पंडित नेहरू के पंचायती राज के सपने को कांग्रेस ने मजबूत किया : डोटासरा

Qutub Mail Correspondent
अजमेर/पुष्कर। संगठन सृजन अभियान के तहत पुष्कर में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के पंचायती राज को लेकर दिए गए योगदान को याद करते हुए कहा कि पंडित नेहरू का सपना था कि देश में लोकतंत्र गांव की पहली सीढ़ी से प्रारंभ हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इस परिकल्पना को आगे बढ़ाते हुए देश में लोकतंत्र को जमीनी स्तर तक मजबूत करने का कार्य किया, जो अपने आप में एक मिसाल है।

डोटासरा ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू की पंचायती राज की परिकल्पना लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण पर आधारित थी, ताकि गांवों में सत्ता सीधे जनता के हाथों में सौंपी जा सके। वे गांवों को केवल प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि राष्ट्रीय विकास और सामाजिक न्याय की मजबूत रीढ़ मानते थे।

उन्होंने कहा कि नेहरू चाहते थे कि पंचायतें कृषि, शिक्षा और स्थानीय अर्थव्यवस्था के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं, जिससे ग्रामीण भारत से गरीबी और असमानता को दूर किया जा सके। उन्होंने याद दिलाया कि 2 अक्टूबर 1959 को प्रधानमंत्री नेहरू ने राजस्थान के नागौर जिले से देश की पहली पंचायती राज व्यवस्था का औपचारिक शुभारंभ किया था।

अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने जिला अध्यक्षों को संबोधित करते हुए महिला सशक्तिकरण में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का दृष्टिकोण “नारी न्याय” और समानता पर आधारित है। पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने तथा महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कानून बनाने का श्रेय कांग्रेस पार्टी को जाता है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना कांग्रेस की प्राथमिकता है। साथ ही उन्होंने संविधान के 106वें संशोधन को महिलाओं के प्रति भाजपा का विश्वासघात बताते हुए कहा कि कांग्रेस सत्ता में आने पर महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में आरक्षण तुरंत लागू करेगी।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने जिला अध्यक्षों को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस संगठन की सबसे बड़ी ताकत उसके कार्यकर्ता और जमीनी स्तर का ढांचा है। उन्होंने कहा कि जिला अध्यक्षों की जिम्मेदारी केवल संगठन चलाने की नहीं, बल्कि आमजन की आवाज बनकर लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने की भी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर कांग्रेस की विचारधारा और जनकल्याणकारी नीतियों को पहुंचाने का आह्वान किया।

राजस्थान महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष सारिका सिंह ने कहा कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने जिला अध्यक्षों से आह्वान किया कि वे संगठन में महिलाओं को अधिक से अधिक अवसर दें तथा उन्हें नेतृत्व की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य करें। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल नारा नहीं, बल्कि कांग्रेस की विचारधारा का मूल आधार है।

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