हाईटेंशन पोल लगाने के खिलाफ लामबंद हुए बवाना क्षेत्र के ग्रामीण

० योगेश भट्ट ० 
नयी दिल्ली - पावरग्रिड कारपोरेशन आफ इंडिया द्वारा प्रभावित किसानों की बिना अनुमति लिए हाईटेंशन पोल गाडने के लिए जमीन खोदने पर विरोध स्वरूप दिल्ली के बवाना विधानसभा क्षेत्र के गांव पंजाब खोड, मुंगेशपुर ओचंदी गांव के किसानों की संघर्ष समिति का धरना पंजाब खोड गांव की उस कृषि भूमि पर सतबीर फौजी की अध्यक्षता में हुआ।
किसानों की मांग है कि एक पोल एक खेत में गड़ जाने से पूरे एक एकड़ खेत की भूमि बेकार हो जाती है। ना उसमें खेती हो सकेगी और ना ही मकान बना सकते हैं। हर समय जान जाने का खतरा बना रहेगा।इसलिए यदि पावरग्रिड कारपोरेशन को पोल गाडने ही हैं तो वह पूरी एक एकड़ भूमि का अधिग्रहण करें और शहरीकृत गांव के सर्कल रेट से किसानों को मुआवजा दे। ठीक इसके उल्ट पावरग्रिड कारपोरेशन के अधिकारियों ने जबरन खेतों में घुस कर पोल गाडने के लिए बड़े बड़े गड्ढे खोल डाले। जिसका पता चलते ही ग्रामीण किसानों में हड़कंप मच गया। 

जब उन्होंने इसका विरोध किया तो किसानों की पुलिस में शिकायत कर दी गई। किसान भगवान सिंह डबास का कहना है कि पावरग्रिड कारपोरेशन महज फसल नष्ट होने भर का नाममात्र का मुआवजा दे रहा है। जिस जमीन पर हाईटेंशन पोल गाडने हैं उसका और बाकी बेकार हुई भूमि का कोई मुआवजा पावरग्रिड कारपोरेशन नहीं दे रहा है। ओचंदी गांव के किसान रामप्रकाश ने बताया कि उनके 82वर्षीय पिताजी जो बीमार हैं औरघर पर ही रहते हैं उनके खिलाफ भी पुलिस कंप्लेंट कर दी। 

 हाईटेंशन लाइन के पोल लगने से किसानों की जिस भूमि का रेट आज 41करोइ रुपये का है वह पोल लगने के बाद उस भूमि की कीमत 4लाख भी नहीं रह जाएगी। इसलिए सब किसान चाहते हैं कि पोल खुशी से लगाओ, कोई ऐतराज नहीं है। बस उनकी पूरे एक एकड़ की भूमि का पहले अधिग्रहण करें और बाजार भाव से उसका भुगतान किसानों को पावरग्रिड कारपोरेशन लिमिटेड कर दे। संघर्ष समिति के अध्यक्ष फौजी सतबीर सिंह ने दिल्ली आदर्श मूल ग्रामीण समाज के अध्यक्ष

 ने प्रधानमंत्री से लेकर डीएम अलीपुर नार्थ दिल्ली तक सभी संबंधित जिम्मेदार लोगों को ज्ञापन दे दिया है। दयानंद वत्स भारतीय ने प्रभावित किसानों से आग्रह किया कि वे केंद्रीय उर्जा मंत्री आर. के सिंह से भी मिल लें और उन्हें सीधे अपनी परेशानी समझाएं ताकि समस्या का सम्मान जनक समाधान हो सके। इस मौके पर बवाना के चौधरी प्रवीन सहरावत नंबरदार रविन्द्र सिंह डबास, समाजसेवी रविन्द्र इंद्राज ने भी किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि स्थानीय प्रशासन और उर्जा मंत्रालय से जन-संवाद जारी रखें।

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