महिला नेतृत्व एवं समावेशी विकास से ही विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है : उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी

० आशा पटेल ० 
जयपुर। उपमुख्यमंत्री तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी ने राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर पर केन्द्रीय बजट 2026 आधारित 'माय भारत बजट क्वेस्ट' के अंतर्गत आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में विकसित भारत के लिए महिला नेतृत्व एवं समावेशी विकास पर विषय पर कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम भारत की संसद में पास होने वाला, इसके लिए मैं एक नारी होने के नाते प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करती हूँ।
दिया कुमारी ने कहा कि इस अधिनियम के माध्यम से महिलाओं को समान अवसर मिल सकेंगे। जिससे महिलाएं नीति निर्माण में महिलाओं को सहभागिता का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं की बराबरी अत्यंत महत्वपूर्ण है। महिलाओं के नेतृत्व एवं समावेशी विकास से ही विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ही विकसित राष्ट्र के उक्त लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि केंद्रीय बजट-2026 प्रधानमंत्री के विकसित भारत विजन से प्रेरित है, जिसमें युवाओं और महिलाओं को नीति निर्माण के केंद्र में रखा गया है। उन्होंने कहा कि 'माय भारत बजट क्वेस्ट 2026' युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित एक राष्ट्रीय स्तर यह युवा संवाद कार्यक्रम केंद्रीय बजट 2026 की समझ बढ़ाने और युवाओं को नीति निर्माण में जोड़ने का मंच है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी की यह पहल बजट प्रावधानों को सरल बनाकर युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा कि बजट और योजनाएं सिटिजन सेंट्रिक होनी चाहिए, ताकि आमजन को सीधे लाभ मिल सके।
दिया कुमारी ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सुदृढ़ योजना, नवाचार और समन्वय आवश्यक हैं। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर ही समाज के प्रत्येक वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचाया जाना सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण के लिए संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल देते हुए कहा कि यह राष्ट्र के समग्र विकास के लिए आवश्यक है।

 महिला एवं बाल विकास विभाग की शासन सचिव पूनम ने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश हैं। राष्ट्र निर्माण युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। युवा और महिलाएं खुद में विश्वास रखकर हर मुश्किल का सामना कर सकते हैं।उन्होंने कहा कि महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राजस्थान को 2047 तक विकसित प्रदेश बनाने के लिए लैंगिक समानता अत्यंत आवश्यक है।

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