ARCH कॉलेज ऑफ़ डिज़ाइन एंड बिज़नेस ने अंतरराष्ट्रीय Co-LIFE पायलट 2 वर्कशॉप शुरू की

० आशा पटेल ० 
जयपुर, ARCH कॉलेज ऑफ़ डिज़ाइन एंड बिज़नेस ने जयपुर में Co-LIFE प्रोजेक्ट (Co-designing Learning for Impact-focused Entrepreneurship) की पायलट कार्यशाला का उद्घाटन किया। यह कार्यशाला यूरोपीय संघ द्वारा वित्तपोषित तीन वर्षीय Erasmus+ पहल का हिस्सा है और 31 जनवरी तक आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रमों में इम्पैक्ट-फोकस्ड एंटरप्रेन्योरशिप (IFE) को शामिल करना है।

ARCH कॉलेज ऑफ़ डिज़ाइन एंड बिज़नेस की संस्थापक एवं निदेशक, अर्चना सुराणा, ने परियोजना से जुड़े आठ अंतरराष्ट्रीय साझेदार संस्थानों के प्रतिनिधियों का स्वागत किया। इनमें LAB यूनिवर्सिटी ऑफ़ एप्लाइड साइंसेज़ (फ़िनलैंड), लॉरिआ यूनिवर्सिटी ऑफ़ एप्लाइड साइंसेज़ (फ़िनलैंड), आरहूस यूनिवर्सिटी (डेनमार्क), थॉमस मोर यूनिवर्सिटी ऑफ़ एप्लाइड साइंसेज़ (बेल्जियम), गोवा इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, इंडियन स्कूल ऑफ़ डेवलपमेंट मैनेजमेंट (ISDM), इकोल इंट्यूट लैब, तथा मेज़बान ARCH कॉलेज ऑफ़ डिज़ाइन एंड बिज़नेस शामिल हैं।
अर्चना सुराणा ने कहा “Co-LIFE पायलट 2 भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच सहयोग को मज़बूत करता है, जिसका उद्देश्य डिज़ाइन शिक्षा को बेहतर बनाना है। यह कार्यक्रम छात्रों को वास्तविक परियोजनाओं के माध्यम से सीखने और सामाजिक व व्यावसायिक प्रभाव पैदा करने वाले समाधान विकसित करने में सहायता करता है। जयपुर में इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेज़बानी Co-LIFE प्रोजेक्ट के भारत चरण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
इस कार्यशाला में यूरोप और भारत से लगभग 50 अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों, जिनमें विशेषज्ञ कोच, वरिष्ठ शिक्षाविद और छात्र शामिल हैं, ने भाग लिया है। यह कार्यक्रम ‘लर्निंग बाय डेवलपिंग’ (LbD) पद्धति पर आधारित है, जो वास्तविक चुनौतियों के माध्यम से अनुभवात्मक शिक्षा को बढ़ावा देता है। जयपुर रग्स, नीरजा इंटरनेशनल, 

जयपुर ब्लॉक और कल्पना हैंडमेड पेपर्स जैसे उद्योग साझेदारों के साथ किए गए रणनीतिक समझौता ज्ञापनों (MoUs) के माध्यम से छात्र स्थिरता, सामाजिक प्रभाव और विरासत-आधारित उद्यमिता पर केंद्रित फील्ड विज़िट्स और सहयोगात्मक समस्या-समाधान गतिविधियों में भाग लेंगे।

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