‘कला संकुल’ में मासिक कला संगोष्ठी का आयोजन सांस्कृतिक उल्लास के साथ
० योगेश भट्ट ० नयी दिल्ली : संस्कार भारती के ‘कला संकुल’ में मासिक कला संगोष्ठी का आयोजन सांस्कृतिक उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम ने विश्व की प्राचीन परंपराओं को समकालीन परिप्रेक्ष्य में जीवंत कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत पंडित पंकज विशाल के सितार वादन इनके साथ संगत पर उस्ताद मुस्तफा हुसैन के तबला वादन ने लय और ताल की जादुई दुनिया रच दी। कृपा तेंडुलकर की कथक नृत्य प्रस्तुति ने दर्शकों को भाव-भंगिमाओं, चरन-कुशलता और आध्यात्मिक ऊर्जा के अनुपम संगम से सराबोर कर दिया। तीनों कलाकारों की प्रस्तुतियों ने भारतीय शास्त्रीय कला की अमर परंपरा को एक बार फिर जीवंत कर दिखाया। मुख्य अतिथि के रूप में संदीप कवीश्वर (संगठन मंत्री, इंटरनेशनल सेंटर फॉर कल्चरल स्टडीज, दिल्ली) ने “विश्व की प्राचीन परंपराएं” विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने इंटरनेशनल सेंटर फॉर कल्चरल स्टडीज के कार्य उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए प्रकृति पूजा, विश्व बंधुत्व एवं प्राचीन परंपराओं की महत्वता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्राचीन समय में विश्व के सभी भागों में अच्छी परंपराएं विकसित हुईं; यह सकारात्मक है कि इनमें ...