स्पाउडी ने स्मार्ट फार्मिंग को बढ़ावा देने के लिए स्व-रोजगार महिला समूह ‘सेवा’ से करार किया

० नूरुद्दीन अंसारी ० 
नयी दिल्ली  - वाटर ड्रॉप इनीशिएटिव फेज 2 के तहत सेवा बहनें स्मार्ट फार्मिंग की बेहतरीन प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी। उन्हें सर्टिफाइड स्मार्ट फार्मिंग उद्यमी बनने और इम्पैक्ट सेंटर मैनेजर बन कर किसानों के घर-घर स्मार्ट फार्मिंग तकनीक पहंुचाने का काम संभालने का अवसर मिलेगा। स्पाउडी के सीईओ हेनरिक जोहानसन कहते हैं, “खाद्य उत्पादों की खेती में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। इसलिए हजारों सेवा बहनों तक स्मार्ट खेती की तकनीक पहंुचाने के लक्ष्य से सेवा के साथ यह करार करने की हमें काफी खुशी है।
ग्रीन-टेक इनोवेटर स्पाउडी और दुनिया की सबसे बड़ी स्व-रोजगार महिला संगठन ‘सेवा’ ने भारत की हजारों महिला लघु किसानों को स्मार्ट फार्मिंग शुरू करने योग्य बनाने के लिए 5 साल के एक करार पर हस्ताक्षर किए। इस करार को वॉटर ड्रॉप इनीशिएटिव फेज 2 के तहत आपसी सहयोग पूरा किया जाएगा। यह घोषणा वॉटर ड्रॉप इनीशिएटिव फेज 1 की सफलता देखने के बाद की गई है जिसमें स्पाउडी और सेवा ने भारत के चार राज्यों में जमीनी स्तर पर कार्यरत सेवा सदस्यों को स्मार्ट फार्मिंग टेक्नोलाॅजी और प्रशिक्षण दिया। वॉटर ड्रॉप इनीशिएटिव फेज 1 का संचलान एसएचएल मेडिकल के सहयोग से किया गया था।

वॉटर ड्रॉप इनीशिएटिव के कई साझेदार हैं जो छोटे किसानों के कृषि कार्य में बड़ा बदलाव करते हुए उन्हें स्मार्ट फार्मिंग करने में सक्षम बनाते हैं। इसमें कम पानी में अधिक पैदावार और अधिक मुनाफा लेने का प्रशिक्षण दिया जाता है। सेवा की निदेशिका रीमाबेन नानावटी कहती हैं, “स्मार्ट फार्मिंग अलायंस की वॉटर ड्रॉप इनीशिएटिव सेवा के स्वच्छ आकाश अभियान की तर्ज पर शुरू की गई है, जिसमें हमारा मिशन अधिक से अधिक पर्यावरण अनुकूल रोजगार सृजन करना और भावी पीढ़ी के लिए स्वच्छ हवा, स्वच्छ पानी और स्वच्छ आसमान सुनिश्चित करना है। इससे भारत के गांव-देहात के छोटे किसानों सहित गरीब महिला श्रमिकों को चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी। पर्यावरण अनुकूल आजीविका के अवसर बढ़ेंगे। सेवा एक ग्रीन यूनियन होगा। 

हम सेवा बहनों को बिजनेस वूमन या उद्यमी के रूप में देखते हैं जो वैश्विक खाद्य उत्पादन व्यवस्था में बड़े बदलाव ला सकती हैं। उन्हें स्मार्ट खेती की तकनीक का लाभ लेने के लिए शुरुआती मदद चाहिए जैसा कि किसी भी अन्य उद्यमी के साथ होता है। इसलिए हम चाहते हैं कि लोग बड़े बदलाव की पहल से जुड़ कर अनुदान दें और हम सीएसआर के तहत मदद करने की अपील करते हैं।’’ पूरी दुनिया के खाद्य उत्पादन में एक तिहाई योगदान छोटी जोत वाले किसानों का है और उनमें महिलाओं की बड़ी आबादी है। फिर भी जलवायु परिवर्तन और घटते जल स्तर का बुरा असर सबसे पहले इन किसानों पर पड़ता है। वॉटर ड्रॉप इनीशिएटिव ऐसे ही छोटे किसानों को स्मार्ट फाॅर्मिंग करने योग्य बनाने का प्रयास है, 

ताकि वे न्यूनतम पानी से अधिकतम खाद्य उत्पादन करें, जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करें और आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर और सफल बनें। वॉटर ड्रॉप इनीशिएटिव संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास के लक्ष्यों जैसे कोई गरीबी मुक्त, भूख मुक्त, लैंगिक समानता, स्वच्छ पानी, सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा के अनुरूप है और और इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए साझेदारी करती है।

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