हिजाबी पर्वतारोही रिज़वाना सैफी ने फहराया 5289 मीटर ऊँचे पहाड़ पर तिरंगा

पिलखुवा। हापुड़।  उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ की पिलखुवा निवासी रिज़वाना सैफ़ी ने हिमाचल प्रदेश के सोलांग वैली में स्थित माउंट फ्रेंडशिप (5289 मीटर) नामक पर्वत की चढ़ाई सफतापूर्वक पूरी की। ये समिट 21-अक्टूबर- 2020 (सुबह 11:05 AM) सफल हुई। इस चोटी को फतह करने  में 7 दिन  का समय लगा (17 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक, मनाली से मनाली यह माइनस (-)10 डिग्री के तापमान में ये चोटी समिट हुई।



हिजाबी माउंटेनियर रिज़वाना सैफ़ी का कहना है कि "अगर आपके अंदर कुछ करने का जज़्बा है तो आप कभी भी किसी काम से हार नहीं मान सकते , अगर हमारे हौसलों में जान है तब हमारे लिए कुछ भी नामुमकिन नहीं है। मेरा सपना है दुनिया की सबसे ऊँची चोटी माउंट ऐवरेस्ट को फतह करना और इंशाअल्लाह मैं जल्दी ही अपने सपने को सच भी कर पाऊँगी, लेकिन उससे पहले मुझे भारत की अधिकतर उंचाई वाली चोटियों पर भारतीय तिरंगा फहराना है ,मेरे सभी सपनों को पूरा करने के लिए मेरे पापा नवाब अली सैफ़ी का मोटिवेशन मेरे काम को आसान कर देता है, पापा के मोटिवेशन से मुझे बहुत ही प्रेंरणा तथा ऊर्जा मिलती है"  रिज़वाना सैफ़ी वर्तमान में जिला रामपुर के इम्पेक्ट कॉलेज ऑफ साइंस टेक्नोलॉजी से स्नातक की पढ़ाई भी कर रही हैं । रिज़वाना सैफ़ी लगातार घर पर रहकर भी ऊंची पहाड़ी की चोटियों को फतह करने के लिए फिज़िकल वर्कआउट करने में पीछे नहीं हटती हैं , रोज़ाना सुबह उठकर दौड़ लगाने के बाद तरह तरह की एक्सरसाइज़ करती रहती हैं ।



हालांकि घर पर रहकर उन्हें अच्छे से प्रेक्टिस करने का माहौल और इक्विपमेंट नहीं मिल पाते हैं, एक सामान्य परिवार से होने की वजह से उनकी आर्थिक स्थिति काफी कमज़ोर है जिसके कारण रिज़वाना सैफ़ी लगातार प्रेक्टिस के लिए पहाड़ी क्षेत्रों में नहीं रह पाती हैं ।  रिज़वाना का सपना बहुत बड़ा है लेकिन माली हालत ठीक नहीं होने की वजह से उनके सपने के बीच तरह तरह कि मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, इन सब हालात के चलते भी रिजवाना किसी भी काम से पीछे नहीं हटती हैं । उनका कहना है कि उनके पापा उनको इस काम के लिए सबसे ज्यादा सपोर्ट करते है उन्हीं की वजह आज वह इतनी ऊंचाई तक पहुंच पाई हैं ।


रिजवाना ने जम्मू कश्मीर के जिम इंस्टीट्यूट से मांउटेनरिंग के बेसिक व एडवांस कॉर्स ए ग्रेड से हासिल किए है। उन्हीं के साथ 4th वुशु फेडरेशन ओर स्पोर्ट्स चैंपियनशिप 2012 में ब्रॉउन मैडल व फर्स्ट वुशु स्पोर्ट फेडरेशन कप 2012 में सिल्वर मेडल प्राप्त किया। 2013 में माउंट स्टॉक काँगड़ी जिसकी ऊंचाई 6135 मीटर है व 2015 में माउंट गोल्फ काँगड़ी 6125 मीटर लेह लद्दाख में फतह की। साथ साथ 2013 से 2016 तक जिम इंस्टीट्यूट में गेस्ट इंस्ट्रक्टर का पद भार संभाला 21 व 25 किमी की दौड़ में जिलाधिकारी से गोल्ड मेडल हासिल करने वाली रिजवाना सैफ़ी ने 7077 मीटर की पहाड़ी पर भी अपने पैर जमाये हैं । लेकिन इस होनहार हिम्मतवाली लड़की को आवश्यकता है कि प्रशासन से भरपूर प्रोत्साहन मिले जिससे कि यह देश दुनिया में नाम रौशन कर सके।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

IFWJ के पत्रकारों का सिस्टम के विरुद्ध अनिश्चितकालीन धरना

ईद मिलन एवं सैफी सम्मान समारोह में दिखी एकता की मिसाल,संस्थाओं को किया गया सम्मानित

ईद मिलन एवं सैफी सम्मान समारोह 5 अप्रैल को दिल्ली में

स्वर्ण जयंती पर ‘उत्कर्ष’ अनुशासन, शिष्टाचार और उत्कृष्टता का संगम

फोर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट ने सशक्त नारियों में सिलाई मशीन वितरित की

उत्तराखंडी फिल्म “कंडाली” का पोस्टर विमोचन समारोह दिल्ली में होगा आयोजित

असंगठित श्रमिकों के अधिकारों पर राष्ट्रीय मंथन,सामाजिक सुरक्षा को लेकर उठी आवाज

जयपुर बाल महोत्सव में 15 अप्रैल तक कर सकते है फ्री रजिस्ट्रेशन

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार के विरोध में IFWJ का ‘हल्ला बोल’ धरना

30+ स्टार्टअप्स,एक विज़न : हेल्थ एक्सचेंज 2026 से हेल्थ इनोवेशन को नई दिशा