चिकित्सकों की सुरक्षा एवं निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद निजी चिकित्सा सेवाएँ बहाल,आरजीएचएस बहिष्कार जारी
० आशा पटेल ०
जयपुर। डॉ. सोनदेव बंसल को न्याय दिलाने तथा राजस्थान हाईकोर्ट परिसर में वकीलों के एक समूह द्वारा उनके परिजनों के साथ कथित मारपीट, धमकी एवं अभद्र व्यवहार के विरोध में जयपुर के समस्त निजी चिकित्सकों एवं चिकित्सालयों द्वारा जारी कार्य बहिष्कार एवं मेडिकल सेवाओं का बंद जारी रहा। डॉ. सोनदेव बंसल के परिजनों द्वारा थाना अशोक नगर, जयपुर में एफआईआर दर्ज करवाई गई थी।
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर को अवगत कराया कि वकीलों के एक समूह द्वारा लगातार धमकी, दबाव, हंगामा एवं भय का वातावरण बनाया जा रहा है तथा डॉ. सोनदेव बंसल की जमानत सुनवाई में भी व्यवधान उत्पन्न किया गया। साथ ही डॉक्टरों एवं उनके परिवारजनों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच एवं सुरक्षा की मांग की गई।
चिकित्सा संगठनों द्वारा इस पूरे प्रकरण की जांच हेतु एक विशेष जांच दल गठित करने की मांग भी की गई, जिसे पुलिस कमिश्नर द्वारा तत्काल स्वीकार करते हुए निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी गठित करने की घोषणा की गई। पुलिस प्रशासन द्वारा सभी चिकित्सा संगठनों को विश्वास दिलाया गया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी, दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई होगी तथा चिकित्सकों एवं उनके परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु विशेष निर्देश जारी किए जाएंगे।
हालाँकि चिकित्सक समुदाय के भीतर अभी भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर गहरा आक्रोश एवं चिंता व्याप्त है। संगठनों ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार का भय, दबाव या हिंसात्मक वातावरण चिकित्सा सेवा जैसे संवेदनशील कार्य के लिए अत्यंत हानिकारक है तथा भविष्य में यदि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति होती है तो चिकित्सक संगठन पुनः आंदोलनात्मक निर्णय लेने के लिए बाध्य होंगे।
यह भी स्पष्ट किया गया कि राज्य सरकार द्वारा आरजीएचएस स्कीम की अनियमितताओं एवं लंबित समस्याओं के समाधान हेतु अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिए जाने के कारण आरजीएचएस योजना का बहिष्कार जयपुर सहित पूरे राज्य में पूर्ववत जारी रहेगा।
चिकित्सा संगठन, कर्मचारी संगठन एवं पेंशनर संगठनों द्वारा राज्य सरकार के साथ कई दौर की वार्ताएँ की जा चुकी हैं और अपनी समस्याओं एवं आपत्तियों से अवगत कराया जा चुका है, परंतु अभी तक कोई ठोस परिणाम या आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है। सरकार द्वारा अभी तक प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने से सभी हितधारकों में असंतोष बना हुआ है।
जयपुर। डॉ. सोनदेव बंसल को न्याय दिलाने तथा राजस्थान हाईकोर्ट परिसर में वकीलों के एक समूह द्वारा उनके परिजनों के साथ कथित मारपीट, धमकी एवं अभद्र व्यवहार के विरोध में जयपुर के समस्त निजी चिकित्सकों एवं चिकित्सालयों द्वारा जारी कार्य बहिष्कार एवं मेडिकल सेवाओं का बंद जारी रहा। डॉ. सोनदेव बंसल के परिजनों द्वारा थाना अशोक नगर, जयपुर में एफआईआर दर्ज करवाई गई थी।
