एरोसिटी और तुगलकाबाद के बीच 23.622 किमी की सिल्वर लाइन के लिए 312 मिलियन यूरो का ऑर्डर

० योगेश भट्ट ० 
नयी दिल्ली  - स्मार्ट और सस्टेनेबल मोबिलिटी में वैश्विक स्तर पर अग्रणी एल्सटॉम को दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने दिल्ली मेट्रो चरण के चौथे चरण के विस्तार के लिए 312 मानक गेज मेट्रो कारों के डिजाइन, निर्माण, आपूर्ति, परीक्षण, कमीशन का काम दिया है। यह €312 मिलियन यूरो मूल्य का ऑर्डर है और इसमें शामिल हैं।  मुकुंदपुर - मौजपुर गलियारे पर लाइन 7 के विस्तार (पिंक लाइन 12.558 किमी) और जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम गलियारे पर लाइन 8 के विस्तार (मैजेंटा लाइन 28.92 किमी) के लिए 234 मानक गेज मेट्रो कारों का डिजाइन और निर्माण

एरोसिटी और तुगलकाबाद के बीच 23.622 किमी की सिल्वर लाइन के लिए 78 मानक गेज मेट्रो कारों का डिजाइन और निर्माण, इन 78 कारों का 15 साल का रख-रखाव भी ठेके में शामिल है। एल्सटॉम इस ऑर्डर के लिए अपनी श्रेणी में अग्रणी मेट्रोपोलिस ट्रेनसेट की आपूर्ति करेगा। मेट्रोपोलिस ट्रेनें एक अद्वितीय डिजाइन, कंफीगुरेशन की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करती हैं और सिद्ध व विश्वसनीय घटकों तथा नवाचारों के सही संयोजन के कारण उच्चतम प्रदर्शन सुनिश्चित करती हैं। अपने व्यापक ट्रैक रिकॉर्ड, निम्न जीवनचक्र लागत और यात्री अनुभव पर गहन ध्यान देकर, एल्सटॉम के मेट्रोपोलिस मेट्रो शहरों में विश्वसनीय और आकर्षक मेट्रो सेवाओं के मानक स्थापित करते है। एल्सटॉम ने 800 से अधिक मेट्रो कारों की डिलीवरी दी है जो दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के लिए सेवा में हैं। नई ट्रेनों का निर्माण श्रीसिटी (आंध्र प्रदेश) में एल्सटॉम के सबसे बड़े अर्बन रोलिंग स्टॉक मैन्युफैक्चरिंग साइट पर किया जाएगा, जिसके पास प्रमुख घरेलू और अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं के लिए डिलीवरी का एक मजबूत पोर्टफोलियो है।

इस कामयाबी पर टिप्पणी करते हुए ,एल्सटॉम इंडिया क्लस्टर के प्रबंध निदेशक ओलिवियर लोइसन ने कहा, “दिल्ली एनसीआर दुनिया के सबसे बड़े शहरी समूहों में से एक है। जलवायु परिवर्तन की वास्तविकताओं का सामना करते हुए, ऐसे मेगासिटी को विश्वसनीय और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन समाधान की आवश्यकता है। एल्स्टॉम एशिया की सबसे बड़ी रैपिड ट्रांजिट सिस्टम में से एक, दिल्ली मेट्रो के साथ साझेदारी जारी रखते हुए प्रसन्न है। हमारी ट्रेनों में ऊर्जा की खपत को कम करने के लिए सभी सामग्रियों और कम वजन वाली डिजाइन की उच्च पुनर्चक्रण क्षमता है जो इस क्षेत्र में पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने में बहुत योगदान देगी।  इस समय, दिल्ली मेट्रो नेटवर्क लगभग 391 किलोमीटर का है इसमें 286 स्टेशन हैं। नेटवर्क अब दिल्ली की सीमाओं को पार कर उत्तर प्रदेश में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद, हरियाणा में गुड़गांव, फरीदाबाद, बहादुरगढ़ और बल्लभगढ़ तक पहुंच गया है।

रोलिंग स्टॉक प्रदान करने के अलावा, एल्सटॉम ने अतीत में कई अन्य परियोजनाओं के लिए डीएमआरसी के साथ साझेदारी की है। इनमें डीएमआरसी की रेड लाइन (एल1), (येलो लाइन (एल2), ग्रीन लाइन के लिए ट्रेन नियंत्रण और सिग्नलिंग प्रणाली की आपूर्ति और कमीशनिंग का सफल कार्यान्वयन शामिल है। (एल5), वायलेट लाइन (एल6), पिंक लाइन (एल7) और पहले, दूसरे व तीसरे चरण के दौरान किए गए काम शामिल हैं। एल्सटॉम ने दिल्ली, चेन्नई, लखनऊ, कोच्चि शहरों के लिए भी मेट्रो ट्रेन की डिलीवरी की है और इस समय भोपाल-इंदौर मेट्रो परियोजना, कानपुर-आगरा मेट्रो परियोजना, मुंबई मेट्रो लाइन 3 और भारत की पहली सेमी-हाई-स्पीड रेल नेटवर्क, एनसीआरटीसी-आरआरटीएश जो दिल्ली - गाजियाबाद - मेरठ को जोड़ता है के लिए ट्रेन और सिंगनलिंग की डिलीवरी कर रहा है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

IFWJ के पत्रकारों का सिस्टम के विरुद्ध अनिश्चितकालीन धरना

ईद मिलन एवं सैफी सम्मान समारोह में दिखी एकता की मिसाल,संस्थाओं को किया गया सम्मानित

ईद मिलन एवं सैफी सम्मान समारोह 5 अप्रैल को दिल्ली में

स्वर्ण जयंती पर ‘उत्कर्ष’ अनुशासन, शिष्टाचार और उत्कृष्टता का संगम

फोर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट ने सशक्त नारियों में सिलाई मशीन वितरित की

उत्तराखंडी फिल्म “कंडाली” का पोस्टर विमोचन समारोह दिल्ली में होगा आयोजित

असंगठित श्रमिकों के अधिकारों पर राष्ट्रीय मंथन,सामाजिक सुरक्षा को लेकर उठी आवाज

जयपुर बाल महोत्सव में 15 अप्रैल तक कर सकते है फ्री रजिस्ट्रेशन

30+ स्टार्टअप्स,एक विज़न : हेल्थ एक्सचेंज 2026 से हेल्थ इनोवेशन को नई दिशा

आर्च कॉलेज ऑफ डिज़ाइन का 26वाँ स्थापना दिवस : वूमेन शिल्पियों को एक्सीलेंस अवार्ड