मातृत्व,संस्कार और संघर्ष को समर्पित “मेरी मां” एक ताली मां के नाम” का आयोजन
० योगेश भट्ट ०
नई दिल्ली। आशीर्वाद फाउंडेशन द्वारा “मेरी मां – एक ताली मां के नाम” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) में चयनित छात्र-छात्राओं की माताओं, समाजसेवियों एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में मां के प्रति सम्मान, संवेदना एवं आदर की भावना को सुदृढ़ करना था। वक्ताओं ने कहा कि मां ही वह प्रथम गुरु होती है, जो बच्चों को जीवन जीने की कला सिखाती है और अपने संस्कारों से उन्हें सफलता के मार्ग पर अग्रसर करती है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद कमलजीत सहरावत, विधायिका नीलमकृष्ण पहलवान, शिक्षा समिति नगर निगम के उपाध्यक्ष अमित खड़खड़ी तथा दिल्ली नगर निगम नजफगढ़ जोन की अध्यक्ष सविता पवन शर्मा उपस्थित रहीं।
इस अवसर पर लगभग 50 से अधिक माताओं को सम्मानित किया गया। इसी क्रम में वयोवृद्ध मातृशक्ति इंद्रावती सोलंकी को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। श्रीमती इंद्रावती पालम गांव निवासी समाजसेवी एवं राष्ट्रीय युवा चेतना मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा फेडरेशन ऑफ साउथ एंड वेस्ट डिस्ट्रिक्ट वेलफेयर फोरम के चेयरमैन रणबीर सोलंकी की माताजी हैं।
इंद्रावती सोलंकी का जीवन संघर्ष, त्याग और मातृत्व की मिसाल है। उन्होंने पति के अभाव में अपने पांच नाबालिग बच्चों का पालन-पोषण अथक परिश्रम एवं दुग्ध व्यवसाय के माध्यम से किया और उन्हें जीवन में सफल एवं सम्मानित स्थान तक पहुंचाया। आज उनके सभी बच्चे समाज में प्रतिष्ठित एवं संपन्न जीवन व्यतीत कर रहे हैं, जो उनके संघर्ष और संस्कारों का परिणाम है।
इस अवसर पर रणबीर सोलंकी ने कहा कि वर्तमान समय में मां के प्रति भावनात्मक जुड़ाव में कमी आना समाज के लिए चिंता का विषय है। ऐसे कार्यक्रम समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करते हैं और नई पीढ़ी को मातृ सम्मान का संदेश देते हैं। कार्यक्रम के अध्यक्ष अनुज मिश्रा ने कहा कि यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का सशक्त प्रारूप है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति जीवन में चाहे कितनी भी ऊंचाइयों पर पहुंच जाए, उसकी सफलता की पहली आधारशिला उसकी मां ही होती है।
नई दिल्ली। आशीर्वाद फाउंडेशन द्वारा “मेरी मां – एक ताली मां के नाम” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) में चयनित छात्र-छात्राओं की माताओं, समाजसेवियों एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में मां के प्रति सम्मान, संवेदना एवं आदर की भावना को सुदृढ़ करना था। वक्ताओं ने कहा कि मां ही वह प्रथम गुरु होती है, जो बच्चों को जीवन जीने की कला सिखाती है और अपने संस्कारों से उन्हें सफलता के मार्ग पर अग्रसर करती है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद कमलजीत सहरावत, विधायिका नीलमकृष्ण पहलवान, शिक्षा समिति नगर निगम के उपाध्यक्ष अमित खड़खड़ी तथा दिल्ली नगर निगम नजफगढ़ जोन की अध्यक्ष सविता पवन शर्मा उपस्थित रहीं।
इस अवसर पर लगभग 50 से अधिक माताओं को सम्मानित किया गया। इसी क्रम में वयोवृद्ध मातृशक्ति इंद्रावती सोलंकी को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। श्रीमती इंद्रावती पालम गांव निवासी समाजसेवी एवं राष्ट्रीय युवा चेतना मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा फेडरेशन ऑफ साउथ एंड वेस्ट डिस्ट्रिक्ट वेलफेयर फोरम के चेयरमैन रणबीर सोलंकी की माताजी हैं।
इंद्रावती सोलंकी का जीवन संघर्ष, त्याग और मातृत्व की मिसाल है। उन्होंने पति के अभाव में अपने पांच नाबालिग बच्चों का पालन-पोषण अथक परिश्रम एवं दुग्ध व्यवसाय के माध्यम से किया और उन्हें जीवन में सफल एवं सम्मानित स्थान तक पहुंचाया। आज उनके सभी बच्चे समाज में प्रतिष्ठित एवं संपन्न जीवन व्यतीत कर रहे हैं, जो उनके संघर्ष और संस्कारों का परिणाम है।
इस अवसर पर रणबीर सोलंकी ने कहा कि वर्तमान समय में मां के प्रति भावनात्मक जुड़ाव में कमी आना समाज के लिए चिंता का विषय है। ऐसे कार्यक्रम समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करते हैं और नई पीढ़ी को मातृ सम्मान का संदेश देते हैं। कार्यक्रम के अध्यक्ष अनुज मिश्रा ने कहा कि यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का सशक्त प्रारूप है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति जीवन में चाहे कितनी भी ऊंचाइयों पर पहुंच जाए, उसकी सफलता की पहली आधारशिला उसकी मां ही होती है।
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