दिल्ली में प्रज्ञा आर्ट्स थिएटर ग्रुप द्वारा "जै जिया" नाटक की प्रस्तुति

० योगेश भट्ट ० 
नयी दिल्ली : जय जिया रानी (मौला देवी पुंडीर) उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की एक प्रख्यात वीरांगना और कत्यूरी रानी थीं, जिन्हें उत्तराखंड की लक्ष्मीबाई कहा जाता है। उन्होंने रुहेलों/तुर्कों से मातृभूमि की रक्षा की और रानीबाग (हल्द्वानी) में गौला नदी के तट पर युद्ध लड़ते हुए शहीद हुईं थी।
इस नाटक का मंचन श्रीराम कला केंद्र, मंडी हाउस, नई दिल्ली में प्रज्ञा आर्ट्स थिएटर ग्रुप द्वारा "जै जिया" नाटक के नाम से प्रस्तुति दी । यह नाटक वीरता की प्रतीक उत्तराखंड की लोकदेवी जिया रानी पर आधारित एक प्रभावशाली प्रस्तुति रही। नाटक के लेखक मदन मोहन सती उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोकआस्था को रंगकर्मी लक्ष्मी रावत के निर्देशन में प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर पूर्व राज्यपाल, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व सांसद भगत सिंह कोश्यारी का सान्निध्य प्राप्त हुआ। उत्तराखंड राज्य के प्रवासी राज्य मंत्री पी.सी.नैनवाल , हिंदी अकादमी दिल्ली सरकार के पूर्व सचिव व वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. हरिसुमन बिष्ट, उद्योगपति नरेन्द्र लडवाल व डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल के न्यूरो सर्जन डॉ. शरद पाण्डेय सहित अनेक वरिष्ठ जनों की भी उपस्थिति रही।

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