ICAI जयपुर द्वारा बैंक ऑडिट सेमिनार में विशेषज्ञों ने किया मंथन
० आशा पटेल ०
जयपुर। द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की ऑडिटिंग एंड अश्योरेंस स्टैंडर्ड्स बोर्ड के तत्वावधान में ICAI की जयपुर शाखा द्वारा राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में सीए सदस्यों के लिए बैंक ऑडिट विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोपाल शर्मा, विधायक (सिविल लाइन्स), रहे।
जयपुर शाखा के अध्यक्ष सीए राजा मोरध्वज शर्मा ने कहा कि बैंक ऑडिट एक महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील प्रक्रिया है, जिसके अंतर्गत बैंक के वित्तीय विवरण, लेखा अभिलेख, आंतरिक नियंत्रण प्रणाली तथा समग्र वित्तीय प्रबंधन का गहन मूल्यांकन किया जाता है। उन्होंने बताया कि बैंक ऑडिट का मुख्य उद्देश्य वित्तीय रिपोर्टिंग की सटीकता, विश्वसनीयता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करना है, जिससे हितधारकों का विश्वास बना रहे।
जयपुर। द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की ऑडिटिंग एंड अश्योरेंस स्टैंडर्ड्स बोर्ड के तत्वावधान में ICAI की जयपुर शाखा द्वारा राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में सीए सदस्यों के लिए बैंक ऑडिट विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोपाल शर्मा, विधायक (सिविल लाइन्स), रहे।
वर्तमान परिप्रेक्ष्य में बैंक ऑडिट की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बदलते वित्तीय परिवेश में बैंक ऑडिट केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि वित्तीय प्रणाली की सुदृढ़ता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करने वाला एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।
सेंट्रल काउंसिल सदस्य सीए सतीश कुमार गुप्ता ने बैंक ऑडिट की बदलती आवश्यकताओं और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने में चार्टर्ड एकाउंटेंट्स की भूमिका पर विचार साझा किए। उन्होंने डिजिटल एवं तकनीक-आधारित बैंकिंग वातावरण में ऑडिट की बढ़ती महत्ता, सटीकता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता पर जोर दिया।
जयपुर शाखा के अध्यक्ष सीए राजा मोरध्वज शर्मा ने कहा कि बैंक ऑडिट एक महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील प्रक्रिया है, जिसके अंतर्गत बैंक के वित्तीय विवरण, लेखा अभिलेख, आंतरिक नियंत्रण प्रणाली तथा समग्र वित्तीय प्रबंधन का गहन मूल्यांकन किया जाता है। उन्होंने बताया कि बैंक ऑडिट का मुख्य उद्देश्य वित्तीय रिपोर्टिंग की सटीकता, विश्वसनीयता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करना है, जिससे हितधारकों का विश्वास बना रहे।
सूरत से आए विशेषज्ञ वक्ता सीए रोहित पोरवाल ने “वेरिफिकेशन ऑफ एडवांसेज एंड अर्ली वार्निंग सिग्नल्स” विषय पर विस्तृत एवं व्यावहारिक प्रकाश डाला। उन्होंने एडवांस खातों की जांच के तकनीकी एवं प्रायोगिक पहलुओं पर विचार रखते हुए बताया कि विस्तृत विश्लेषण एवं प्रभावी ऑडिट प्रक्रियाओं के माध्यम से संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान की जा सकती है।
हैदराबाद से आए सीए प्रेमनाथ देगला ने “सीबीएस परिवेश में बैंक ऑडिट” विषय पर तकनीकी प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि कोर बैंकिंग सिस्टम के इस युग में ऑडिट की प्रकृति में महत्त्वपूर्ण परिवर्तन आया है, जहाँ ऑडिटर्स के लिए आईटी सिस्टम, डेटा एनालिटिक्स एवं डिजिटल लेनदेन की गहन समझ आवश्यक हो गई है। उन्होंने विभिन्न मॉड्यूल्स, सिस्टम-जनित रिपोर्ट्स एवं ऑटोमेटेड कंट्रोल्स के माध्यम से ऑडिट प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के उपाय भी साझा किए।
हैदराबाद से आए सीए प्रेमनाथ देगला ने “सीबीएस परिवेश में बैंक ऑडिट” विषय पर तकनीकी प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि कोर बैंकिंग सिस्टम के इस युग में ऑडिट की प्रकृति में महत्त्वपूर्ण परिवर्तन आया है, जहाँ ऑडिटर्स के लिए आईटी सिस्टम, डेटा एनालिटिक्स एवं डिजिटल लेनदेन की गहन समझ आवश्यक हो गई है। उन्होंने विभिन्न मॉड्यूल्स, सिस्टम-जनित रिपोर्ट्स एवं ऑटोमेटेड कंट्रोल्स के माध्यम से ऑडिट प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के उपाय भी साझा किए।
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