मुंह, गले, फेफडे, स्तन और गर्भाशय के मुंह के कैंसर की बढ़ रही समस्या

० आशा पटेल ० 
जयपुर। 40 प्रतिशत कैंसर ऐसे होते है जिन्हें बॉडी में डवलप होने से पहले ही उनसे बचा जा सकता है। जरूरत है तो सिर्फ सही जीवन शैली और कैंसर स्क्रीनिंग प्रोग्राम में भाग लेने की। यह कहना है भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ अजय बापना का। डॉ बापना ने बताया कि बेस्ट, सरवाईकल, कोलोरेक्टल, ओरल कैंसर उन कैंसर मे से जिनके रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन यह प्रिवेंटिव कैंसर है। अतः इन कैंसर को बॉडी में डवलप होने से पूर्व ही स्क्रीनिंग के जरीए बचाया जा सकता है।

डॉ अजय बापना ने बताया कि शरीर में अगर कोई भी परेशानी हो तो उसे नजर अंदाज नहीं करके डॉक्टर की सलाह से स्क्रीनिंग करवानी चाहिए। व्यायाम ना करना, जंक फूड का अधिक सेवन, धूम्रपान, शराब का सेवन जैसी आदतें अपनी जीवन शैली में शामिल करने की वजह से युवाओं में कैंसर के केसेज अधिक देखे जा रहे है। पुरूषों में मुंह व गले के कैंसर, लंग कैंसर, बड़ी आंत के कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर और महिलाओं में स्तन और गर्भाशय कैंसर के केसेज तेजी से बढ रहे हैं। आमतौर पर इन कैंसर के रोगी 40 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों में देखे जाते थे, लेकिन पिछले कुछ सालों 20 से 35 वर्ष के युवाओं में इन कैंसर के केसेज सामने आ रहे है।

डॉ अजय बापना ने बताया कि जंक फूड का अधिक सेवन कई तरह के कैंसर का कारण बनता है। पिज्जा, पास्ता, बर्गर जैसे जंक फूड की बजाय, घर में बना खाना ही खाया जाना चाहिए। भोजन में जितना फाइबर (रेशेदार भोजन) होगा, वह उतना ही फायदेमंद होगा। ताजा फल, सब्जियां, मिश्रित अनाज को अपने दैनिक आहार में शामिल करना चाहिए।

सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ शशिकांत सैनी ने बताया कि मुँह या गले में न भरने वाला छाला, कुछ निगलने में दिक्कत होना या आवाज में परिवर्तन, शरीर के किसी भी भाग में गांठ, स्तन में गांठ या आकार में परिवर्तन, लंबे समय तक खांसी या कफ में खून, मलद्वार या मूत्रद्वार में खून आना, मासिक धर्म के अलावा या रजोनिवृत्ति के बाद रक्तस्त्राव, शौच की आदत में परिवर्तन। यह सभी लक्षण कैंसर के शुरुआती लक्षणों में शामिल है। इन लक्षणों को नजर अंदाज करें बगैर चिकित्सक को समय पर दिखाकर लक्षणों के कारण की पहचान करना जरूरी है।

इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर)-नेशनल सेंटर फॉर डिज़ीज़ इंफोर्मेटिक्स एंड रिसर्च (एनसीडीआईआर) की ओर से जारी नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम रिपोर्ट में देशभर में कैंसर के आंकडों में वृद्वि बताई गई। रिपोर्ट में सामने आया कि 2020 में कैंसर के 13.9 लाख मामले सामने थे। ऐसे में 2025 में बढ़कर 15.7 लाख तक पहुंचने की संभावना है। ग्लोबल कैंसर ऑब्जर्वेटरी 2022 के अनुसार इंडिया में नए मामलों में से 32 प्रतिशत केस ब्रेस्ट कैंसर, ओरल और सरवाईकल कैंसर के हैं। महिलाओं में कैंसर के मामले पुरुषों की तुलना में 7,22,138 अधिक हैं, जिनमें से 6,91,178 पुरुष प्रभावित है।

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