शेखावाटी फाउंडेशन के स्थापना दिवस पर दिखा विकास, विरासत और सम्मान

० आशा पटेल ० 
जयपुर। शेखावाटी फाउंडेशन के स्थापना दिवस के अवसर पर राजस्थान इकाई के द्वारा आयोजित समारोह में शेखावाटी के सर्वांगीण विकास को लेकर एकजुट और सशक्त स्वर सुनाई दिया। कार्यक्रम का मुख्य मुद्दा शेखावाटी में एयरपोर्ट की स्थापना रहा, जिसे सैनिकों के सम्मान, श्रद्धालुओं की सुविधा, पर्यटन, शिक्षा, उद्योग और युवाओं के भविष्य से जुड़ा आवश्यक विषय बताया गया।
शेखावाटी फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष सुशील गुप्ता एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष महावीर अग्रवाल ने बताया कि शेखावाटी वह वीरभूमि है जिसने देश को सर्वाधिक सैनिक दिए हैं, किंतु एयर कनेक्टिविटी के अभाव में सैनिकों, विद्यार्थियों, पर्यटकों और उद्योगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने एयरपोर्ट को शेखावाटी का अधिकार बताते हुए इसे शीघ्र स्वीकृति देने की माँग रखी। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि “शेखावाटी फाउंडेशन की माँग पूर्णतः न्यायसंगत है और शेखावाटी में एयरपोर्ट बनना ही चाहिए।
वरिष्ठ भाजपा नेता सतीश पूनिया ने कहा कि यह विषय अब आगे बढ़ना चाहिए, स्वायत शासन एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा यहाँ उपस्थित हैं, हम सब चाहते हैं कि मंत्री जी इस कार्य को आगे बढ़ाएं।”
वहीं मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने आश्वस्त किया कि “मैं पूरे प्रयासों के साथ मुख्यमंत्री से बात करूँगा और नागरिक उड्डयन मंत्री से मिलेंगे । आवश्यकता पड़ी तो प्रधानमंत्री से भी मिलकर शेखावाटी की इस आवश्यकता को मजबूती से आगे बढ़ाऊँगा।
कार्यक्रम में विधायक कालीचरण सराफ वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेंद्र पारीक , गोवर्धन वर्मा ,कांग्रेस विधायक रफीक खान ,सैनिक कल्याण बोर्ड के चेयरमैन प्रेम सिंह बाजोर, विधायक हरलाल सारण, पूर्व विधायक अभिनेश महर्षि ,वरिष्ठ समाजसेवी सीताराम अग्रवाल, वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अरशद अली, आईजी अनिल कयाल ,भारतीय जनता पार्टी कोषाध्यक्ष पंकज गुप्ता, नेता राजपाल शर्मा ,कांग्रेस प्रदेश महासचिव राजेश चौधरी ,

पूर्व विप्र आयोग की उपाध्यक्ष मंजू शर्मा ,पूर्व मेयर सौम्या गुर्जर , राखी राठौर अध्यक्ष, भाजपा महिला मोर्चा) सहित अनेक जनप्रतिनिधि, उद्योगपति, व्यापारी एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि एयरपोर्ट केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि शेखावाटी के उज्ज्वल भविष्य की नींव है।  शेखावाटी फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद गोयल ने कहा कि शेखावाटी का विकास केवल नई परियोजनाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसकी ऐतिहासिक विरासत का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है।

 उन्होंने कहा कि शेखावाटी की ऐतिहासिक हवेलियाँ और बावड़ियाँ हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं और इनके संरक्षण, संवर्धन एवं जागरूकता के लिए शेखावाटी फाउंडेशन निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फाउंडेशन इन बावड़ियों, हवेलियों और धरोहरों को बचाने के लिए आगे भी पूरी निष्ठा और संकल्प के साथ कार्य करता रहेगा।

 कार्यक्रम में “शेखावाटी रत्न अवॉर्ड” से राजस्थान की सुप्रसिद्ध लोक गायिका सीमा मिश्रा को सम्मानित किया गया। शेखावाटी की धरती की पुत्री सीमा मिश्रा ने अपने लोकगीतों के माध्यम से राजस्थानी संस्कृति, लोक परंपराओं और शेखावाटी की आत्मा को देश–विदेश तक पहुँचाने में अतुलनीय योगदान दिया है। 

यह सम्मान शेखावाटी की समस्त जनप्रतिनिधियों, उद्योगपतियों एवं शेखावाटी फाउंडेशन के पदाधिकारियों द्वारा एक साथ मंच पर प्रदान किया गया, जिसने सांस्कृतिक एकता और सामूहिक सम्मान का संदेश दिया। शेखावाटी फाउंडेशन द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रवासी राजस्थानियों एवं शेखावाटी अंचल के विशिष्ट व्यक्तित्वों को भी सम्मानित किया। इनमें संगम साड़ी प्राइवेट लिमिटेड, कोलकाता के चेयरमैन कैलाश सुल्तानिया, वेस्ट बंगाल होजरी एसोसिएशन,

 कोलकाता के चेयरमैन सुदेश अग्रवाल, श्री श्याम मंदिर कमेटी खाटूश्यामजी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान, दादी स्टील एवं रत्ना ग्रुप के चेयरमैन वैभव रुंगटा, सी.पी.आर. डॉक्टर ऑफ इंडिया ,डॉ. वी. के. जैन, सिंघानिया यूनिवर्सिटी, पचेरी बड़ी के चेयरमैन रवि सिंघानिया, समाजसेवी व भामाशाह प्रदीप पाटोदिया, विश्व प्रसिद्ध मूर्तिकार मातूराम वर्मा,पूर्व सभापति डूंगरपुर के. के. गुप्ता, प्रचार कम्युनिकेशन के निदेशक रतन जैन तथा ठाणे (मुंबई) के समाजसेवी विजय बसावतिया शामिल रहे।

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