नारायण सेवा संस्थान में 46वां दिव्यांग एवं निर्धन सामूहिक विवाह समारोह दिल्ली में
० योगेश भट्ट ० नयी दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया की लगभग 16% आबादी किसी न किसी प्रकार की दिव्यांगता के साथ जीवन जी रही है। विकासशील देशों में जब दिव्यांगता के साथ गरीबी और सामाजिक पूर्वाग्रह जुड़ जाते हैं, तो विवाह जैसे सामाजिक संस्कार उनके लिए लगभग असंभव हो जाते हैं। भारत में भी लाखों दिव्यांग युवक-युवतियाँ केवल आर्थिक अभाव, सामाजिक संकोच और भविष्य की असुरक्षा के कारण वैवाहिक जीवन से वंचित रह जाते हैं। इसी वैश्विक और राष्ट्रीय चुनौती के समाधान का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए नारायण सेवा संस्थान 6-7 जून को गोल्डन स्टार बैंक्वेट, रोहिणी डिपो-II, सेक्टर-12, रोहिणी, दिल्ली में 46वां दिव्यांग एवं निर्धन सामूहिक विवाह समारोह आयोजित कर रहा है। जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से चयनित 21 दिव्यांग एवं निर्धन वर-वधू, जोड़ों के रूप में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गृहस्थ जीवन में प्रवेश करेंगे। इन जोड़ों में कोई हाथों से वंचित है, कोई पैरों से, कोई दृष्टिहीन है, तो कोई श्रवण-वाक् बाधित। उल्लेखनीय है कि इनमें से अनेक वर-वधू ऐसे हैं जिनका निःशुल्क ऑपरेशन, कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण, और कौ...