वाधवानी फाउंडेशन द्वारा मीतुल पटेल वाधवानी आंटरप्रेन्यर के अध्यक्ष नियुक्त

० नूरुद्दीन अंसारी ० 
नयी दिल्ली : वाधवानी फाउंडेशन ने  मीतुल पटेल को वाधवानी आंटरप्रेन्यर के अध्यक्ष नियुक्त करने की घोषणा की। वे वाधवानी फाउंडेशन की कमान संभाल कर उद्यम के इकोसिस्टम और छोटे व्यवसायों के विकास की गति बढ़ाएंगे। फाउंडेशन एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में वैश्विक पहंुच बढ़ा रहा है जिसके मद्देनजर इस नियुक्ति का रणनीतिक महत्व है और इसका उद्देश्य फाउंडेशन के मिशन को मजबूत और विस्तृत करते हुए उच्च गुणवत्ता का रोजगार पैदा करना और लाखों लोगों को बेहतर जिन्दगी देना है।

मीतुल इससे पहले माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के स्ट्रैटेजिक ग्रोथ के प्रमुख थे। उन्होंने टेक्नोलाजी सेवा से वंचित बाजारों को यह लाभ देने के लिए जरूरी रणनीतिक साझेदारी और नए प्लेटफॉर्म विकसित करने की जिम्मेदारी निभाई। इस भूमिका से पहले मीटुल माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के सीओओ थे और उनकी देखरेख में माइक्रोसॉफ्ट इंडिया की भारतीय सहायक कंपनी के व्यवसाय और उत्पाद योजना, विपणन और बिक्री कारोंबार सफल रहा। उन्होंने रणनीति परिभाषित करने, निवेश प्रबंधन और संगठन समायोजन की जिम्मेदारी निभाते हुए माइक्रोसॉफ्ट पोर्टफोलियो विकसित करना सुनिश्चित किया जिसका परिणाम उद्यम, सार्वजनिक क्षेत्र, लघु व्यवसाय, उपभोक्ता और पार्टनर सभी सेगमेंट में देखा गया।

फाउंडेशन से जुड़ने की ख्ुाशी जाहिर करते हुए वाधवानी फाउंडेशन में वाधवानी आंटरप्रेन्यर के अध्यक्ष मीतुल पटेल ने कहा, ‘‘वाधवानी फाउंडेशन की टीम के साथ काम करने को लेकर मैं काफी उत्साहित हूं। हम छात्रों में उद्यमी बनने का जोश भर कर उन्हें सक्षम उद्यमी बनाएंगे। उन्हें नए उद्यम स्थापित करने के लिए जरूरी संसाधनों का लोकतंत्रीकरण करेंगे ताकि उद्यमी बनने का उनका सफर आसान हो। साथ ही, छोटे व्यवसाय शुरू करने में उन्हें पूरा समर्थन देंगे। उनकी सामूहिक सफलता के बल पर रोजगार बढ़ा कर किसी तरह गुजर कर रहे लाखों लोगों को बेहतर जिन्दगी देने में मदद करेंगे।’’

फाउंडेशन में मीतुल की नियुक्ति से इसकी कुशल और अनुभवी वैश्विक प्रबंधन टीम मजबूत होगी। मीटुल इकोसिस्टम, टेक्नोलॉजी प्लेटफार्म उपयोग करने का अनुभव साथ लाएंगे और अपने वैश्विक अनुभव से फाउंडेशन को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे। मीतुल पटेल ने बताया, “हम ने पिछले कुछ दशकों में पूरी दुनिया में काफी विकास देखा है। लेकिन इसके बावजूद भारी अनुपात में ऐसे परिवार हैं जो आज भी किसी तरह गुजर-बसर कर रहे हैं। दुनिया की समृद्धि में सभी की साझेदारी के लिए यह जरूरी है कि ग्लोबल साउथ लाखों लोगों के लिए परिवार के भरण-पोषण हेतु जीविका सुनिश्चित किया जाए। ऐसे रोजगार देने में छोटे व्यवसाय सबसे अधिक सक्षम हैं। इससे प्रगति तेज होगी। आज के उद्यमियों में यह संभावना है कि वे इनोवेटिव सॉल्यूशन देकर लोगों को सक्षम बनाएं और सस्ते और टिकाऊ उत्पाद देकर उनकी जरूरतें पूरी करें।’’

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