एमएलए गिर्राज को शामिल कर दलित विरोधी सिद्ध हो गई भाजपा

 

० आशा पटेल ० 
जयपुर । दलित इंजिनियर हर्षाधिपति वाल्मीकि पर प्राणघातक हमला करने वाले विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को भाजपा में शामिल करके पार्टी ने साबित कर दिया है कि वह दलित विरोधी पार्टी है और दलित अत्याचारों पर केवल हल्ला मचा कर वोट बटोरने की कोशिश कर रही है. गौरतलब है कि बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को कांग्रेस से टिकट नहीं देने और किसी भी पार्टी में उसे शामिल नहीं करने की माँग राजस्थान के संयुक्त दलित संगठनों की ओर से की जा रही थी, 

अनुसूचित जाति समुदाय की माँग को मानते हुए कांग्रेस ने अब तक टिकट नहीं दे कर यह सन्देश दिया है कि दलितों पर अत्याचार करने वालों के साथ कांग्रेस सख्त रुख अपनायेगी और उनके लिए पार्टी कोई सहानुभूति नहीं दिखायेगी, जबकि भाजपा ने उसे पार्टी में शामिल करके दलित समुदाय को स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पार्टी में दलित अत्याचार करने वालों के लिए स्थान अभी भी सुरक्षित है.

अनुसूचित जाति अधिकार अभियान राजस्थान के संयोजक सत्यवीर सिंह,सह संयोजक ताराचंद वर्मा,लेखक एव चिन्तक भंवर मेघवंशी,दलित मेनिफेस्टो कमिटी के सदस्य सतीश कुमार,डॉ महेंद्र कुमार आनंद,डॉ नवीन नारायण, सहित दलित संगठनों के पदाधिकारियों ने कांग्रेस पार्टी के इस मजबूत निर्णय का स्वागत करते हुए इसे महत्वपूर्ण फैसला बताया है,उन्होंने कहा कि इससे यह स्ट्रोंग मैसेज गया है कि कांग्रेस में दलित वर्ग के साथ अन्याय अत्याचार करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है.

राजस्थान के दलित संगठनों ने संयुक्त रूप से मलिंगा के टिकट काटे जाने की प्रशंसा करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड्गे और राहुल गाँधी का आभार प्रकट किया है.वहीं भाजपा की इस बात के लिए कड़ी आलोचना की है, जिसने समाज के सबसे वंचित, उत्पीड़ित और भेदभाव सहने वाले वाल्मीकि समाज से आने वाले पीड़ित अभियंता हर्षाधिपति वाल्मीकि के ज़ख्मों पर नमक छिड़कने में कोई परहेज़ नहीं करके यह सिद्ध कर दिया है कि वह दलित अत्याचारियों की पक्षधर है.

उल्लेखनीय है कि धोलपुर जिले के बाड़ी विद्युत निगम में कार्यरत इंजिनियर हर्षाधिपति वाल्मीकि पर बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा और उनके साथ आये समाजकंटकों ने हमला करके 22 जगहों से उनकी हड्डियाँ तोड़ दी,घायल दलित इंजिनियर हर्षाधिपति वाल्मीकि का विगत 580 दिनों से हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है,अब भी वे बिस्तर पर हैं और खड़े नहीं हो सकते हैं.ऐसे जघन्य दलित अत्याचार के आरोपी विधायक का टिकट काटने तथा किसी भी पार्टी में नहीं लेने की पुरज़ोर मांग पूरे राज्य से उठ रही है.

गौरतलब है कि अनुसुचित जाति अधिकार अभियान राजस्थान की ओर से 30 दिनों तक सम्पूर्ण राजस्थान में निकाली गई सामाजिक न्याय यात्रा की भी प्रमुख मांग रही कि दलितों पर अत्याचार करने वाले उम्मीदवारों को टिकट नहीं दिया जाये,यह मांग जयपुर में आयोजित हुए जनमंच के दौरान भी उठी तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में जारी हुए दलित घोषणा पत्र के समय भी यह संकल्प लिया गया कि दलित अत्याचार के आरोपी विधायकों व् उम्मीदवारों को टिकट नहीं दिए जाएँ। 

भाजपा का राजस्थान में दलित अत्याचार का राग सिर्फ चुनावी ढकोसला था,वह सिर्फ राजनीतिक लाभ लेने के लिए प्रदेश में दलित अत्याचारों का हल्ला मचा रही है,जबकि अट्रोसिटी करने वाले आरोपियों की भाजपा शरणगाह बन रही है.उन्होनें यह भी कहा है कि प्रदेश में बढे दलित अत्याचारों का अध्ययन किया जाये तो पता चलेगा कि आरोपियों में भाजपा संघ की विचारधारा के समर्थक व् शुभचिंतक लोग दलित अत्याचार में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं,ऐसे में भाजपा को कोई नैतिक अधिकार नहीं रह जाता है कि वह दलित हितैषी होने का ढोंग करे.

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