मोदी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के साथ मिलेगा रियल वर्ल्ड एक्सपीरियंस
० आशा पटेल ०
जयपुर। राजस्थान के लक्षमणगढ़ स्थित मोदी यूनिवार्सिटी की छात्राओं को अब इंडस्ट्री के साथ कदमताल करते हुए मोदी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के साथ अब मिलेगा रियल वर्ल्ड एक्सपीरियंस । मोदी यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए इंडस्ट्री-अकादमिक सहयोग (Industry-Academia Collaboration) को केंद्र में रखते हुए छात्राओं के लिए नए अवसरों की घोषणा की है।
यह अत्याधुनिक रेजिडेंशियल कैंपस देशभर की छात्राओं को ऐसा शिक्षण वातावरण प्रदान कर रहा है, जहां क्लासरूम लर्निंग को सीधे इंडस्ट्री एक्सपोज़र से जोड़ा गया है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य छात्राओं को केवल नौकरी के लिए नहीं, बल्कि भविष्य के नेतृत्व और इनोवेशन के लिए तैयार करना है।
विश्वविद्यालय में विभित्र क्षेत्रों की अग्रणी कंपनियों और विशेषज्ञों के साथ नियमित रूप से इंडस्ट्री टॉक्स, लाइव प्रोजेक्ट्स, वर्कशॉप और स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित किए जाते हैं। छात्राओं को पढ़ाई के दौरान ही कॉर्पोरेट कल्चर, टेक्नोलॉजी ट्रेंड्स और इंडस्ट्री की वास्तविक चुनौतियों को समझने का अवसर मिलता है। डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, बिजनेस एनालिटिक्स, जर्नलिज्म, डिजाइन, लॉ और हेल्थ साइंसेज जैसे क्षेत्रों में छात्रों को प्रैक्टिकल और प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग पर विशेष फोकस दिया जा रहा है।
विश्वविद्यालय छात्राओं को देश की प्रतिष्ठित कंपनियों में इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के अवसर प्रदान कर रहा है। वहीं परिसर में इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल की जा रही है। छात्राओं को स्टार्टअप आइडियाज पर काम करने, मेंटरशिप प्राप्त करने और इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स के साथ नेटवर्किंग का अवसर मिलता है। विश्वविद्यालय ने 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ शैक्षणिक सहयोग स्थापित किया है, जिससे छात्राओं को विदेशों में रिसर्च, एक्सचेंज प्रोग्राम और इंटर्नशिप के अवसर मिलते हैं।
जयपुर। राजस्थान के लक्षमणगढ़ स्थित मोदी यूनिवार्सिटी की छात्राओं को अब इंडस्ट्री के साथ कदमताल करते हुए मोदी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के साथ अब मिलेगा रियल वर्ल्ड एक्सपीरियंस । मोदी यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए इंडस्ट्री-अकादमिक सहयोग (Industry-Academia Collaboration) को केंद्र में रखते हुए छात्राओं के लिए नए अवसरों की घोषणा की है।
विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ राजीव सिंह एवं कला संकाय के विभागाध्यक्ष डॉ अशोक सिंह राव ने कहा कि विश्वविद्यालय अब केवल डिग्री तक सीमित नहीं, बल्कि छात्राओं को इंडस्ट्री रेडी प्रोफेशनल बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
यह अत्याधुनिक रेजिडेंशियल कैंपस देशभर की छात्राओं को ऐसा शिक्षण वातावरण प्रदान कर रहा है, जहां क्लासरूम लर्निंग को सीधे इंडस्ट्री एक्सपोज़र से जोड़ा गया है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य छात्राओं को केवल नौकरी के लिए नहीं, बल्कि भविष्य के नेतृत्व और इनोवेशन के लिए तैयार करना है।
विश्वविद्यालय में विभित्र क्षेत्रों की अग्रणी कंपनियों और विशेषज्ञों के साथ नियमित रूप से इंडस्ट्री टॉक्स, लाइव प्रोजेक्ट्स, वर्कशॉप और स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित किए जाते हैं। छात्राओं को पढ़ाई के दौरान ही कॉर्पोरेट कल्चर, टेक्नोलॉजी ट्रेंड्स और इंडस्ट्री की वास्तविक चुनौतियों को समझने का अवसर मिलता है। डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, बिजनेस एनालिटिक्स, जर्नलिज्म, डिजाइन, लॉ और हेल्थ साइंसेज जैसे क्षेत्रों में छात्रों को प्रैक्टिकल और प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग पर विशेष फोकस दिया जा रहा है।
विश्वविद्यालय छात्राओं को देश की प्रतिष्ठित कंपनियों में इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के अवसर प्रदान कर रहा है। वहीं परिसर में इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल की जा रही है। छात्राओं को स्टार्टअप आइडियाज पर काम करने, मेंटरशिप प्राप्त करने और इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स के साथ नेटवर्किंग का अवसर मिलता है। विश्वविद्यालय ने 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ शैक्षणिक सहयोग स्थापित किया है, जिससे छात्राओं को विदेशों में रिसर्च, एक्सचेंज प्रोग्राम और इंटर्नशिप के अवसर मिलते हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि इंडस्ट्री स्किल्स और प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस सफलता की असली कुंजी हैं। इसी सोच के साथ मोदी यूनिवर्सिटी छात्राओं को भविष्य के लिए तैयार कर रही है। इस अवसर पर मोदी विश्वविद्यालय की जनसंपर्क और मार्केटिंग अधिकारी प्रियंका खन्ना और एडमिन कविता शर्मा ने भी मीडिया के प्रश्नों के जवाब दिए |
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