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दिव्यांग लोकेश अब कवी कुमारी संग बंधेंगे शादी के बंधन में

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० संवाददाता द्वारा ०  उदयपुर जिले के फालासिया गांव की रहने वाली कवी कुमारी ने जीवन की कठिन परिस्थितियों का हमेशा हिम्मत और आत्मविश्वास के साथ सामना किया है। उन्होंने अपनी पढ़ाई 12वीं कक्षा तक पूरी की, लेकिन बचपन में ही उनके जीवन पर दुखों का साया पड़ गया। पिता के असमय निधन के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। घर में कोई कमाने वाला नहीं था और परिवार की जिम्मेदारी उनकी मां के कंधों पर आ गई। आज भी उनकी मां दूसरों के खेतों में मजदूरी कर किसी तरह परिवार का गुजारा करती हैं। कवी बताती हैं कि पिता के बिना उन्होंने कभी अपने विवाह के बारे में सोचा भी नहीं था। उन्हें लगता था कि ऐसी परिस्थितियों में शायद कोई उनके जीवन को संवारने के लिए आगे नहीं आएगा। लेकिन कहते हैं कि कठिन समय के बाद जिंदगी उम्मीद की एक नई किरण जरूर दिखाती है। इसी दौरान उनकी मुलाकात अपने ही गांव के पास स्थित निचली सिकरी गांव के रहने वाले लोकेश कुमार आर्य से हुई। लोकेश जन्म से ही कुबड़ापन (हंचबैक) की समस्या से प्रभावित हैं, जिसके कारण उन्हें चलने-फिरने और सामान्य गतिविधियां करने में कठिनाई होती है। उनका परिवार भी बेहद...

एआई और उद्योगों की साझेदारी से भविष्य के लिए तैयार होगा राजस्थान का शिक्षा तंत्र

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० संवाददाता द्वारा ०  जयपुर। राजस्थान को एआई आधारित शिक्षा, नवाचार और कुशल मानव संसाधन का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में मंथन जयपुर में आयोजित राजस्थान एजुकेशन समिट 2026 में हुआ। एसोचैम राजस्थान स्टेट काउंसिल और आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस समिट का विषय था “एआई आधारित शिक्षा एवं विजन 2030 के माध्यम से राजस्थान को सशक्त बनाना। कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के उपमुख्यमंत्री एवं तकनीकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समिट में 150 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के जिम्मेदार उपयोग, शिक्षा एवं उद्योग जगत के सहयोग, डिजिटल परिवर्तन, कौशल विकास, नवाचार आधारित शिक्षण तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रमों पर चर्चा की। समिट में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, निदेशक, नीति-निर्माता, शोधकर्ता, स्कूल प्राचार्य, उद्यमी एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि तकनीक आधारित शिक्षा सभी वर्गों के विद्यार्थियों तक पहुंचे तथा यह समावेशी और रोज...

‘कला संकुल’ में मासिक कला संगोष्ठी का आयोजन सांस्कृतिक उल्लास के साथ

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० योगेश भट्ट ०  नयी दिल्ली : संस्कार भारती के ‘कला संकुल’ में मासिक कला संगोष्ठी का आयोजन सांस्कृतिक उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम ने विश्व की प्राचीन परंपराओं को समकालीन परिप्रेक्ष्य में जीवंत कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत पंडित पंकज विशाल के सितार वादन इनके साथ संगत पर उस्ताद मुस्तफा हुसैन के तबला वादन ने लय और ताल की जादुई दुनिया रच दी। कृपा तेंडुलकर की कथक नृत्य प्रस्तुति ने दर्शकों को भाव-भंगिमाओं, चरन-कुशलता और आध्यात्मिक ऊर्जा के अनुपम संगम से सराबोर कर दिया। तीनों कलाकारों की प्रस्तुतियों ने भारतीय शास्त्रीय कला की अमर परंपरा को एक बार फिर जीवंत कर दिखाया। मुख्य अतिथि के रूप में संदीप कवीश्वर (संगठन मंत्री, इंटरनेशनल सेंटर फॉर कल्चरल स्टडीज, दिल्ली) ने “विश्व की प्राचीन परंपराएं” विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने इंटरनेशनल सेंटर फॉर कल्चरल स्टडीज के कार्य उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए प्रकृति पूजा, विश्व बंधुत्व एवं प्राचीन परंपराओं की महत्वता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्राचीन समय में विश्व के सभी भागों में अच्छी परंपराएं विकसित हुईं; यह सकारात्मक है कि इनमें ...