आरामबाग दुर्गा पूजा में दुर्गा के हाथों में हथियार की जगह फूलों को स्थान दिया गया

योगेश भट्ट 0

नई दिल्ली : आरामबाग पूजा समिति दिल्ली में दुर्गा पूजा समारोह का उत्सव भब्य रूप में मनाने के लिए प्रसिद्ध है और अलग पहचान भी रखती है। आरामबाग पूजा समिति ने अपने 35वें पांच दिवसीय पूजा उत्सव के थीम का अनावरण किया है।

इस बार की थीम है – इन सर्च ऑफ ग्रीन अर्थ। यह थीम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में लोगों को प्रेरित करेगी। नई पीढ़ी को हरित पर्यावरण का संदेश देगी। साथ ही यह संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) प्लानेट की सुरक्षा के अनुरूप है।

सन 1988 में आरामबाग पूजा समिति की स्थापना हुई तभी से समिति हमेशा अपनी अद्वितीय दुर्गा पूजा और उसके थीम के माध्यम से समाज में सांस्कृतिक रूप से सामाजिक विषयों को भी उठाती रही है। इस बार समिति, समाज के ज्वलंत, जीवंत और सार्थक मुद्दे क्लाइमेट चेंज और सस्टेनबल जीवन के महत्व को बता रही है।

इससे आप समझ सकते हैं कि आरामबाग पूजा समिति केवल उत्सव ही नहीं बनाती बल्कि विभिन्न सामाजिक मुद्दों जनता के समक्ष उठाकर अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति भी लोगों को जागरूक करती है।

आरामबाग पूजा समिति के अध्यक्ष अभिजीत बोस ने कहा - इस वर्ष हम कोरल जयंति के मौके पर दुर्गा पूजा समारोह में देवी दुर्गा से हरीभरी हरित व स्वस्थ पृथ्वी बनाने के लिए अथक प्रयास करने की प्रतिज्ञा करते हैं। यह हमारी सामाजिक प्रतिबद्धता है कि हम अपनी वर्तमान और भविष्य की पीढ़ी की रक्षा के लिए एक अच्छा स्वस्थ पर्यावरण प्रदान करने का प्रयास करें ताकि सभी स्वच्छ सांस ले सकें।

उस दिशा में हम सभी लगातार काम करें तभी हम पृथ्वी को ठीक से रख पाएंगे। हमारा मानना है कि हमारा यह भव्य उत्सव लोगों को इको-फैंडली तरह से उत्सव मनाने के लिए प्रेरित करेगा ताकि हम पर्यावरण से कार्बन फुटप्रिंट्स को कम करने में सफल हो सकें। हमारा यह मंच लोगों को पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर जागरूक करने का काम करता है।

आगे बोस ने कहा कि दुर्गा के हाथों में हथियारों के स्थान पर फूल देना मानवता को बचाने के लिए एक शांतिपूर्ण दुनिया बनाने का एक संदेश है जहां आतंकवाद, युद्ध और रक्तपात के लिए कोई जगह नहीं है।

आरामबाग पूजा समिति का यह पूजा पंडाल दर्शन के लिए आने वाले सभी लोगों के लिए एक रिमांइडर की तरह है कि हमें अपने दैनिक जीवन में हर उस काम और आदतों को छोड़ना होगा जो हरित पर्यावरण के खिलाफ हैं। पंडाल का भव्य प्रवेश द्वार हमारे कार्यो के, प्रयासों के परिणामों को प्रतिबिंबित करने वाले मिरर की तरह काम करेगा। पंडाल का आगे वाला हिस्सा लोगों को सस्टेनबल

फ्यूचर के लिए अपने व्यवहार का पुनर्मूल्यांकन और उसमें सुधार लाने के लिए प्रेरित करेगा। साथ ही अत्याधिक प्लास्टिक उपयोग से लेकर ऊर्जा की बर्बादी तक पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर विचार करने के लिए गंभीरता से प्रेरित करेगा।

पंडाल में दुर्गा की एक मूर्ती ऐसी है जिसमें दुर्गा के हाथों में युद्ध के हथियारों के बजाय देवी के प्रत्येक हाथ में फूल होंगे। जो विनाशकारी ताकतों पर पर्यावरणीय प्रबंधन की शक्ति का प्रतीक है। देवी दुर्गा की यह आकर्षक मूर्ति सस्टेनबल लीविंग का संदेश देती है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

IFWJ के पत्रकारों का सिस्टम के विरुद्ध अनिश्चितकालीन धरना

ईद मिलन एवं सैफी सम्मान समारोह में दिखी एकता की मिसाल,संस्थाओं को किया गया सम्मानित

ईद मिलन एवं सैफी सम्मान समारोह 5 अप्रैल को दिल्ली में

स्वर्ण जयंती पर ‘उत्कर्ष’ अनुशासन, शिष्टाचार और उत्कृष्टता का संगम

फोर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट ने सशक्त नारियों में सिलाई मशीन वितरित की

उत्तराखंडी फिल्म “कंडाली” का पोस्टर विमोचन समारोह दिल्ली में होगा आयोजित

असंगठित श्रमिकों के अधिकारों पर राष्ट्रीय मंथन,सामाजिक सुरक्षा को लेकर उठी आवाज

जयपुर बाल महोत्सव में 15 अप्रैल तक कर सकते है फ्री रजिस्ट्रेशन

30+ स्टार्टअप्स,एक विज़न : हेल्थ एक्सचेंज 2026 से हेल्थ इनोवेशन को नई दिशा

आर्च कॉलेज ऑफ डिज़ाइन का 26वाँ स्थापना दिवस : वूमेन शिल्पियों को एक्सीलेंस अवार्ड