' स्टैच्यू आफ यूनिटी ' राष्ट्र अस्मिता का प्रतीक

० योगेश भट्ट ० 
नयी दिल्ली -  सीएसयू के कुलसचिव प्रो रणजित कुमार बर्मन ने रियासतों को विलय करने में लौह पुरुष के अविस्मरणीय योगदानों की चर्चा करते कहा कि आज अपना देश जिस स्वाभिमान तथा आत्मविश्वास से विश्व के समक्ष डटा है ।उसमें सरदार बल्लभ भाई पटेल की भी बहुत ही महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है ।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो वरखेड़ी ने लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के जन्म दिवस पर मनाये जाने वाले राष्ट्रीय एकता दिवस के प्रतिज्ञा - समारोह में विश्वविद्यालय के कर्मचारियों तथा अधिकारियों को संबोधित करते कहा कि यह दिवस अस्मिता का प्रतीक है और बहुत ही प्रेरणास्पद भी । इस संदर्भ में उन्होंने गुजरात के स्टेच्यू आफ यूनिटी की भी चर्चा की । हमें लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल से निर्भीक, पक्षपातहीन ,निर्लोभ मानसिकता से कर्तव्य पालन की सीख लेनी चाहिए ।

कुलपति ने यह भी कहा कि हमारा राष्ट्र अत्यन्त प्राचीन काल से हीउत्कृष्ट नागरिकता से संबंलित तथा प्रजातांत्रिक राष्ट्र रहा है जो एक उच्च कोटि के आचरण ,ज्ञान परंपरा तथा अटूट धार्मिक विश्वास के कारण सदा से अखंड बना रहा है ।अतः भाषा, धर्म,जाति या अन्य सांस्कृतिक भेदों से समाज तथा देश को खंडित करने वाले विध्वंसकारी ताकतों से सदा सावधान रहना होगा । सांस्कृतिक एकता तथा अखंडता इस देश की सदा से ही पहचान रही है ।इस प्रतीज्ञा संगोष्ठी का संचालन प्रो कुलदीप शर्मा,ओएसडी, कुलपति ने किया । राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् के सामूहिक गान के साथ सभा का समापन हुआ ।

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