एसएलबीसी की 168वीं बैठक में चीफ सेक्रेटरी ने कहा सभी बैंक गावों से जुड़े


० आशा पटेल ० 
जयपुर । राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी), राजस्‍थान की 168वीं बैठक जयपुर में संजय वी. मुदालियर, अध्यक्ष, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, राजस्‍थान एवं कार्यपालक निदेशक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक के मुख्य अतिथि वी. श्रीनिवास, मुख्य सचिव, राजस्थान सरकार रहे। एम. अनिल, महाप्रबंधक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा एवं संयोजक, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, राजस्थान के संयोजन में आयोजित बैठक में डॉ. रवि कुमार सुरपुर, सचिव, आयोजना विभाग, राजस्थान सरकार,

 टीना सोनी, सचिव, वित्त (व्यय विभाग), राजस्थान सरकार, नेहा गिरि, निदेशक, राज्य मिशन निदेशक, आजीविका परियोजना एवं एसएचजी, राजस्थान सरकार, शरद मेहरा, महानिरीक्षक, पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग, राजस्थान सरकार, वी. के. सिंह, अतिरिक्त महानिदेशक, साइबर अपराध, राजस्थान पुलिस, रंजीव शंकर, क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिज़र्व बैंक, जयपुर, डॉ. आर रवि बाबू, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड, जयपुर,  विकास अग्रवाल, महाप्रबंधक, भारतीय रिज़र्व बैंक, जयपुर, तथा केंद्र व राज्य के उच्चाधिकारियों तथा अन्य सभी बैंकों के प्रतिनिधियों द्वारा सहभागिता की गई।

बैठक में मुख्य अतिथि वी. श्रीनिवास, मुख्य सचिव, राजस्थान सरकार ने कहा “सभी बैंकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि राज्य के सभी गाँवों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ा जाए। उन्होंने यह भी बल दिया कि बैंक ऋण वितरण सुदृढ़ और समयबद्ध होना चाहिए ताकि आर्थिक गतिविधियों को गति मिल सके, सभी बैंकों को सीडी अनुपात (CD Ratio) भारतीय रिज़र्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुरूप रखने और निष्क्रिय बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट की संख्या को कम करने पर ज़ोर दिया, 

"विकसित राजस्थान 2047" राज्य का घोषित लक्ष्य है और इसे प्राप्त करने में बैंकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है इसके लिए सभी बैंकों को इस दिशा में अपनी जिम्मेदारी निभानी है, साइबर धोखाधड़ी आज एक बड़ी चिंता का विषय है और इससे बचने के लिए सभी बैंकों द्वारा भारतीय रिज़र्व बैंक के दिशा-निर्देशों का पालन किया जाना आवश्यक है,

"वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट" योजना को बैंकिंग सेवाओं के साथ समन्वित किया जाना चाहिए ताकि स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन मिले और आर्थिक विकास को नई दिशा मिल सके। बैठक के दौरान बैंक ऑफ़ बड़ौदा के उप महाप्रबंधक एवं प्रमुख (एसएलबीसी) राज कुमार मीना ने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, राजस्थान के सभी सदस्य बैंकों के लिए आवंटित लक्ष्यों के सापेक्ष, व्यवसायिक मापदण्डों पर तुलनात्मक प्रस्तुति दी।

  राज्य सरकार के पास बैंकिंग क्षेत्र से संबंधित लंबित मुद्दों पर चर्चा की गयी। इस दौरान राज्य में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत की गयी प्रगति पर विवेचना की गयी। प्रमुख सदस्यों द्वारा सभी सहभागियों का बैंक से संबंधित मुद्दों पर मार्गदर्शन करते हुए, राज्य को प्रगति पथ पर अग्रसर करने के लिए अभिप्रेरित किया गया एवं उन्होंने बैंकर्स की समस्याओं का रचनात्मक समाधान करने का आश्वासन दिया तथा कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों का आभार प्रकट किया।

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