics) द्वारा किए गए एक विश्लेषण में 12,851 प्रोफ़ेशनल्स के करियर को परखा गया । 2023 से 2025 के बीच स्केलर के 'मॉडर्न सॉफ्टवेयर एंड AI इंजीनियरिंग' और 'डेटा साइंस एंड ML (AI स्पेशलाइजेशन)' प्रोग्राम पूरे करने वाले इन छात्रों के डेटा से एक बात साफ हो गई है: जिन्होंने AI-केंद्रित बाजार के हिसाब से अपनी तकनीकी बुनियाद को फिर से मजबूत किया, उनकी मिडियन सैलरी सीधे दोगुनी से ज्यादा हो गई, वहीं दूसरी ओर,मार्केट ने तकनीकी टैलेंट से अपनी अपेक्षाओं को पूरी तरह बदल दिया है । प्रोग्राम के बाद मिडियन CTC ₹8.7 लाख से बढ़कर ₹20 लाख हो गया, यानी पूरे 104...

मानसिक स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम : एक प्रणाली और संरचना-आधारित ढांचे की ओर’’ व्हाइट पेपर जारी

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० आशा पटेल ०  जयपुर। राजस्थान हॉस्पिटल, जयपुर में "मानसिक स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम : एक प्रणाली और संरचना- आधारित ढांचे की ओर" शीर्षक पर व्हाइट पेपर जारी किया गया। यह श्वेत पत्र फोरम फॉर लर्निंग एंड एक्शन विथ इनोवेशन एंड रिगर अर्थात FLAIR द्वारा लिखा गया है। दिल्ली स्थित यह संगठन भारत में मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम कर रहा है। इस अवसर पर फ्लेर के मार्गदर्शक डॉ. राज कुमार भंडारी ने बताया कि डिजिटल युग में मानसिक स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रमों में अनेक चुनौतियां हैं यह श्वेत पत्र न केवल उनमें मौजूद खामियों का विश्लेषण है, बल्कि उनके समाधान में प्रक्रियात्मक और मूल, दोनों ही तरह के वैज्ञानिक और नैदानिक साक्ष्यों का प्रस्तुतीकरण है। इस अवसर पर साइकिएट्री विशेषज्ञ डॉ राघव शाह, डॉ संजय जैन तथा शिक्षाविद डॉ नीरा माथुर पूर्व प्रिंसिपल एस एम एस मेडिकल कॉलेज, डॉ कान्ता आहूजा पूर्व कुलपति राजस्थान यूनिवर्सिटी, राजस्थान अस्पताल के वाईस प्रेजिडेंट डॉ सर्वेश अग्रवाल एवं अनेक गणमान्य विशेषज्ञ उपस्थित थे। डॉ नीरा माथुर ने इस कदम को एक प्रशंसनीय पहल बताते हुए कहा कि इस पर कार्य करने प...

हाई कोर्ट का आदेश निजी व सरकारी स्कूलों में पढ़ानी होगी राजस्थानी

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० आशा पटेल ०  नई दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने राजस्थान सरकार को राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में राजस्थानी भाषा को एक विषय के रूप में शुरू करने का निर्देश देते हुए कहा कि मातृभाषा आधारित शिक्षा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सिद्धांतों के तहत यह एक संवैधानिक आवश्यकता है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने राज्य सरकार को मातृभाषा आधारित शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उपयुक्त और व्यापक नीति तैयार करने का निर्देश दिया है। पीठ ने आदेश दिया कि राज्य सरकार स्कूल शिक्षा के प्रारंभिक और तैयारी स्तर पर पहले चरण में तथा बाद में उच्च स्तरों पर क्रमिक रूप से राजस्थानी भाषा को शिक्षण माध्यम के रूप में अपनाने की दिशा में कदम उठाए। निर्णय में कहा गया, “संवैधानिक व्यवस्था, विधायी ढांचे और नीतिगत निर्देशों को देखते हुए हम राजस्थान राज्य को निर्देशित करना उचित समझते हैं कि वह मातृभाषा आधारित शिक्षा से संबंधित संवैधानिक दायित्वों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उपयुक्त और व्यापक नीति बनाए, विशेषकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की पृष्ठभूमि में।  उच्चतम न्यायालय ने कहा...