जयपुर के विभिन्न चिकित्सा संगठनों के पदाधिकारियों ने जयपुर पुलिस कमिश्नर से मुलाकात की तथा उन्हें संपूर्ण घटनाक्रम से अवगत कराया। इस प्रतिनिधिमंडल में आईएमए जयपुर के अध्यक्ष डॉ जगदीश मोदी , आईएमए जयपुर के सचिव डॉ अनुराग तोमर , आईएमए राजस्थान के जोनल सचिव डॉ. अनुराग शर्मा एवं रीजनल वाइस प्रेसिडेंट डॉ. तरूण ओझा, उपचार के सचिव डॉ. बाजिया, प्राइवेट हॉस्पिटल एंड नर्सिंग होम सोसायटी के सचिव डॉ. राकेश कालरा, मेडिकल प्रैक्टिशनर सोसायटी जयपुर के अध्यक्ष डॉ. संजीव गुप्ता तथा अन्य पदाधिकारी शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर को अवगत कराया कि वकीलों के एक समूह द्वारा लगातार धमकी, दबाव, हंगामा एवं भय का वातावरण बनाया जा रहा है तथा डॉ. सोनदेव बंसल की जमानत सुनवाई में भी व्यवधान उत्पन्न किया गया। साथ ही डॉक्टरों एवं उनके परिवारजनों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच एवं सुरक्षा की मांग की गई।
चिकित्सा संगठनों द्वारा इस पूरे प्रकरण की जांच हेतु एक विशेष जांच दल गठित करने की मांग भी की गई, जिसे पुलिस कमिश्नर द्वारा तत्काल स्वीकार करते हुए निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी गठित करने की घोषणा की गई। पुलिस प्रशासन द्वारा सभी चिकित्सा संगठनों को विश्वास दिलाया गया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी, दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई होगी तथा चिकित्सकों एवं उनके परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु विशेष निर्देश जारी किए जाएंगे।
जयपुर मेडिकल एसोसिएशन सभागार में सभी चिकित्सा संगठनों की एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में आमजन एवं मरीजों के हितों तथा उन्हें हो रही परेशानियों को ध्यान में रखते हुए वर्तमान कार्य बहिष्कार एवं मेडिकल बंद को स्थगित करने का निर्णय लिया गया। सभी संगठनों ने कहा कि पुलिस एवं प्रशासन द्वारा निष्पक्ष कार्रवाई, सुरक्षा व्यवस्था एवं भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के आश्वासन के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। इसी के साथ तुरंत प्रभाव से जयपुर शहर में निजी चिकित्सकों एवं निजी चिकित्सालयों में सामान्य चिकित्सा सेवाएँ पुनः बहाल कर दी जाएँगी।
हालाँकि चिकित्सक समुदाय के भीतर अभी भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर गहरा आक्रोश एवं चिंता व्याप्त है। संगठनों ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार का भय, दबाव या हिंसात्मक वातावरण चिकित्सा सेवा जैसे संवेदनशील कार्य के लिए अत्यंत हानिकारक है तथा भविष्य में यदि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति होती है तो चिकित्सक संगठन पुनः आंदोलनात्मक निर्णय लेने के लिए बाध्य होंगे।
यह भी स्पष्ट किया गया कि राज्य सरकार द्वारा आरजीएचएस स्कीम की अनियमितताओं एवं लंबित समस्याओं के समाधान हेतु अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिए जाने के कारण आरजीएचएस योजना का बहिष्कार जयपुर सहित पूरे राज्य में पूर्ववत जारी रहेगा।
चिकित्सा संगठन, कर्मचारी संगठन एवं पेंशनर संगठनों द्वारा राज्य सरकार के साथ कई दौर की वार्ताएँ की जा चुकी हैं और अपनी समस्याओं एवं आपत्तियों से अवगत कराया जा चुका है, परंतु अभी तक कोई ठोस परिणाम या आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है। सरकार द्वारा अभी तक प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने से सभी हितधारकों में असंतोष बना हुआ है।
टिप्पणियाँ