राजीविका और सरस मिलकर महिलाओं के लिये तैयार करेंगे बिज़नेस मॉडल
० आशा पटेल ०
जयपुर । प्रदेश में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर राजीविका और आरसीडीएफ (सरस) मिलकर एक नया बिजनिस मॉडल तैयार करेंगे ताकि महिलाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर मिल सकें। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओर से नारी शक्ति वंदन की यह अनूठी पहल ग्रामीण एवं शहरी महिलाओं को डेयरी सहकारिता में स्वरोजगार के नये अवसर प्रदान करेगी।
जयपुर । प्रदेश में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर राजीविका और आरसीडीएफ (सरस) मिलकर एक नया बिजनिस मॉडल तैयार करेंगे ताकि महिलाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर मिल सकें। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओर से नारी शक्ति वंदन की यह अनूठी पहल ग्रामीण एवं शहरी महिलाओं को डेयरी सहकारिता में स्वरोजगार के नये अवसर प्रदान करेगी।
मुख्य सचिव वी0 श्रीनिवास की अध्यक्षता में शासन सचिवालय में हुई बैठक में इस मॉडल पर विस्तृत चर्चा कर महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये हैं। राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फैडरेशन की प्रबन्ध संचालक श्रुति भारद्वाज ने बताया कि राजीविका द्वारा संचालित 273 लखपति दीदी केंटीनों पर सरस का दूध और दूध से बने सभी उत्पाद उपलब्ध कराये जायेंगे। इसके अलावा पहले चरण में राज्य की सभी जिला कलेक्ट्रेट में सरस केंटीन संचालित की जायेगी।
सरस डेयरी बूथ के आवंटन में राजीविका के सैल्फ हैल्प ग्रुप महिलाओं को प्राथमिकता दी जावेगी और इनका संचालन सरस राजीविका दीदी द्वारा किया जावेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में महिला डेयरी उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरस बूथ और सरस मिनीमार्ट स्थापित करने के लिये भी सैल्फ हैल्प ग्रुप महिलाओं को भी प्राथमिकता दी जावेगी।
उन्होंने बताया कि आरसीडीएफ द्वारा प्रसिद्व धार्मिक स्थलों और पर्यटन स्थलों पर विकसित किये जाने वाले सरस पार्लर के आवंटन में भी राजीविका से जुड़ी महिलाओं को भी प्राथमिकता दी जावेगी। राजीविका सखियों को ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध व्यवसाय से भी जोड़ा जावेगा और उन्हें दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों का सदस्य भी बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक सम्बल योजना के अन्तर्गत दुग्ध उत्पादकों को पांच रुपये प्रति लीटर की दर से मिलने वाले अनुदान का लाभ दुग्ध उत्पादक सदस्य बनने पर राजीविका सखियों को भी मिलेगा।
आरसीडीएफ और उससे सम्बद्व जिला दुग्ध संघों द्वारा राजीविका से जुड़ी महिलाओं को महिला डेयरी दुग्ध उत्पादक समिति और सरस बूथ/पार्लर स्थापित करने के लिये कौशल विकास प्रशिक्षण भी दिया जायेगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बीकानेर, बाड़मेर और जैसलमेर क्षेत्रों में कैमल मिल्क पाउडर और उसकी मार्केटिंग के लिये कार्ययोजना बनाई गई है जिसके अन्तर्गत राजीविका के नेटवर्क के माध्यम से सरस उत्पादों की मार्केटिंग को ग्रामीण स्तर पर पहुॅंचाया जायेगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बीकानेर, बाड़मेर और जैसलमेर क्षेत्रों में कैमल मिल्क पाउडर और उसकी मार्केटिंग के लिये कार्ययोजना बनाई गई है जिसके अन्तर्गत राजीविका के नेटवर्क के माध्यम से सरस उत्पादों की मार्केटिंग को ग्रामीण स्तर पर पहुॅंचाया जायेगा।
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