2025 से ट्रक ड्राइवरों के लिए एसी केबिन अनिवार्य होगा..नितिन गडकरी

० आनंद चौधरी ० 
नई दिल्ली। 
भारत की इकोनॉमी तेजी से आगे बढ़ रही है और ऐसे में परिवहन क्षेत्र में काफी ध्यान देने की जरूरत है। भारी वाहन चालकों की कमी से परिवहन क्षेत्र जूझ रहा है। देश में मौजूद वाहन चालक 14 से 16 घंटे कार्य करते हैं जबकि दूसरे देशों में ट्रक चालकों की कार्य अवधि निर्धारित है। भारत की बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था को देखते हुए निर्यात बढ़ाने के लिए लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने की आवश्यकता है क्योंकि अन्य देशों के मुकाबले भारत में लॉजिस्टिक्स लागत सबसे ज्यादा, तकरीबन 14 से 16 प्रतिशत है। साथ ही उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रत्येक 50 किलोमीटर पर ट्रक चालकों के लिए सुविधा केंद्र बनाए जा रहे हैं।

 केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने, महिंद्रा लॉजिस्टिक्स के एक कार्यक्रम में बताया कि वर्ष 2025 से ट्रक ड्राइवरों के लिए एसी केबिन अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि जब वह मंत्री बने थे तभी उन्होंने ये फैसला लिया था लेकिन तब भारी वाहन निर्माताओं की शिकायत थी, कि इससे वाहनों का निर्माण लागत बढ़ जाएगी। लेकिन इस कार्यक्रम में आने से पहले मैंने उस फाइल पर दस्तखत किए हैं जो 2025 से इसे अनिवार्य बनाएगी।

सरकार ने ये फैसला लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में लागत कम करने, लंबी यात्रा के दौरान चालकों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव कम करने और इसके कारण होने वाले सड़क हादसों को कम करने के लिए लिया है। आगे उन्होंने भारी वाहन चालकों की कार्य परिस्थिति में सुधार की आवश्यकता बताते हुए कहा कि सरकार देश में ज्यादा से ज्यादा ड्राइविंग स्कूल स्थापित करके योग्य चालकों की कमी दूर करने के लिए भी कदम उठाएगी। गडकरी ने कहा कि ट्रक चालकों को लंबी यात्रा के दौरान मौसम की स्थिति में जोखिम कम करने के लिए ये कदम उठाया गया है। ये प्रावधान न केवल चालकों के लिए सुखद अनुभव सुनिश्चित करेगा बल्कि इससे उनका स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा।

परिवहन मंत्री ने कहा कि भारत के परिवहन क्षेत्र में चालकों का महत्वपूर्ण योगदान है और भारत की इकोनॉमी तेजी से आगे बढ़ रही है और ऐसे में परिवहन क्षेत्र में काफी ध्यान देने की जरूरत है। भारी वाहन चालकों की कमी से परिवहन क्षेत्र जूझ रहा है। देश में मौजूद वाहन चालक 14 से 16 घंटे कार्य करते हैं जबकि दूसरे देशों में ट्रक चालकों की कार्य अवधि निर्धारित है। भारत की बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था को देखते हुए निर्यात बढ़ाने के लिए लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने की आवश्यकता है क्योंकि अन्य देशों के मुकाबले भारत में लॉजिस्टिक्स लागत सबसे ज्यादा, तकरीबन 14 से 16 प्रतिशत है। साथ ही उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रत्येक 50 किलोमीटर पर ट्रक चालकों के लिए सुविधा केंद्र बनाए जा रहे हैं।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने महिंद्रा लॉजिस्टिक्स के सौजन्य से चालक समुदाय की गहरी समझ रखने वाले पत्रकार एवं उद्योग जगत के दिग्गज रमेश कुमार द्वारा लिखित पुस्तक "देश चालक' - भारतीय चालकों के सम्मान में एक पुस्तक का अनावरण किया। ये किताब सड़क पर चालकों के जीवन, उनके सामने आने वाली कठिनाइयों, चुनौतियों एवं चालक समुदाय द्वारा किए गए योगदानों को छोटी छोटी कहानियां के जरिए प्रस्तुत करता है। साथ ही महिंद्रा लॉजिस्टिक्स ने ट्रक ड्राइवरों के बच्चों को छात्रवृति देकर समर्थन किया।

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