पवित्रता जीवन का सबसे बड़ा गहना है : राजयोगिनी बीके जयंती दीदी
० अशोक चतुर्वेदी ० आबूरोड। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के मुख्यालय शांतिवन में रक्षाबंधन के पर्व पर परमात्म रक्षासूत्र समारोह आयोजित किया गया। इसमें ब्रह्माकुमारी बहनों ने हजारों भाइयों की कलाई पर परमात्म रक्षासूत्र बांधकर सदा पवित्रता के पथ पर और ईश्वरीय मार्ग पर चलने का संकल्प कराया। मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी मोहिनी दीदी ने सभी भाई और बहनों को रक्षासूत्र बांधा। समारोह में अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके जयंती दीदी ने कहा कि परमपिता शिव परमात्मा हम मनुष्य आत्माओं को पवित्रता का प्यारा बंधन बांधने के लिए परमधाम से आते हैं। पवित्रता जीवन का सबसे बड़ा गहना है। रक्षाबंधन पवित्रता का पर्व है। यह भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक है। उन्होंने अपना अनुभव बताते हुए कहा कि संस्था में 1966 में माउंट आबू में मात्र पांच ही भाई थे, बाकी सभी बहनें थीं। लेकिन आज यह हजारों भाई समर्पित रूप से सेवाएं दे रहे हैं। राजयोगिनी जयंती दीदी ने कहा कि परमात्मा हम बच्चों को मुख्य पांच बातों के आधार पर ईश्वरीय ज्ञान देते हैं। आज के दिन सभी यह पांच संकल्प करें- पहला है पढ़ाई। पढ़ाई अर्थात् शिव बाबा रोज हमे...