निस्वार्थ सेवा और सामाजिक प्रभाव के लिए द सोशियोफेयर अवॉर्ड्स का आयोजन
नयी दिल्ली : द सोशियोफेयर अवार्ड्स का चौथा संस्करण इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, दिल्ली में आयोजित किया गया। इस अवसर पर देशभर से परिवर्तनकर्ता, सामाजिक लीडर्स और दूरदर्शी एकत्र हुए। सबरी हेल्पेज द्वारा सोशियोफेयर के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने उन व्यक्तियों और संगठनों को सम्मानित करने की अपनी परंपरा को आगे बढ़ाया, जो जमीनी स्तर पर उल्लेखनीय सामाजिक प्रभाव उत्पन्न कर रहे हैं।
इसके अलावा, ‘पीवीसीएचआर’ को मानवाधिकार और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में निरंतर प्रयासों के लिए सराहा गया। ‘महेश फाउंडेशन’ को एचआईवी-पॉजिटिव व्यक्तियों और बच्चों के लिए किए गए संवेदनशील कार्यों के लिए सम्मान मिला। संस्कृति सिंह को सामुदायिक स्तर पर सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करने में उनकी सक्रिय भूमिका के लिए सम्मानित किया गया। ‘गुरिया इंडिया’ के रेड-लाइट क्षेत्रों में बच्चों और कमजोर वर्गों की सुरक्षा और भलाई के लिए किए गए महत्वपूर्ण कार्यों के लिए सराहा गया।
इस अवसर पर यह संकल्प दोहराया गया कि समाज के वास्तविक नायकों को पहचानने, सम्मानित करने और उनका सहयोग करने का प्रयास निरंतर जारी रहेगा, ताकि एक अधिक न्यायसंगत और मानवीय समाज का निर्माण किया जा सके।
यह आयोजन समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले प्रयासों को पहचान देने और उन्हें प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत प्रेरणादायक हस्तियों की उपलब्धियों को सराहा गया। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से आए स्क्वाड्रन लीडर, वरिष्ठ पत्रकार, भारतीय सेना के कर्नल, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकारी तथा शिक्षाविद शामिल थे।इस वर्ष के अवॉर्ड्स ने सेवा, दृढ़ता और नवाचार की प्रेरणादायक कहानियों का उत्सव मनाया। सम्मानित व्यक्तियों और संस्थाओं ने कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड, हरियाणा और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व किया। सोशियोफेयर की संस्थापक आरती बी.आर. सिंह ने कहा, “सोशियोफेयर का उद्देश्य हमेशा उन आवाजों को पहचानना और सशक्त बना रहा है, जो चुपचाप जमीनी स्तर पर समाज में बदलाव ला रही हैं।
इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों और संगठनों को सम्मानित किया गया। डॉ. रमन किशोर को वंचित समुदायों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। ‘निश्चय फाउंडेशन’ को बालिकाओं की मासिक धर्म स्वच्छता और सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके प्रभावशाली कार्य के लिए सराहा गया। ‘चाचा-चाची चंद्र ढाबा’ को समाज के प्रति उनके आ-जीवन निस्वार्थ सेवा भाव के लिए सम्मानित किया गया।
इसके अलावा, ‘पीवीसीएचआर’ को मानवाधिकार और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में निरंतर प्रयासों के लिए सराहा गया। ‘महेश फाउंडेशन’ को एचआईवी-पॉजिटिव व्यक्तियों और बच्चों के लिए किए गए संवेदनशील कार्यों के लिए सम्मान मिला। संस्कृति सिंह को सामुदायिक स्तर पर सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करने में उनकी सक्रिय भूमिका के लिए सम्मानित किया गया। ‘गुरिया इंडिया’ के रेड-लाइट क्षेत्रों में बच्चों और कमजोर वर्गों की सुरक्षा और भलाई के लिए किए गए महत्वपूर्ण कार्यों के लिए सराहा गया।
‘एसएचइडब्लूओएस’ को वृद्धाश्रम पहल के माध्यम से बुजुर्गों की देखभाल और सम्मान सुनिश्चित करने के प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया। ‘छांव फाउंडेशन’ को एसिड अटैक सर्वाइवर्स के पुनर्वास और सशक्तिकरण के लिए किए गए परिवर्तनकारी कार्यों के लिए सराहा गया, जबकि ‘दीपालय’ को शिक्षा और महिला सशक्तिकरण में उनके दीर्घकालिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर यह संकल्प दोहराया गया कि समाज के वास्तविक नायकों को पहचानने, सम्मानित करने और उनका सहयोग करने का प्रयास निरंतर जारी रहेगा, ताकि एक अधिक न्यायसंगत और मानवीय समाज का निर्माण किया जा सके।


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