संदेश

मई 20, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

महिंद्रा म्यूजियम ऑफ लिविंग हिस्ट्री’ महिंद्रा ग्रुप के मूल्यों, सिद्धांतों, विभिन्न व्यवसायों, समृद्ध इतिहास और भविष्य की सोच को दर्शाती हैं

चित्र
By ASHA PATEL. मुंबई | जुलाई 2022 में महिंद्रा ग्रुप ने मुंबई के वर्ली स्थित महिंद्रा टावर्स में ‘द म्यूजियम ऑफ लिविंग हिस्ट्री’ की शुरुआत की थी। इस इंटरैक्टिव स्पेस को केवल अतीत की झलक दिखाने के लिए नहीं, बल्कि भविष्य से जोड़ने वाले एक सतत अनुभव के रूप में तैयार किया गया था। यह म्यूजियम समूह की पिछले 8 दशकों की समृद्ध विरासत को उसके वर्तमान विकास और भविष्य की संभावनाओं से जोड़ता है।  महिंद्रा ग्रुप ‘म्यूजियम ऑफ लिविंग हिस्ट्री’ में समूह की 81 वर्षों पुरानी विरासत, उद्देश्य-प्रेरित विकास और भविष्य की दृष्टि को करीब से देखा जा सकता है। यह अनूठा संग्रहालय विशेष कला इंस्टॉलेशन, क्यूरेटेड फिल्मों और व्यक्तिगत कथाओं के माध्यम से समूह के इतिहास और मूल्यों को प्रस्तुत करता है| महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने कहा “म्यूजियम ऑफ लिविंग हिस्ट्री लगातार विकसित हो रहा है, ताकि यह महिंद्रा के बदलते कारोबारी और सांस्कृतिक परिदृश्य को दर्शा सके, जबकि समूह के मूल दर्शन और मूल्यों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध रहे। हमारे व्यवसायों और लोगों की विविध कहानियां इस जीवंत ब्रांड की पहचान को सामने ...

Rajasthan विधान सभा के 75वें वर्ष में होंगे अनेक कार्यक्रम – देवनानी

चित्र
By ASHA PATEL. जयपुर। राजस्‍थान विधान सभा अध्‍यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा है कि राजस्‍थान विधान सभा के 75वें वर्ष में चार बड़े कार्यक्रम होगे। एक वर्ष तक चलने वाले समारोह ऐतिहासिक और गौरवशाली होगे। यह उत्‍सव विधायिका को समर्पित होगा। समारोह में राष्‍ट्रपति, उपराष्‍ट्रपति, प्रधानमंत्री और लोकसभा अध्‍यक्ष को आमंत्रित किया जाएगा। सभी समारोह में राज्‍य के राज्‍यपाल, मुख्‍यमंत्री और मंत्रीगण आमंत्रित होंगे। देवनानी ने कहा कि यह अमृत महोत्सव लोकतंत्र के इतिहास, वर्तमान और भविष्य को एक सूत्र में जोड़ने वाला ऐसा राष्ट्रीय आयोजन होगा, जिसमें अनुभव, परंपरा, नवाचार, महिला, युवा ऊर्जा और जनविश्वास एक साथ दिखाई देंगे। यह आयोजन भारतीय संसदीय लोकतंत्र की गौरवशाली आत्मा का उत्सव होगा देवनानी  विधान सभा में राष्‍ट्रमण्‍डल संसदीय संघ राजस्‍थान शाखा की कार्यकारिणी समिति की बैठक में राजस्‍थान विधान सभा के 75वें वर्ष में आयोजित किये जाने वाले समारोहो की चर्चा कर रहे थे। स्‍पीकर देवनानी की अध्‍यक्षता में आयोजित बैठक में सदस्‍य एवं संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, नेता प्रतिपक्ष एवं राष्‍ट्रमण्‍डल स...

भारत में मुख्य खाद्य पदार्थों के फोर्टिफिकेशन को बढ़ाने और छिपी भूख से मुकाबला करने हेतु उद्योग जगत का राष्ट्रीय सम्मेलन

चित्र
By YOGESH BHATT. नई दिल्ली, भारत में छिपी भूख और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, टेक्नोसर्व द्वारा संचालित मिलर्स फॉर न्यूट्रिशन ने, CII फूड एंड एग्रीकल्चर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CII FACE) के सहयोग से दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित मुख्य खाद्य पदार्थ उद्योग नेताओं का राष्ट्रीय सम्मेलन मुख्य खाद्य पदार्थों के फोर्टिफिकेशन को बड़े स्तर पर बढ़ाने हेतु रोडमैप विकसित करने के लिए में प्रमुख नीति-निर्माताओं, खाद्य उद्योग के नेताओं, मिलर्स, पोषण विशेषज्ञों और विकास क्षेत्र के हितधारकों को एकत्रित किया। यह राष्ट्रीय सम्मेलन खाद्य तेल, चावल और गेहूं के आटे की श्रेणियों में फोर्टिफाइड मुख्य खाद्य पदार्थों को बड़े पैमाने पर अपनाने में तेजी लाने हेतु उद्योग-व्यापी सहयोग को बढ़ावा देने और एक व्यावहारिक रोडमैप तैयार करने के लिए एक प्रमुख राष्ट्रीय मंच के रूप में उभरा। चर्चाओं का केंद्र उद्योग की भागीदारी को मजबूत करना, उपभोक्ता जागरूकता और विश्वास में सुधार करना, रिटेल और व्यावसायिक अपनाने का विस्तार करना, तथा भारत में कुपोष...

पुस्तक “द ब्लड ओथ : द इनविज़िबल फ्रंट” का हुआ लोकार्पण

चित्र
By YOGESH BHATT. नई दिल्ली : लेखक नितेश मांगलिक द्वारा लिखित और ड्रीम पब्लिशर्स एवं गाइडिंग सन प्रेस द्वारा प्रकाशित उपन्यास “द ब्लड ओथ: द इनविज़िबल फ्रंट” का लोकार्पण कुंज़ुम बुक स्टोर, नई दिल्ली में किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि बुक रिव्यू इंफ्लुएंसर गौरिका गांधी रहीं, जिन्होंने पुस्तक की सराहना करते हुए इसे समकालीन विश्व में संघर्ष, सत्ता और राजनीति की सच्चाइयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने वाला उपन्यास बताया।  उन्होंने कहा कि यह पुस्तक अपने रोमांचक कथानक और भावनात्मक गहराई के कारण पाठकों को अंत तक बांधे रखती है। लेखक नितेश मांगलिक ने उपन्यास के बारे में बताया कि “द ब्लड ओथ: द इनविज़िबल फ्रंट” युद्ध को केवल राजनीतिक या कूटनीतिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि उसके मानवीय प्रभावों, बलिदान और नैतिक दुविधाओं के माध्यम से प्रस्तुत करता है। यह कहानी गुप्त अभियानों, राजनीतिक चालों और कठिन निर्णयों के इर्द-गिर्द घूमती है, जहाँ हर फैसला जीवन बदल देने वाला साबित हो सकता है।  लेखक के अनुसार, यह उपन्यास केवल युद्ध की कहानी नहीं, बल्कि विश्वास, परिवार, निष्ठा और त्याग की गहराई...