भारतीय अंतर्राष्ट्रीय सहकारी व्यापार मेला 11-13 अक्टूबर तक प्रगति मैदान में


मेले में ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, बेल्जियम, भूटान, ब्राजील, चीन, कोलंबिया, फिजी, जर्मनी, ईरान, इजरायल, जापान, जॉर्डन, केन्या, मलेशिया, मॉरीशस, नेपाल, नाइजीरिया, फिलीपींस, रूस, स्पेन, श्रीलंका, सेनेगल, थाईलैंड, तंजानिया, अमेरिका, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात और वियतनाम के अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा।


यह मेला एनसीडीसी और बैंकॉक स्थित अंतर्राष्ट्रीय संगठन (एनईडीएसी) और भारत के प्रमुख संगठनों (नेफेड, एपीडा, आईटीपीओ आदि) द्वारा संयुक्त रूप से कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय तथा विदेश मंत्रालय की सहायता से आयोजित किया जा रहा है। छह राज्यों/संघशासित प्रदेशों की सरकारें यथा तेलंगाना, हरियाणा, उत्तराखंड, पुड्डुचेरी, मेघालय और गोवा की सरकार आईआईसीटीएफ की साझेदार हैं। आईआईसीटीएफ को इफको, आईपीएल, आमूल, सीडीबी, यूपीएल, एफएओ, एनसीयूआई, एलआईएनएसी, एनएएफसीयूबी, एनएएफएससीओबी, एनसीसीडी आदि के साथ साझेदारी के माध्यम से भी सहायता प्रदान की जा रही है।


पहला भारतीय अंतर्राष्ट्रीय सहकारी व्यापार मेला (आईआईसीटीएफ) 11-13 अक्टूबर तक नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित होगा। भारत के कुल किसानों का 94 प्रतिशत किसान कम से कम किसी एक सहकारी संस्थान के सदस्य हैं, आईआईसीटीएफ का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की संकल्पना को आगे ले जाना और भारत और विदेश में सहकारी संगठनों के बीच व्यापार को बढ़ावा देकर किसानों की आमदनी को दोगुना करना, प्रमुख कृषि उत्पादों तथा ग्रामीण और कृषि समृद्धि को बढ़ाने वाले उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना है। आईआईसीटीएफ ने भारत और विदेश के उद्योग और व्यवसाय से जुड़े घरानों के लिए भारी अवसरों की पेशकश की है ताकि वे मैत्रीपूर्ण संबंध कायम कर सकें, बिजनेस नेटवर्किंग, उत्पाद की सोर्सिंग कर सकें और विभिन्न उत्पादों और सेवा प्रदाताओं के प्रमुख उत्पादकों के साथ बातचीत कर सकें।


इस मेले को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहले से ही भारी समर्थन मिल रहा है। 120 से अधिक भारतीय सहकारी और केन्द्र/राज्य/संघ शासित प्रदेशों के 20 संगठन तथा 6 महाद्वीपों के 35 देशों ने आईआईसीटीएफ में भाग लेने के लिए प्रदर्शनी बूथ खरीदे हैं। 


कृषि निर्यात नीति, 2018 की परिकल्पना के अनुसार कृषि निर्यात को मौजूदा 30 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर वर्ष 2022 तक 60 बिलियन डॉलर तक ले जाने में सहकारी क्षेत्र को चुनौतीपूर्ण भूमिका निभानी होगी। भारतीय सहकारी उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के महत्वपूर्ण मंच के रूप में आईआईसीटीएफ की कल्पना की गई है और इसके तहत प्रदर्शनियों, बी2बी/सी2सी बैठकों, सम्मेलनों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों आदि का आयोजन किया जाएगा। आईआईसीटीएफ कृषि और संबद्ध इकाइयों, सम्पूर्ण मूल्य श्रृंखला, कोल्ड चेन, डेयरी, जिंस, निर्यात, प्रौद्योगिकी, जलवायु के अनुकूल कृषि, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, भंडारण, मशीनरी, ब्रांड का प्रचार, विपणन, सहकारी बैंकिंग, कृषि प्रौद्योगिकी और अन्य विविध प्रकार के क्षेत्रों पर ध्यान केन्द्रित करते हुए देश-विदेश के प्रदर्शकों/विक्रेताओं/खरीददारों को कवर करता है। इस मेले के तहत वैश्विक परिदृश्य में सहकारी व्यापार, कारोबार के विस्तार और वैविध्यकरण, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, सहकारी उत्पादों के लिए गुणवत्ता का मापदंड आदि के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किए जाने की संभावना है।


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