पाली में ‘पानी और लैंगिक समानता’ पर सम्मेलन, जल संरक्षण व महिला सशक्तिकरण पर जोर
० आशा पटेल ०
पाली। ग्रामीण विकास विज्ञान समिति (GRAVIS) द्वारा “वॉटर एंड जेंडर इक्वालिटी” परियोजना के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र, पाली में एक सॉलिडेरिटी कन्वेंशन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा समाज में लैंगिक समानता को प्रोत्साहित करना रहा।
पाली। ग्रामीण विकास विज्ञान समिति (GRAVIS) द्वारा “वॉटर एंड जेंडर इक्वालिटी” परियोजना के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र, पाली में एक सॉलिडेरिटी कन्वेंशन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा समाज में लैंगिक समानता को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम में GRAVIS के प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर महितोष बागोरिया ने संस्था के बारे में बताया कि GRAVIS पिछले चार दशकों से ग्रामीण समुदायों के समग्र विकास हेतु कार्यरत एक अग्रणी संस्था है। यह संस्था गांधीवादी विचारधारा पर आधारित होकर सहभागितापूर्ण विकास, समानता एवं सामाजिक समरसता को बढ़ावा देती है।
GRAVIS ग्रामीण पुनर्निर्माण के लिए समुदाय की सक्रिय भागीदारी के साथ नवाचार आधारित दृष्टिकोण अपनाती है तथा पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़कर आत्मनिर्भर ग्रामीण समाज के निर्माण की दिशा में कार्य कर रही है। वर्तमान में संस्था 2500 गांवों में लगभग 2.7 लाख समुदाय सदस्यों के साथ जल सुरक्षा, कृषि एवं पशुपालन, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामुदायिक सशक्तिकरण, अनुसंधान एवं वकालत जैसे पांच प्रमुख क्षेत्रों में कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में राहुल मिश्रा ने “डेवलपमेंट एंड हेल्थ फॉर वीमेन एंड गर्ल्स (DHWG)” परियोजना की जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य समग्र दृष्टिकोण के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं के विकास को सुनिश्चित करना तथा लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है। अक्टूबर 2021 से प्रारंभ यह पांच वर्षीय महिला-नेतृत्व वाली परियोजना पाली और जोधपुर जिलों के 15 गांवों में संचालित की जा रही है,
जिसे मोटिवेशन फॉर एक्सीलेंस (MFE) का सहयोग प्राप्त है और इससे 20,000 से अधिक लोग लाभान्वित हो रहे हैं। परियोजना के प्रमुख उद्देश्यों में सामुदायिक संगठनों (ILGs एवं SHGs) को सशक्त बनाना, जल सुरक्षा एवं जल की गुणवत्ता में सुधार, खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देना, महिलाओं व बालिकाओं के स्वास्थ्य में सुधार तथा समुदाय में एकजुटता और समरसता को मजबूत करना शामिल है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसडीएम विमलेंद्र सिंह राणावत ने जल संरक्षण और लैंगिक समानता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पानी का समुचित प्रबंधन और महिलाओं को समान अवसर प्रदान करना समाज के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र, पाली के निदेशक डॉ. मनोज कुमार ने समाज में महिलाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्हें आगे बढ़ाने और समान अवसर प्रदान करने पर जोर दिया। वहीं राजीविका से डीपीएम सविता टी. एवं केवीके के वरिष्ठ वैज्ञानिक ऐश्वर्या डूडी ने जल प्रबंधन, महिला सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता से जुड़े विषयों पर उपयोगी जानकारी साझा की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसडीएम विमलेंद्र सिंह राणावत ने जल संरक्षण और लैंगिक समानता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पानी का समुचित प्रबंधन और महिलाओं को समान अवसर प्रदान करना समाज के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र, पाली के निदेशक डॉ. मनोज कुमार ने समाज में महिलाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्हें आगे बढ़ाने और समान अवसर प्रदान करने पर जोर दिया। वहीं राजीविका से डीपीएम सविता टी. एवं केवीके के वरिष्ठ वैज्ञानिक ऐश्वर्या डूडी ने जल प्रबंधन, महिला सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता से जुड़े विषयों पर उपयोगी जानकारी साझा की।
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