भोजपुरिया बॉक्स ऑफिस पर दो बड़ी फिल्मे

० संवाददाता द्वारा ० 
पटना - बॉलीवुड हो या भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री , अक्सर ही बॉक्स ऑफिस पर दो या दो से ज्यादा फिल्मे टकराती है। कभी-कभी तो एक भारी पड़ जाती है दूसरे पर तो कभी कभी दोनों ही फिल्मे बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने में कामयाब साबित होती है।  25 नवम्बर को भोजपुरिया बॉक्स ऑफिस पर दो बड़ी फिल्मे टकराने जा रही है। जी हाँ फिल्म 'कसम तिरंगा के' और 'लंका में सीता' यह दो बड़ी फिल्मे एक दूसरे के सामने टकराने जा रही है।  फिल्म 'कसम तिरंगा के' इस फिल्म में महानायक रवि किशन,अरविन्द अकेला कल्लू,राकेश मिश्रा और समर सिंह जैसे मशहूर एक्टर और गायक शामिल है तो वही 'लंका में सीता' इस फिल्म में अकेले निसार खान के कंधे पर पूरी फिल्म का भार है। 
एक तरफ फिल्म में मशहूर सितारों का जमावड़ा है तो वही दूसरी तरफ अकेले निसार खान के कंधे पर पूरी फिल्म। अब यह देखना तो काफी दिलस्चप होगा की दर्शको को मनोरंजन कौन सी फिल्म ज्यादा कर पाती है। फिल्म 'कसम तिरंगा के' और 'लंका में सीता' यह दोनों ही फिल्म का कांसेप्ट बिलकुल ही अलग है। दोनों की कहानी एक दूसरे से बिलकुल ही अलग और गाने भी दोनों के अलग तरह के है। अब बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों को कौन सी फिल्म का कॉन्सेप्ट अच्छा लगता है यह तो देखना काफी दिलस्प होगा। फिल्म 'कसम तिरंगा के ' तो इस फिल्म के निर्देशक रवि भूषण है जो हमेशा अपने स्टाइल की फिल्मों के लिए जाने जाते है तो वही फिल्म 'लंका में सीता' के डायरेक्टर सुब्बाराव गोसांग है जो अपने साउथ स्टाइल की फिल्मों के लिए जाने जाते है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

IFWJ के पत्रकारों का सिस्टम के विरुद्ध अनिश्चितकालीन धरना

ईद मिलन एवं सैफी सम्मान समारोह में दिखी एकता की मिसाल,संस्थाओं को किया गया सम्मानित

ईद मिलन एवं सैफी सम्मान समारोह 5 अप्रैल को दिल्ली में

स्वर्ण जयंती पर ‘उत्कर्ष’ अनुशासन, शिष्टाचार और उत्कृष्टता का संगम

फोर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट ने सशक्त नारियों में सिलाई मशीन वितरित की

उत्तराखंडी फिल्म “कंडाली” का पोस्टर विमोचन समारोह दिल्ली में होगा आयोजित

असंगठित श्रमिकों के अधिकारों पर राष्ट्रीय मंथन,सामाजिक सुरक्षा को लेकर उठी आवाज

जयपुर बाल महोत्सव में 15 अप्रैल तक कर सकते है फ्री रजिस्ट्रेशन

30+ स्टार्टअप्स,एक विज़न : हेल्थ एक्सचेंज 2026 से हेल्थ इनोवेशन को नई दिशा

आर्च कॉलेज ऑफ डिज़ाइन का 26वाँ स्थापना दिवस : वूमेन शिल्पियों को एक्सीलेंस अवार्ड